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    <title>India News Report | Best Digital News Portal | Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें &amp; Latest Posts</title>
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    <description>India News Report | Best Digital News Portal | Hindi news, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi, ताजा ख़बरें &amp; Latest Posts</description>
    <dc:language>en</dc:language>
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    <dc:rights>Copyright 2023 India News Report &amp; All Rights Reserved. @Lyrana Motion Pictures Pvt Ltd</dc:rights>
    <item>
        <title>वाराणसी: अंतरराज्यीय साइबर म्यूल अकाउंट गैंग का पर्दाफाश, 5 शातिर गिरफ्तार, 15 मोबाइल और 2 लग्जरी कार बरामद</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA</span> </strong></span><strong><span style="background-color: rgb(0, 44, 255); color: rgb(255, 255, 255);">NEWS</span></strong><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT</span></strong></span></p>
<p><strong> वाराणसी। श्रीमान पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम की पुलिस टीम ने एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर, ट्रांजेक्शन APK फाइल और म्यूल अकाउंट गैंग का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गैंग के 05 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।</strong></p>
<p><strong>पुलिस उपायुक्त अपराध नीतू कादयान, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध नृपेन्द्र और सहायक पुलिस आयुक्त अपराध विनय द्विवेदी के पर्यवेक्षण में हुई इस कार्रवाई में आरोपियों के पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।</strong></p>
<p><span style="background-color: rgb(255, 255, 255); color: rgb(224, 62, 45);"><strong>बरामदगी का विवरण</strong></span></p>
<p><strong>पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्न सामान बरामद किया: -</strong></p>
<ul style="list-style-type: circle;">
<li style="font-weight: bold;"><strong> 15 अदद एंड्रायड मोबाइल फोन </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>03 अदद आईफोन </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>43 अदद एटीएम कार्ड </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>12 अदद पासबुक -</strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>08 अदद चेकबुक </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>11 अदद क्यूआर कोड </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>12 अदद सिम कार्ड </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>01 अदद लैपटॉप </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>01 अदद डायरी </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>नकदी: 12,060 रुपये </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>02 चार पहिया वाहन: महिन्द्रा थार UP 65 FV 0326 और हुंडई आई-20 UP 65 EA 2803</strong></li>
</ul>
<p><span style="background-color: rgb(255, 255, 255); color: rgb(224, 62, 45);"><strong>ऐसे करते थे अपराध Modus Operandi </strong></span></p>
<p><strong>पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह देशभर में सक्रिय साइबर अपराधियों और विदेशी साइबर ठगों को "म्यूल बैंक खाते" उपलब्ध कराने का काम करता था।</strong></p>
<p><strong>गिरोह के सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर और भोले-भाले लोगों को मोटे कमीशन का लालच देकर उनके नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे। इसके बाद खाताधारकों से ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग ID और पासवर्ड लेकर खातों पर पूरा नियंत्रण कर लेते थे।</strong></p>
<p><strong>विदेशी साथियों से मिली ट्रांजेक्शन APK फाइल को खाते से लिंक मोबाइल में इंस्टॉल कराकर बैंक खातों को रिमोट एक्सेस दिया जाता था।</strong></p>
<p><strong>साइबर ठगी से आई रकम पहले इन म्यूल खातों में मंगाई जाती, फिर उसे कई स्तरों पर अन्य खातों में ट्रांसफर कर ठगी को अंजाम दिया जाता था।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>कमीशन पर चलता था पूरा खेल</strong></span></p>
<p><strong>पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि साइबर ठगी की रकम पर उन्हें 08% से 15% तक कमीशन मिलता था। इसी अवैध कमाई से उन्होंने महिन्द्रा थार और हुंडई आई-20 कारें खरीदी थीं और उनकी EMI भी इसी पैसे से भरी जा रही थी।</strong></p>
<p><strong>आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप से बैंक खातों, संदिग्ध चैट, टेलीग्राम कम्युनिकेशन और साइबर लेन-देन के डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इन्हें वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>गिरफ्तार अभियुक्त</strong></span></p>
<p></p>
<ol>
