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    <title>India News Report | Best Digital News Portal | Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें &amp; : Automobile</title>
    <link>https://indianewsreport.in/rss/category/automobile</link>
    <description>India News Report | Best Digital News Portal | Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें &amp; : Automobile</description>
    <dc:language>en</dc:language>
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    <dc:rights>Copyright 2023 India News Report &amp; All Rights Reserved. @Lyrana Motion Pictures Pvt Ltd</dc:rights>
    <item>
        <title>इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अनुसार बढ़ानी होगी बैट्री निर्माण क्षमता, नहीं तो चीन को मिल सकता है बड़ा बाजार</title>
        <link>https://indianewsreport.in/311</link>
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        <description><![CDATA[ <p>पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में भारत में कुल 12.43 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई है जो वर्ष 2021-22 के मुकाबले ढाई गुणा ज्यादा था।</p>
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<p>वित्त मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2030 तक भारत में सालाना एक करोड़<span> </span><strong><a href="https://www.jagran.com/delhi/new-delhi-city-ncr-delhi-electric-vehicle-policy-subsidy-on-electric-vehicles-will-continue-by-delhi-govt-23497137.html" target="_blank" rel="noopener">इलेक्ट्रिक वाहनों</a></strong><span> </span>की बिक्री होगी। लेकिन अगर सरकार इन वाहनों में इस्तेमाल होने वाले बैट्रियों के निर्माण का पूरा तंत्र घरेलू स्तर पर विकसित नहीं कर पाती है तो यह पड़ोसी देश चीन को एक बहुत ही बड़ा बाजार मिल सकता है। भारत के लिए समस्या यह है कि उसके पास फिलहाल इन बैट्रियों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का उत्पादन नहीं हो रहा है। जरूरी खनिजों के खदान भी नहीं है।</p>
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<h2>केंद्र सरकार ने की पीएलआई स्कीम की घोषणा</h2>
<p>केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में वाहनों में इस्तेमाल होने वाले बैट्रियों का निर्माण घरेलू स्तर पर करने के लिए पीएलआइ स्कीम की घोषणा की है, लेकिन उसका बहुत प्रभावकारी असर आने में कुछ वर्ष लग सकते हैं। यह बात उद्योग चैंबर सीआइआइ की तरफ से गठित एक कार्य दल ने अपनी रिपोर्ट में उठाई है और सरकार को कई सुझाव दिए हैं।सीआइआइ से पहले सीईईडब्लू और जीटीआरआइ जैसी कुछ दूसरी घरेलू एजेंसियां भी पिछले कुछ महीनों में इस तरह की बात कर चुकी हैं। सीआइआइ चूंकि देश का सबसे बड़ा उद्योग चैंबर है और उसकी रिपोर्ट कई लिहाज से ज्यादा व्यापक है।</p>
<h2>2030 तक 220 जीडब्लूएच हो जाएगी वाहन बैट्री की मांग</h2>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2022 में भारत में वाहन बैट्री की मांग 20 गीगावाट हावर (जीडब्लूएच- बैट्रियों से उत्पादित बिजली) से बढ़ कर वर्ष 2030 तक 220 जीडब्लूएच हो जाएगी। घरेलू बाजार की इलेक्टि्रक वाहनों की मांग को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर बैट्री निर्माण की भी जरूरत होगी। इनके लिए लिथियम, कोबाल्ट, मैंगनीज और ग्रेफाइट, निकेल व कॉपर जैसे खनिजों की जरूरत होगी। इसमें सबसे जरूरी लिथियम व कोबाल्ट हैं।</p>
<h2>45 फीसद होती है बैट्री की लागत</h2>
<p>इलेक्ट्रिक वाहन की कुल कीमत का 45 फीसद उसकी बैट्री की लागत होती है। घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने से इसकी कीमत भी कम हो सकती है। वित्त मंत्रालय की तरफ से तैयार आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 में कहा गया था कि वर्ष 2030 तक भारत में हर साल एक करोड़ इलेक्ट्रिक वाहन बेचे जाएंगे। आर्थिक कारोबार पर शोध करने वाली एजेंसी जीटीआरआइ की फरवरी, 2023 में जारी रिपोर्ट बताती है कि भारतीय वाहनों के लिए जरूरी बैट्री का 74 फीसद चीन से आता है।</p>
<h2>सीआईआई ने क्या कहा?</h2>
<h2>ये राज्य दे रहे बैट्री निर्माण को बढ़ावा</h2>