<li style="font-weight: bold;"><strong>आदर्श चौबे पुत्र मिथिलेश चौबे, निवासी रामगढ़, चुनार, मिर्जापुर। हाल पता: वरुणा इन्क्लेव, कैंट, वाराणसी </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>आशीष यादव पुत्र ओमकार यादव, निवासी तोफापुर बिन्दवल, बिलरियागंज, आजमगढ़। हाल पता: वरुणा इन्क्लेव, कैंट, वाराणसी </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>. सुजल सिंह पुत्र विजय सिंह, निवासी कवाल, जनसठ, मुजफ्फरनगर। हाल पता: गणपति इन्क्लेव, सुंदरपुर, वाराणसी </strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>पियूष सिंह पुत्र रामकुवर सिंह, निवासी भीखमपुर, घोसी, मऊ। हाल पता: कबीर नगर, भेलूपुर, वाराणसी</strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>युवराज वर्मा पुत्र आशीष वर्मा, निवासी गांधी नगर, नरिया, लंका, वाराणसी कानूनी कार्रवाई</strong></li>
</ol>
<p></p>
<p><strong>आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में मु0अ0सं0 35/2026 धारा 318(4), 61(2), 112 BNS व धारा 66C, 66D IT एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी की जा रही है।</strong></p>
<p><strong>गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह, निरीक्षक योगेन्द्र प्रसाद, उ0नि0 आलोक सिंह यादव, अभिषेक पाण्डेय, शैलेन्द्र कुमार, विवेक सिंह सहित साइबर क्राइम की पूरी टीम शामिल रही। पुलिस की अपील</strong></p>
<p><strong>साइबर क्राइम पुलिस ने आमजन से अपील की है: - किसी को अपना बैंक खाता, ATM, पासबुक, सिम या इंटरनेट बैंकिंग डिटेल न दें - कमीशन के बदले खाता खुलवाने/उपयोग करने के प्रस्ताव से सतर्क रहें - अज्ञात APK फाइल या SMS फॉरवर्डर ऐप इंस्टॉल न करें - <span style="color: rgb(0, 44, 255);">साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in </span>पर शिकायत दर्ज कराएं</strong></p>
<p><strong>इस गिरोह के भंडाफोड़ से साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क पर वाराणसी पुलिस ने बड़ी चोट की है।</strong></p>
<p><strong>देखे "मैडम सर" आइपीएस (डीसीपी क्राइम ) नीतू कादयान की बाईट- <a href="https://tinyurl.com/4rjuz6zk">https://tinyurl.com/4rjuz6zk</a></strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 20:30:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>PM मोदी का वीडियो हटाने पर IT मंत्रालय ने मेटा को तलब किया, कंपनी ने &amp;quot;गलती&amp;quot; बताकर बहाल किया</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA</span> <span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT</span></strong></span></p>
<p><strong> नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026 फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो ब्लॉक किए जाने के बाद केंद्र सरकार सख्त हो गई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यानी MeitY ने मेटा के ग्लोबल हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी को तलब किया है। क्या हुआ था</strong></p>
<p><strong>23 जुलाई को PM मोदी ने छात्रों और Gen Z प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए एक सेल्फी वीडियो पोस्ट किया था।</strong></p>
<p><strong>इसमें उन्होंने कहा था कि "कल की कैबिनेट मीटिंग में पेपर लीक के खिलाफ सख्त एक्शन का ऐलान किया जाएगा।" यह वीडियो CJP के नेतृत्व वाले मौजूदा विरोध से जुड़ा था।</strong></p>
<p><strong>मंगलवार सुबह करीब 1:25 बजे फेसबुक पर यह वीडियो भारत में इनएक्सेसिबल हो गया। "See Why" नोटिस में लिखा था कि एक लीगल रिक्वेस्ट के जवाब में कंटेंट को रिस्ट्रिक्ट किया गया है। हालांकि किस कानून और किस अथॉरिटी की मांग पर यह हुआ, इसकी जानकारी नहीं दी गई।</strong></p>
<p><strong>मेटा का बयान</strong></p>
<p><strong>विवाद बढ़ने के बाद मेटा ने मंगलवार को सफाई दी।</strong></p>
<p><strong>कंपनी के प्रवक्ता ने कहा:</strong></p>
<p><strong>कंटेंट गलती से हटा दिया गया था और अब उसे फिर से चालू कर दिया गया है।" ANI ने मेटा के बयान को X पर शेयर किया।</strong></p>
<p><strong>सरकार का एक्शन</strong></p>
<p><strong>सूत्रों के अनुसार MeitY ने वीडियो हटाने के बाद मेटा के ग्लोबल हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी को बुलाया और स्पष्टीकरण मांगा है। मंत्रालय यह जानना चाहता है कि बिना स्पष्ट कानूनी प्रावधान बताए कंटेंट को कैसे ब्लॉक किया गया।</strong></p>
<p><strong>वीडियो की पहुंच</strong></p>
<p><strong>PM मोदी का यही वीडियो इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट हुआ था। 24 घंटे में इसे 303 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले, जिससे यह इंस्टाग्राम की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली रील बन गई। पुराना रिकॉर्ड 300 मिलियन था। अब तक इस रील को करीब 396 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं।</strong></p>
<p><strong>नरेंद्र मोदी 105 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स के साथ इंस्टाग्राम पर दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले राजनीतिक नेता हैं।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>साभार: सरकारी सूत्र, ANI, बिजनेस स्टैंडर्ड</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 04:04:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>45 मिनट का भाषण नहीं, 30 सेकंड की रील: डिजिटल युग में बदल गई आंदोलनों की तस्वीर</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA</span> <span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT</span></strong></span></p>
<p><em><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>एक सोच- एक सच -कुलदीप बरनवाल-मंगलवार 28 जुलाई 2026</strong></span></em></p>
<p><strong> वाराणसी/उत्तर प्रदेश/दिल्ली/बिहार 27 जुलाई 2026। डिजिटल क्रांति ने भारत में विरोध प्रदर्शनों और जन आंदोलनों का चेहरा पूरी तरह बदल दिया है। कभी जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को मनवाने के लिए बड़े-बड़े टेंट लगते थे, लाउडस्पीकर पर घंटों लंबे भाषण होते थे और हफ्तों तक भीड़ जुटी रहती थी। लेकिन आज वही आंदोलन एक नए रूप का गवाह बन रहा है — जहाँ आंदोलन की कमान सोशल मीडिया रील और शॉर्ट वीडियो के हाथों में है। वर्तमान में चल रहे CJP (COCKROACH JANTA PARTY) छात्र आंदोलन में यह बदलाव सबसे ज्यादा साफ देखा जा रहा है। यहाँ विरोध का एक बिल्कुल अनोखा और अतरंगी रूप सामने आ रहा है।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">भाषणों का दौर हुआ पुराना</span></strong></p>
<p><strong>समय की कमी के कारण आज की पीढ़ी के पास लंबे भाषण सुनने का धैर्य नहीं बचा है। 30 सेकंड की रील सीधे मुद्दे की बात करती है और तुरंत युवाओं को आकर्षित करती है। बैकग्राउंड म्यूजिक और सटीक विजुअल्स के साथ बनी रील्स सीधे लोगों के दिलों पर असर डाल रही हैं।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>CJP छात्र आंदोलन: हँसी, अचरज और वायरल रील्स</strong></span></p>
<p><strong>CJP छात्र आंदोलन के दौरान व अब भी सोशल मीडिया पर ऐसी अजीबोगरीब रील्स लगातार सामने आ रही हैं, जिन्हें देखकर पूरा देश एक तरफ हँस रहा है तो दूसरी तरफ हैरान भी है।</strong></p>
<p><strong>गंभीर मुद्दों को छात्र मजाकिया मीम्स, फनी ऑडियो और एक्टिंग रील्स के जरिए उठा रहे हैं। तख्तियां लेकर नारे लगाने के बजाय छात्र कैमरे के सामने अजीबोगरीब डांस स्टेप्स, ट्रेंडी रील्स चैलेंज और थियेट्रिकल परफॉर्मेंस कर रहे हैं। देश यह देखकर हैरान है कि कैसे एक गंभीर छात्र आंदोलन को सोशल मीडिया के 'लाइक और शेयर' वाले दौर में पूरी तरह एंटरटेनिंग बना दिया गया है।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>जंतर-मंतर से स्मार्टफोन तक का सफर</strong></span></p>
<p><strong>जंतर-मंतर हमेशा से देश की आवाज उठाने का केंद्र रहा है, लेकिन अब इसकी गूंज केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। एक छोटा सा वीडियो देखते ही देखते देश के कोने-कोने में पहुंच जाता है। अब आंदोलन में शामिल होने के लिए शारीरिक रूप से मौजूद होना जरूरी नहीं, एक 'शेयर' या 'रीट्वीट' भी समर्थन की बड़ी ताकत बन चुका है। रील्स और शॉर्ट्स के जरिए स्कूल-कॉलेज जाने वाले वो युवा भी आंदोलनों से जुड़ रहे हैं जो पहले राजनीति से दूर रहते थे।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>बदल गई आंदोलन की रणनीति</strong></span></p>
<p><strong>आधुनिक आंदोलनों के रणनीतिकार अब पारंपरिक नारों से ज्यादा ट्रेंडिंग हैशटैग और क्रिएटिव रील्स पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कम शब्दों में, बिना किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखना ही नए भारत का नया विरोध प्रदर्शन बन चुका है। CJP /छात्र आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि कैसे तकनीक और सोशल मीडिया ने लोकतंत्र में अपनी बात रखने और ध्यान खींचने के तरीके को एक नया, अतरंगी और बेहद असरदार रूप दे दिया है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 02:07:48 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी: 19 जुलाई की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जांच पूरी होने तक मुकदमे वापस न हों — अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1399</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>"19 जुलाई की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जांच पूरी होने तक मुकदमे वापस न हों —"</strong></span></p>
<p><strong> अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी वाराणसी, 27 जुलाई 2026- दी बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं भाजपा विधि प्रकोष्ठ–काशी क्षेत्र के संयोजक अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने जंतर-मंतर, नई दिल्ली में CJP द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने से पहले संबंधित किसी भी मुकदमे को वापस न लिया जाए।</strong></p>
<p><strong>त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रहित, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।</strong></p>
<p><strong>19 जुलाई को ही दी थी सूचना</strong></p>
<p><strong>अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने 19 जुलाई 2026 को ही माननीय उपराज्यपाल, दिल्ली को विस्तृत प्रार्थना-पत्र भेजकर इस प्रकरण की गंभीरता से अवगत कराया था। पत्र में उन्होंने धरना-प्रदर्शन की वैधानिक अनुमति, अनुमति की शर्तों का पालन, आयोजकों की भूमिका, संगठन की विधिक स्थिति, वित्तीय स्रोत और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग की थी। साथ ही यदि कोई विधि-विरुद्ध गतिविधि हुई हो तो उसकी उच्चस्तरीय जांच और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में SIT गठित करने का अनुरोध भी किया गया था।</strong></p>