<p>शुभ संकेत यह है कि कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिनलाडु और गुजरात जैसे कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर बैट्री निर्माण को बढ़ावा देने की नीति घोषित की है। केंद्र की पीएलआइ स्कीम के तहत भी रिलायंस, राजेश एक्सपोर्ट, ओला जैसी कंपनियों का चयन किया गया है। जापान की तोशिबा और दक्षिण कोरिया की सैमसंग भारत में लिथियम आयन बैट्री के निर्माण में उतरने का ऐलान किया है। अमारा राजा और टाटा केमिकल्स जैसी निजी घरेलू कंपनियां भी इस क्षेत्र में नया निवेश कर रही हैं।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 13 Aug 2023 19:58:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>indianewsreport</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>Mahindra Bolero की बादशाहत कायम, साल 2023 की पहली छमाही में इन फैमिली कारों की रही तगड़ी डिमांड</title>
        <link>https://indianewsreport.in/227</link>
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        <description><![CDATA[ <p>Mahindra Bolero इस कैलेंडर वर्ष की पहली छमाही में 7-सीटर SUVs की बिक्री चार्ट में पहले स्थान पर रही, क्योंकि पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान 45,994 यूनिट्स के मुकाबले इसने साल 2023 की पहली छमाही में 53,812 यूनिट्स दर्ज की हैं, जिसमें 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।</p>
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<p>ये कार लगभग दो दशकों से अधिक समय से मौजूद है और इसका प्रभावशाली प्रदर्शन भारत में अब तक अपनी जबरदस्त पहचान बनाया हुआ है। आइए, अपने इस लेख में साल की पहली छमाही में बिकी टॉप-5 7-सीटर कारों के बारे में जान लेते हैं।</p>
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<h2>Mahindra Bolero की बादशाहत कायम</h2>
<p>महिंद्रा बोलेरो को देश भर में पसंद किया गया है। यही कारण है कि लॉन्चिग के इतने साल बाद भी<span> </span><a href="https://www.jagran.com/automobile/latest-news-what-is-special-about-this-new-limited-edition-of-bolero-23327935.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Mahindra Bolero</strong></a><span> </span>बिक्री के मामले में पहले स्थान पर है। इसके बाद जनवरी और जून 2023 के बीच महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक और स्कॉर्पियो एन की संयुक्त बिक्री 52,036 यूनिट रही। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 22,888 यूनिट के मुकाबले इसमें सालाना आधार पर 127 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।</p>
<p><img width="650" height="300" alt="" class="lazy" src="https://www.jagranimages.com/images/newimg/31072023/Mahindra%20Scorpio%20N.jpg"></p>
<p>आपको बता दें कि वर्तमान में<span> </span><a href="https://www.jagran.com/automobile/latest-news-mahindra-scorpio-n-z2-feature-engine-price-and-more-details-is-it-worth-buy-23414259.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>Mahindra Scorpio N</strong></a><span> </span>की कीमत 13.05 लाख रुपये से शुरू होती है और ये 24.52 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है। ये एसयूवी नई लैडर फ्रेम चेसिस पर आधारित है और 2.2L mHawk टर्बो डीजल और 2.0L mStallion टर्बो पेट्रोल इंजन से शक्ति प्राप्त करती है। दोनों ही पॉवरट्रेन को 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन या 6-स्पीड टॉर्क कनवर्टर ऑटोमैटिक यूनिट के साथ जोड़ा गया है।</p>
<p><img width="650" height="300" alt="" class="lazy" src="https://www.jagranimages.com/images/newimg/31072023/Ertiga(6).jpg"></p>
<h2>Maruti Suzuki Ertiga का तीसरा स्थान</h2>
<p>बिक्री के मामले में<span> </span><a href="https://www.jagran.com/automobile/latest-news-maruti-suzuki-ertiga-mpv-maruti-suzuki-ertiga-mpv-23341629.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>मारुति सुजुकी अर्टिगा</strong></a><span> </span>तीसरे स्थान पर रही और ये 2023 की पहली छमाही में भारत में सबसे अधिक बिकने वाली एमपीवी थी। इस सात-सीटर MPV ने इस साल की शुरुआती छमाही में कुल 49,732 यूनिट बेचीं, जबकि पिछले साल बिकी 68,922 यूनिट के मुकाबले ये 28 फीसदी कम थी। वहीं,Kia Carens टोयोटा इनोवा रेंज से आगे चौथे स्थान पर रही।</p>