<p><strong>त्रिपाठी के अनुसार उपलब्ध आधिकारिक ई-मेल अभिलेखों से स्पष्ट है कि उनके प्रार्थना-पत्र पर राजनिवास स्तर पर कार्रवाई हुई। यह पत्र उपराज्यपाल सचिवालय के विभिन्न अधिकारियों से होता हुआ *Deputy Secretary (Home/Police), LG Secretariat* द्वारा दिल्ली पुलिस आयुक्त को आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रेषित किया गया।</strong></p>
<p><strong>"समय पर कार्रवाई होती तो क्या टल सकती थीं बाद की परिस्थितियां?"</strong></p>
<p><strong>उन्होंने सवाल उठाया कि यदि 19 जुलाई को दी गई सूचना पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो क्या बाद में उत्पन्न हुई परिस्थितियों को टाला जा सकता था। यह भी जांच का महत्वपूर्ण विषय होना चाहिए और इसके लिए उत्तरदायित्व तय किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।</strong></p>
<p><strong>27 जुलाई को राष्ट्रपति, गृह मंत्री को भेजा दूसरा पत्र अधिवक्ता त्रिपाठी ने बताया कि *27 जुलाई 2026* को उन्होंने एक और विस्तृत प्रार्थना-पत्र माननीय राष्ट्रपति, केंद्रीय गृह मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजा है। इसमें उन्होंने स्पष्ट अनुरोध किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी मुकदमे को वापस न लिया जाए।</strong></p>
<p><strong>पत्र में पूरे घटनाक्रम, संभावित हिंसा, वित्तीय सहयोग, आयोजकों की भूमिका, डिजिटल साक्ष्यों और कथित भड़काऊ भाषणों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से उन्हें सूचना मिली है कि इस प्रार्थना-पत्र को संबंधित विभाग के मंत्री *श्री आशीष सूद* के कार्यालय को परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु अग्रेषित किया गया है।</strong></p>
<p><strong>"शांतिपूर्ण विरोध अधिकार है, पर कानून उल्लंघन की जांच जरूरी" त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन यदि किसी स्तर पर कानून का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। जांच में दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई हो और यदि कोई अनियमितता न मिले तो उसे भी अभिलेखित किया जाए।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस से आग्रह किया कि उपलब्ध *वीडियो, ऑडियो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण* कराया जाए और दोषियों के विरुद्ध विधि के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।</strong></p>
<p><strong>"राष्ट्रहित सर्वोपरि है। भारत की एकता, अखंडता, सार्वजनिक शांति और कानून के शासन से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता," त्रिपाठी ने कहा।</strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 00:28:42 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Draft Advocates Bill 2026 पर व्यापक संवाद जरूरी: शशांक शेखर त्रिपाठी</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1398</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p><strong>वाराणसी, 27 जुलाई 2026। दी बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं भाजपा विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के संयोजक अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने Draft Advocates (Amendment) Bill, 2026 पर चिंता जताते हुए केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि इस विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले देशभर के अधिवक्ताओं और बार संस्थाओं से व्यापक संवाद किया जाए।</strong></p>
<p><strong>श्री त्रिपाठी ने कहा कि विधि व्यवसाय में पारदर्शिता और सुधार का स्वागत है, लेकिन अधिवक्ता सिर्फ एक पेशेवर वर्ग नहीं बल्कि न्यायपालिका के अभिन्न अंग हैं।</strong></p>
<p><strong>संविधान और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा में अधिवक्ताओं की भूमिका को देखते हुए उनसे जुड़े किसी भी संशोधन से पहले सभी पक्षों से चर्चा आवश्यक है।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने पत्र में कहा कि प्रस्तावित विधेयक में नामांकन शुल्क में अत्यधिक वृद्धि, अनुशासनात्मक शक्तियों के विस्तार और अन्य नियामकीय प्रावधानों को लेकर अधिवक्ता समुदाय में असंतोष है। उनके मुताबिक सुधार ऐसे होने चाहिए जो अधिवक्ताओं की गरिमा, स्वतंत्रता और पेशेवर स्वायत्तता को बनाए रखते हुए न्याय व्यवस्था को मजबूत करें।</strong></p>
<p><strong>शांक शेखर त्रिपाठी ने आग्रह किया कि विधेयक को अंतिम रूप देने से पूर्व बार काउंसिल ऑफ इंडिया, सभी राज्य बार काउंसिलों, बार एसोसिएशनों, वरिष्ठ-युवा अधिवक्ताओं और विधि विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएं। इससे अधिनियम अधिक व्यावहारिक, न्यायसंगत और सर्वस्वीकार्य बन सकेगा।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने विश्वास जताया कि भारत सरकार अधिवक्ता समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए संतुलित और सर्वहितकारी निर्णय लेगी।</strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 00:03:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Baby Boomers से Gen Beta तक: जानिए 1946 से 2039 तक पैदा हुई हर पीढ़ी की पूरी कहानी,और ZEN&amp;Z कौन है क्यों कहते है ZEN&amp;Z ??</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><em><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA </span><span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT</span></strong></span></em></p>