<p><a href="https://www.jagran.com/automobile/latest-news-kia-carens-luxury-o-key-points-see-here-23378118.html" target="_blank" rel="noopener"><strong>किआ कैरेंस<span> </span></strong></a>को भारत में फरवरी 2022 में पेश किया गया था और यह बहुत कम समय में लोकप्रिय हो गई। छह और सात सीटों वाले लेआउट में उपलब्ध, कैरेंस ने 2023 की पहली छमाही में कुल 40,771 यूनिट दर्ज कीं, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 30,953 यूनिट थीं, जिसमें सालाना आधार पर 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके बाद टोयोटा इनोवा क्रिस्टा और इनोवा हाइक्रॉस की संयुक्त बिक्री 13 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि के साथ 30,551 यूनिट की तुलना में 34,647 यूनिट रही।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 31 Jul 2023 17:01:54 +0530</pubDate>
        <dc:creator>indianewsreport</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>पूरी स्क्रीन पर नजर आएगा अब Whatsapp मैसेज, मैसेजिंग स्टाइल को लेकर आया नया अपडेट</title>
        <link>https://indianewsreport.in/Whatsapp-Full-width-messaging-interface-For-Android-Beta-Testers</link>
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        <description><![CDATA[ <p><strong><span> </span></strong><strong><a href="https://www.jagran.com/technology/tech-guide-how-to-earn-money-on-instagram-use-these-tips-23467905.html">मेटा<span> </span></a></strong>के पॉपुलर मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप का इस्तेमाल 180 से ज्यादा देशों में किया जाता है। एक बड़े यूजर बेस के साथ कंपनी प्लेटफॉर्म को लगातार अपडेट करती रहती है, ताकि यूजर्स का एक्सपीरियंस प्लेटफॉर्म पर बेहतर बन सके।</p>
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<p>अगर आप भी इस चैटिंग ऐप का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। कंपनी ने अपने एंड्राइड यूजर्स के लिए प्लेटफॉर्म के इंटरफेस को लेकर एक नया बदलाव किया है।</p>
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<h2>वॉट्सऐप के नया इंटरफेस कैसा है?</h2>
<p>दरअसल<span> </span><strong><a href="https://www.jagran.com/technology/apps-whatsapp-introduces-phone-number-privacy-feature-for-android-and-ios-beta-users-23468130.html">वॉट्सऐप<span> </span></a></strong>के हर अपडेट पर नजर रखने वाली वेबसाइट Wabetainfo की एक लेटेस्ट रिपोर्ट में वॉट्सऐप के नए अपडेट की जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक वॉट्सऐप ने कम्युनिटी अनाउंसमेंट ग्रुप में मैसेजिंग स्टाइल को लेकर एक नया बदलाव किया है।</p>
<p></p>
<p>कम्युनिटी अनाउंसमेंट ग्रुप में यूजर्स अब मैसेज को स्क्रीन पर फुल विड्थ के साथ देख सकेंगे। मैसेज के साथ यूजर प्रोफाइल आइकन को भी देख सकेंगे।</p>
<p></p>
<p>नए मैसेजिंग स्टाइल के लिए की इस रिपोर्ट में एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया गया है। मालूम हो कि वॉट्सऐप पर अभी मैसेज बबल को पूरी स्क्रीन पर नहीं देखा जाता है। प्लेटफॉर्म पर मैसेज आधी स्क्रीन पर बैकग्राउंड के साथ नजर आता है। ऐसे में यूजर को कई बार लंबे मैसेज रीड करने में परेशानी आती है। नए अपडेट के साथ लंबे टेक्स्ट को आसानी से रीड किया जा सकेगा।</p>
<h2>कौन-से यूजर्स कर सकते हैं नए अपडेट के साथ ऐप इस्तेमाल</h2>
<p>दरअसल वॉट्सऐप के इस नए अपडेट को शुरुआती फेज में अभी कुछ एंड्रॉइड बीटा टेस्टर्स के लिए लाया गया है। बीटा यूजर्स वॉट्सऐप अपडेट के 2.23.15.4 वर्जन (WhatsApp beta for Android 2.23.15.4 update) के साथ इस मैसेजिंग के अलग स्टाइल देख सकेंगे।</p>
<p></p>
<p>गूगल प्ले स्टोर से ऐप को अपडेट किया जा सकता है। इसके अलावा वॉट्सऐप के एंड्रॉइड यूजर्स के लिए इस नए इंटरफेस को आने वाले नए अपडेट्स के साथ देखा जा सकता है।</p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 12 Jul 2023 09:54:40 +0530</pubDate>
        <dc:creator>indianewsreport</dc:creator>
        <media:keywords>Whatsapp Full width messaging interface For Android Beta Testers</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Mahindra Scorpio&amp;N: महिंद्रा स्कॉर्पियो&amp;एन ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, इस रेगिस्तान में मिली उपलब्धि</title>
        <link>https://indianewsreport.in/mahindra-scorpio-n-महिंद्रा-स्कॉर्पियो-एन-ने-बनाया-गिनीज-वर्ल्ड-रिकॉर्ड-इस-रेगिस्तान-में-मिली-उपलब्धि</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/mahindra-scorpio-n-महिंद्रा-स्कॉर्पियो-एन-ने-बनाया-गिनीज-वर्ल्ड-रिकॉर्ड-इस-रेगिस्तान-में-मिली-उपलब्धि</guid>
        <description><![CDATA[ <p><span>देश की प्रमुख एसयूवी निर्माता कंपनी Mahindra (महिंद्रा) ने एलान किया है कि उसके फ्लैगशिप मॉडल Scorpio-N (स्कॉर्पियो-एन) में दो पेशेवर ड्राइवरों की एक टीम ने आधिकारिक तौर पर "एक प्रॉडक्शन व्हीकल द्वारा Simpson Desert (सिम्पसन रेगिस्तान) को सबसे तेजी से पार करने" के लिए एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड खिताब अपने नाम किया है। इस रिकॉर्ड तोड़ने वाली यात्रा की गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारियों ने पुष्टि की है।</span></p>
<p><span><strong>क्या है रिकॉर्ड</strong><br>Mahindra Scorpio-N (महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन) ने 13 घंटे की समय सीमा के भीतर 1100 रेत के टीलों और 50 डिग्री सेल्सियस के बाहरी तापमान पर पार किया। स्कॉर्पियो-एन को जीन कॉर्बेट (टोटल ड्राइवर) और बेन रॉबिन्सन (4WD इंडस्ट्रीज) ने मिलकर चलाया था। जिन्होंने फोटोग्राफरों और वीडियोग्राफरों की एक टीम के साथ मिलकर इस एचवेंचर से भरपूर सफर का दस्तावेजीकरण किया था।</span></p>
<p><span><strong>सिम्पसन डेजर्ट क्या है</strong><br>सिम्पसन डेजर्ट दुनिया भर के मोटरिंग उत्साही लोगों के लिए एक मनोरम गंतव्य है, और स्कॉर्पियो-एन की उपलब्धि इसके आकर्षण को बढ़ाती है। यहां का लुक, लगातार बदलते परिदृश्य और कई तरह के पेड़-पौधे और जानवर इसे एक असाधारण एक्सपीरियंस बनाते हैं।<br><br>यह रिकॉर्ड-तोड़ यात्रा बर्ड्सविले में सुबह के समय शुरू हुई और अल्कासेल्टजर बोर में खत्म हुई, जो 13 घंटों के भीतर पूरी हुई। 385 किमी लंबी यात्रा के दौरान, स्कॉर्पियो-एन ने समुद्र तल से 20 मीटर ऊपर स्थित नमक के मैदानों पर कामयाबी हासिल की, जो उच्च नमी के कारण एक महत्वपूर्ण चुनौती पेश करते थे।</span></p>
<p><span><strong>महिंद्रा का बयान</strong><br>महिंद्रा के ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और प्रॉडक्ट डेवलपमेंट के अध्यक्ष आर वेलुसामी ने कहा, "यह विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त उपलब्धि न सिर्फ स्कॉर्पियो-एन की असाधारण इंजीनियरिंग और प्रदर्शन क्षमताओं को प्रदर्शित करती है, बल्कि यह हमारी कड़ी मेहनत, समर्पण और कुशल इंजीनियरों की आविष्कारशील भावना का भी सम्मान करती है।" हमारे 'एडवेंचर के लिए निर्मित' लोकाचार के अनुरूप, हमारे इंजीनियरों ने ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को सहजता से इंटीग्रेट करते हुए वर्षों से स्कॉर्पियो ब्रांड को परिभाषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</span></p>
<p><span>उन्होंने आगे कहा, “हालांकि हम इस हालिया प्रशंसा का जश्न मना रहे हैं, हमने हाल ही में अपनी उत्पादन फेसिलिटी से 9 लाख से ज्यादा स्कॉर्पियो को तैयार करके एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जो भारत में एसयूवी श्रेणी बनाने वाले ब्रांड के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा प्राथमिक लक्ष्य बेहतर, एडवेंचर-संचालित प्रामाणिक अनुभव तैयार करना जारी रखना है, जिसे दुनिया भर में स्कॉर्पियो के उत्साही लोग पसंद करते हैं और इसके लिए उत्सुक हैं।''</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 07 Jul 2023 22:36:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Mani Bhushan</dc:creator>
        <media:keywords>Mahindra Scorpio-N</media:keywords>
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