<p style="text-align: center;"><strong> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45); color: rgb(255, 255, 255);">ZEN-Z जानिये कॉन है और क्यों कहा जाता है ZEN-Z</span></strong></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>समय के साथ बदलती सोच: Baby Boomers से Gen Beta तक, जानिए हर पीढ़ी की कहानी</strong></span></p>
<p><strong>समाज में हर 15 से 20 साल बाद सोच, तकनीक और जीवनशैली पूरी तरह बदल जाती है। इसी बदलाव को समझने के लिए समाजशास्त्री और आम लोग "पहले की पीढ़ी" और "आने वाली पीढ़ी" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। जन्म का साल सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि उस दौर की घटनाएं, टेक्नोलॉजी और मूल्यों की पहचान भी बन जाता है।</strong></p>
<p><strong>दुनिया भर में पीढ़ियों को उनके जन्म वर्ष और उस समय की बड़ी घटनाओं के आधार पर बांटा गया है। आइए जानते हैं आज की 6 मुख्य पीढ़ियां और उनकी खासियतें।</strong></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><em><strong>पीढ़ियों का पूरा वर्गीकरण</strong></em></span></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">1. बेबी बूमर्स Baby Boomers: 1946 – 1964</span></strong></p>
<p><strong>दूसरे विश्व युद्ध के बाद पैदा हुई यह पीढ़ी मेहनत, अनुशासन और स्थिरता में भरोसा रखती है। इनके लिए सरकारी नौकरी, घर और बचत जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियां थीं। चिट्ठी, रेडियो और लैंडलाइन फोन इसी दौर की पहचान हैं।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>2. जनरेशन एक्स Gen X: 1965 – 1980</strong></span></p>
<p><strong>इन लोगों ने कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी की शुरुआत अपनी आंखों से देखी। Gen X को "लैचकी पीढ़ी" भी कहा जाता है क्योंकि ये आत्मनिर्भर और व्यावहारिक हैं। नौकरी और परिवार के बीच संतुलन बनाना इन्होंने सीखा।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>3. मिलेनियल्स Gen Y: 1981 – 1996</strong></span></p>
<p><strong>ये आखिरी पीढ़ी है जिसने बिना इंटरनेट वाला बचपन और इंटरनेट वाला जवानी दोनों देखा। मिलेनियल्स ने "वर्क-लाइफ बैलेंस" का कॉन्सेप्ट लोकप्रिय किया। करियर के साथ घूमना, नया सीखना और अनुभव को पैसे से ऊपर रखना इनकी सोच है।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>4. जनरेशन जेड Gen Z / Zoomers: 1997 – 2012</strong></span></p>
<p><strong>पहली पूरी तरह डिजिटल पीढ़ी। स्मार्टफोन, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और गूगल के साथ बड़े हुए। Gen Z मानसिक स्वास्थ्य, फ्रीलांसिंग, पर्यावरण और सोशल मुद्दों पर सबसे ज्यादा आवाज उठाती है। इनके लिए स्थिर नौकरी से ज्यादा आजादी मायने रखती है।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>5. जनरेशन अल्फा Gen Alpha: 2013 – 2024</strong></span></p>
<p><strong>ये मिलेनियल्स के बच्चे हैं। पैदा होते ही इन्हें टैबलेट, वॉइस असिस्टेंट और AI का माहौल मिला। पढ़ाई भी यूट्यूब और ऐप से शुरू होती है। ये अब तक की सबसे टेक-सेवी पीढ़ी मानी जा रही है।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>6. जनरेशन बीटा Gen Beta: 2025 – 2039</strong></span></p>
<p><strong>अभी-अभी शुरू हुई बिल्कुल नई पीढ़ी। ये उस दुनिया में बड़ी होंगी जहां AI, रोबोटिक्स और क्लाइमेट चेंज रोजमर्रा का हिस्सा होंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि इनकी सोच और भी ज्यादा ग्लोबल और समस्या-समाधान वाली होगी।</strong></p>
<p><span style="background-color: rgb(255, 255, 255); color: rgb(224, 62, 45);"><strong>पीढ़ियों में इतना फर्क क्यों आता है</strong></span></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">1. तकनीक का बदलाव-</span> बूमर्स और Gen X ने पत्र और लैंडलाइन से शुरुआत की, जबकि Gen Z और Alpha ने टचस्क्रीन और हाई-स्पीड इंटरनेट के साथ आंखें खोलीं।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">2. सोच और प्राथमिकताएं- </span>पहले की पीढ़ियां नौकरी की सुरक्षा और भविष्य की बचत पर फोकस करती थीं। आज की युवा पीढ़ी मानसिक शांति, उद्देश्य और सामाजिक प्रभाव को ज्यादा तरजीह देती है।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">3. वैश्वीकरण</span>- इंटरनेट ने दुनिया को एक कमरा बना दिया। आज लखनऊ का एक छात्र कोरिया का संगीत और ब्राजील का फैशन एक ही दिन में अपना लेता है। इसी वजह से Gen Z और Alpha की सोच सबसे ज्यादा ग्लोबल है।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>निष्कर्ष</strong></span></p>
<p><strong>यह वर्गीकरण किसी को अच्छा या बुरा साबित करने के लिए नहीं है। इसका मकसद सिर्फ इतना है कि हम समझें कि समय के साथ इंसान कैसे बदलता है। दादा-दादी की डायरी, माता-पिता का कंप्यूटर और बच्चों का AI, तीनों अलग हैं लेकिन एक ही कहानी के हिस्से हैं।</strong></p>
<p><strong>आप किस पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं और आपको अपनी पीढ़ी की सबसे बड़ी खासियत क्या लगती है?</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 04:25:48 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी में एटीएम में प्लेट लगाकर ठगी करने वाले 6 शातिर गिरफ्तार, 39,800 रुपये बरामद</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1396</link>
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        <description><![CDATA[ <p>                     INDIA NEWS REPORT </p>
<p>वाराणसी, 26 जुलाई 2026 </p>
<p>भेलूपुर पुलिस ने एटीएम मशीनों में लोहे की प्लेट लगाकर लोगों से पैसे ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बीएचयू कॉलोनी बैजनत्था बिरदोपुर के पास से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 39,800 रुपये नगद, घटना में इस्तेमाल 4 लोहे की प्लेटें, 1 सफेद टेप और 1 काला मोटा कागज भी बरामद हुआ है।</p>
<p></p>
<p>पुलिस आयुक्त के निर्देश पर काशी जोन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण और एसीपी भेलूपुर व प्रभारी निरीक्षक दुर्गा सिंह के नेतृत्व में भेलूपुर थाना टीम ने घेराबंदी कर सभी को दबोचा।</p>
<p></p>
<p>ऐसे देते थे ठगी को अंजाम</p>
<p>पुलिस के अनुसार <strong>आरोपी एटीएम के कार्ड स्लॉट में लोहे की प्लेट और कागज चिपका देते थे। जब लोग पैसे निकालने आते और कार्ड फंस जाता, तो ये लोग मदद के बहाने आकर एटीएम कार्ड बदल देते या पिन देख लेते थे। बाद में खाते से पैसे निकाल लिए जाते थे।</strong></p>
<p></p>
<p>भेलूपुर थाने में एक पीड़ित की शिकायत पर मु0अ0सं0- 0447/2026 धारा 318(4)/303(2) बीएनएस व बढ़ोत्तरी धारा 317(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया था।</p>
<p></p>
<p>गिरफ्तार आरोपियों के नाम</p>
<p>1. आदर्श कुमार पुत्र पवन कुमार, निवासी झाडीरामपुर थाना मलवा, फतेहपुर, उम्र 24 वर्ष</p>
<p>2. सचिन कुमार पुत्र रावेन्द्र सिंह, निवासी झाडीरामपुर थाना मलवा, फतेहपुर, उम्र 18 वर्ष</p>
<p>3. अभय राजपूत पुत्र देवी प्रसाद, निवासी बरी गोविन्दपुर थाना मलवा, फतेहपुर, उम्र 21 वर्ष</p>
<p>4. राजकुमार पुत्र किशन पाल, निवासी झाडीरामपुर थाना मलवा, फतेहपुर, उम्र 19 वर्ष</p>
<p>5. हिमांशु सिंह पुत्र दिनेश सिंह, निवासी ग्राम विसुईसराय थाना हदगाम, फतेहपुर, उम्र 20 वर्ष</p>
<p>6. प्रिंस कुमार पुत्र धर्मेन्द्र, निवासी झाडी रामपुर थाना मलवा, फतेहपुर, उम्र 19 वर्ष</p>
<p></p>
<p>पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी प्रिंस कुमार का पहले भी फतेहपुर के मलवां थाने में मु0अ0सं0 0393/2025 धारा 318(4) बीएनएस में मुकदमा दर्ज है।</p>
<p></p>
<p>बरामद सामान</p>
<p>- 39,800 रुपये नगद</p>
<p>- 4 लोहे की प्लेटें</p>
<p>- 1 सफेद टेप</p>
<p>- 1 काले रंग का मोटा कागज</p>
<p></p>
<p>गिरफ्तारी टीम</p>
<p>इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दुर्गा सिंह, उ0नि0 अनुज सिंह, उ0नि0 सूर्यभान, उ0नि0 संदीप सिंह, का0 श्यामू, का0 विवेक कुमार, का0 विनय कुमार, का0 सूरज भारती, का0 रंगबहादुर सिंह, का0 विष्णु प्रताप सिंह और का0 अश्वनी सर्विलान्स सेल शामिल रहे।</p>
<p></p>
<p>पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर अन्य एटीएम ठगी की घटनाओं में इनकी संलिप्तता भी खंगाल रही है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 17:13:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>कुलदीप बरनवाल</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>2 विधायकों के पुराने पेपर लीक मामले में प्रभावी पैरवी की मांग, आज़ाद अधिकार सेना ने CM को लिखा पत्र</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1395</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></p>
<p style="text-align: center;"><strong>कुलदीप बरनवाल</strong></p>
<p> लखनऊ। पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दो विधायकों से जुड़े पेपर लीक मामलों में प्रभावी और निष्पक्ष पैरवी की मांग की है।</p>
<p>अमिताभ ठाकुर ने पत्र में <strong>सुभासपा विधायक बेदी राम और निषाद पार्टी विधायक विपुल दुबे से संबंधित मामलों का जिक्र किया</strong>। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के मद्देनजर लगभग दो दशकों से लंबित इन पुराने मामलों का भी उतनी ही गंभीरता से निष्पादन जरूरी है।</p>
<p><strong>क्या है मामला</strong>?</p>
<p>पत्र में 2006 के <strong>रेलवे भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण </strong>का उल्लेख किया गया है जो लखनऊ न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में बेदी राम और विपुल दुबे सहित अन्य अभियुक्तों के खिलाफ अभियोजन लंबित है। इसके अलावा बेदी राम के खिलाफ प्रश्नपत्र लीक से जुड़े अन्य आपराधिक मामले भी विभिन्न स्तरों पर लंबित बताए गए हैं।</p>
<p>अमिताभ ठाकुर ने राज्य सरकार से मांग की है कि:  </p>
<p>1. <strong>वरिष्ठ स्तर पर नियमित समीक्षा</strong> की जाए  </p>
<p>2. <strong>सक्षम लोक अभियोजकों</strong> द्वारा प्रभावी पैरवी सुनिश्चित हो  </p>
<p>3. <strong>सतत निगरानी</strong> रखी जाए ताकि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और मामला विधि के अनुसार आगे बढ़े</p>
<p>उन्होंने कहा कि नए पेपर लीक मामलों पर सरकार की सख्ती तभी सार्थक होगी जब पुराने मामलों में भी दोषियों को सजा मिले।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 14:51:40 +0530</pubDate>
        <dc:creator>कुलदीप बरनवाल</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>NEET पेपर लीक: Gen Z ने मीम और रील से बदल दिया आंदोलन का फॉर्मूला, सरकार झुकी</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1394</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1394</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA </span><span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT </span></strong></span></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><em><strong>NEET-UG पेपर लीक के बाद Gen Z ने आंदोलन का पूरा फॉर्मूला बदल दिया। न कोई नेता, न नारे। सिर्फ मीम, रील और "Cockroach Janta Party" का बैनर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर "Trust me vro" वाले पोस्टर और वाटर कैनन के नीचे रेन डांस हुआ। पटना में छात्र "जन गण मन" गाकर लाठीचार्ज का जवाब दे रहे थे और बैरिकेड उठाकर ले जा रहे थे। इस डिसेंट्रलाइज्ड, लीडरलेस और हास्य-आक्रोश वाले आंदोलन के दबाव में शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। विदेशी मीडिया ने भी इसे "सबसे नॉन-सीरियस दिखने वाला लेकिन सबसे असरदार आंदोलन" बताया।</strong></em></span></p>
<p><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">दिल्ली/लखनऊ/पटना</span>: भारत में NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद जो छात्र आंदोलन शुरू हुआ, उसने पिछले सभी विरोध प्रदर्शनों के फॉर्मूले को ही बदल दिया। इस बार सड़क पर न कोई बड़ा नेता था, न पारंपरिक नारे। था तो सिर्फ मीम, रील, इंटरनेट स्लैंग और "कॉकरोच जनता पार्टी" का बैनर।</strong></p>
<p><strong>Gen Z, यानी 1997 के बाद पैदा हुई पीढ़ी, ने विरोध को एक 'फन एक्टिविटी' में बदल कर पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है।</strong></p>
<p><strong>1. दिल्ली जंतर-मंतर: नारे नहीं, मीम्स पारंपरिक आंदोलनों से हटकर ये प्रदर्शन पूरी तरह डिजिटल भाषा में हुआ।</strong></p>
<p><strong>- नाम ही मीम बन गया</strong></p>
<p><strong>चीफ जस्टिस की बेरोजगार युवाओं पर कथित टिप्पणी के बाद छात्रों ने खुद को "Cockroach Janta Party" यानी CJP कहना शुरू कर दिया। यही नाम आंदोलन का पोस्टर बॉय बन गया।</strong></p>
<p><strong>- पोस्टर की भाषा- "मुर्दाबाद" की जगह पोस्टरों पर "Trust me vro" और "वास्ते गुना हुइया" जैसे वायरल ट्रेंड छाए रहे।</strong></p>
<p><strong>- लीडरलेस संगठन: कोई एक चेहरा नहीं। पूरा आंदोलन इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप से चला। जो छात्र जंतर-मंतर नहीं पहुंच सके उन्होंने फूड डिलीवरी ऐप से वहां खाना भिजवाया। इंटरनेट बंद हुआ तो ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप्स से कम्युनिकेशन किया।</strong></p>
<p><strong>- रचनात्मक विरोध: पुलिस ने वाटर कैनन चलाया तो छात्र उसके नीचे रेन डांस करने लगे। बैरिकेड्स पर फोन टिकाकर "Fit Check" रील बनीं। पुलिस को गुलाब दिए गए। और सबसे खास, आंदोलन के बाद छात्रों ने खुद जगह साफ की।</strong></p>
<p><strong>इस दबाव का असर भी दिखा।</strong></p>
<p><strong> केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा और सरकार को छात्रों की मुख्य मांगें माननी पड़ीं। </strong></p>
<p><strong>Al Jazeera, The New York Times और ABC News जैसी विदेशी मीडिया ने भी लिखा कि कैसे भारत की "सबसे नॉन-सीरियस" मानी जाने वाली पीढ़ी ने बिना हिंसा के बड़ा नीतिगत बदलाव करा दिया।</strong></p>
<p><strong>पटना गांधी मैदान: "Gen Z Protest Vs Bihari Protest"</strong></p>
<p><strong>अगर दिल्ली में आंदोलन "कूल" था तो बिहार में वो "नेक्स्ट लेवल" हो गया। सोशल मीडिया पर पटना के वीडियो ने दिल्ली के आंदोलन को भी पीछे छोड़ दिया।</strong></p>
<p><strong>- राष्ट्रगान से जवा: जैसे ही पुलिस ने लाठीचार्ज की कोशिश की, छात्र भागे नहीं। सबने एक साथ "जन गण मन" शुरू कर दिया। फिर माहौल ऐसा बना कि वही छात्र "जिया हो बिहार के लाला" पर डांस करने लगे।</strong></p>
<p><strong>- बैरिकेड ही उठा ले गए: प्रशासन ने रोकने के लिए भारी लोहे की बैरिकेडिंग लगाई थी। छात्रों के एक गुट ने उसे ही उठाकर ले गए। कुछ ने तो बैरिकेड को साइकिल की तरह चलाया।</strong></p>
<p><strong>- पुलिस से सवाल: कैमरे पर एक छात्र पुलिस से पूछता दिखा, "भैया, टियर गैस की व्यवस्था नहीं है क्या? कुछो व्यवस्था आप लोग नहीं कीजिएगा? खाली डंडा मारिएगा?" ये क्लिप तुरंत वायरल हुई।</strong></p>
<p><strong>- वॉटर कैनन = वॉटर पार्क: हाई-प्रेशर पानी की बौछार को छात्रों ने गर्मी से राहत मान लिया और हाथ उठाकर रेन डांस किया।</strong></p>
<p><strong>- रस्साकशी और गेट तोड़: पुलिस ने डिवाइडर के लिए रस्सी बांधी तो छात्रों ने उसके साथ टग ऑफ वॉर खेला। गांधी मैदान का बड़ा लोहे का गेट भीड़ ने तोड़ दिया।</strong></p>
<p><strong>सोशल मीडिया पर मीम चल रहा है: "बाकी राज्यों में पुलिस पूछ रही है ये पीसफुल है क्या, और बिहार में पुलिस हाथ जोड़कर कह रही है भाई प्लीज पीसफुल कर लो।" आंदोलन खत्म होने के बाद छात्रों ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक "प्रोटेस्ट सॉन्ग" भी लॉन्च कर दिया।</strong></p>
<p><strong>ये आंदोलन अलग क्यों था?</strong></p>
<p><strong>विशेषज्ञ कह रहे हैं कि Gen Z ने विरोध के 3 नियम बदल दिए:</strong></p>
<p><strong>1. हथियार: मीम &gt; नारा: गुस्सा था, पर उसे मीम और स्लैंग से पेश किया गया ताकि वो वायरल हो।</strong></p>
<p><strong>2.संरचना: कोई बॉस नहीं: पूरा संगठन डिसेंट्रलाइज्ड था। इंस्टाग्राम स्टोरी से भीड़ जुट गई।</strong></p>
<p><strong>3. टोन: आक्रोश + हास्य: तोड़फोड़ नहीं, सफाई और अनुशासन। पुलिस से दुश्मनी नहीं, उसे भी कंटेंट का हिस्सा बना दिया।</strong></p>
<p><strong>इसी वजह से इसे "सबसे कम सीरियस दिखने वाला, लेकिन सबसे ज्यादा असरदार आंदोलन" कहा जा रहा है।</strong></p>
<p><strong>अब सवाल ये है कि क्या भविष्य के सभी छात्र आंदोलन इसी "मीम वाले फॉर्मेट" में होंगे? एक बात तय है, Gen Z ने सड़क और स्क्रीन के बीच की लाइन मिटा दी है।</strong></p>
<p><strong>आपको इस आंदोलन का कौन सा वीडियो सबसे ज्यादा पसंद आया, दिल्ली वाला "Fit Check" या पटना वाला "रेन डांस कमेंट करके हमे बताये ।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 04:45:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>NEET-UG पेपर लीक के बाद Gen Z ने आंदोलन का फॉर्मूला बदल दिया। मीम, रील और CJP के बैनर से दिल्ली-पटना में हुआ प्रोटेस्ट। बिना हिंसा सरकार झुकी।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>सरकार के लिए मुसीबत छोड़कर गए धर्मेन्द्र प्रधान!! क्या मजबूरी में देना पड़ा इस्तीफा?</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1393</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1393</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></p>
<p><em><strong>क्या मजबूरी में देना पड़ा इस्तीफा या कुछ और!? "कहता है कबूतर कोई तो है चक्कर" तीसरे दौर की बातचीत के पहले ही इस्तीफा?</strong></em></p>
<p><em><strong>सरकार के लिए मुसीबत खड़ी करके चले गए धर्मेन्द्र प्रधान!!</strong></em></p>
<p><em><strong>आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देने के लिए विवश होना पड़ा।</strong></em></p>
<p><em><strong>कॉकरोच जनता पार्टी और केंद्र सरकार के बीच दोपहर को होने वाली तीसरे दौर की बातचीत शुरू होने से कुछ देर पहले ही धर्मेन्द्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया।</strong></em></p>
<p><em><strong>इस्तीफे की वजह और पृष्ठभूमि</strong></em></p>
<p><em><strong>अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि "मैं देश के युवाओं, उनकी आकांक्षाओं और भावनाओं का बहुत सम्मान करता हूँ।"</strong></em></p>
<p><em><strong>इससे कुछ घंटे पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सुबह कहा था कि अगर सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तो सरकार से बातचीत जारी रखने का कोई मतलब नहीं है।</strong></em></p>
<p><em><strong>कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार के साथ दूसरे दौर की बातचीत के बाद दावा किया था कि नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध कोई मुकदमा दर्ज न करने की उनकी मांग सरकार ने सैद्धान्तिक रूप से मान ली है।</strong></em></p>
<p><em><strong>साथ ही पार्टी ने चेतावनी भी दी थी कि नीट पेपर लीक मामले में यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ, तो देश भर में इस आंदोलन का और बड़े रूप में विस्तार किया जाएगा।</strong></em></p>
<p><em><strong>संसद से सड़क तक हंगामा</strong></em></p>
<p><em><strong>यहाँ यह भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की थी कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक वह संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार नहीं होगी।</strong></em></p>
<p><em><strong>कांग्रेस सहित समूचा विपक्ष धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र में लगातार हंगामा कर रहा था, जिसके कारण संसद की कार्यवाही नहीं चल पा रही थी।</strong></em></p>
<p><em><strong>जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक ने जिस अनशन की शुरुआत की थी, उसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख थी। हालांकि सोनम वांगचुक ने दो दिन पहले जब अपना अनशन समाप्त किया, तो उन्होंने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विशेष जोर नहीं दिया।</strong></em></p>
<p><em><strong>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित 100 से अधिक वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे सहित अन्य मांगों को लेकर प्रधानमंत्री आवास के समीप धरना देकर गिरफ्तारी दी। इसके बाद देश भर में यह आंदोलन व्यापक रूप से फैलता गया और आंदोलनकारियों की एकमात्र मांग यही रही कि धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दें।</strong></em></p>
<p><em><strong>सरकार के तमाम प्रयास नाकाम</strong></em></p>
<p><em><strong>आंदोलनकारी छात्रों के आक्रोश को शांत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई कदम उठाए। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और पेपर लीक रोकने के लिए इसी सत्र में एक बिल लाने की घोषणा की। रात में छात्रों को संबोधित किया और लगातार दो दिन इंस्टाग्राम पर संदेश भी दिए।</strong></em></p>
<p><em><strong>परंतु ये सारे कदम भी छात्रों को धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं कर सके।</strong></em></p>
<p><em><strong>कुल मिलाकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि सरकार धर्मेन्द्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद पर कायम रखने के लिए अडिग है। इसके पीछे एकमात्र कारण यही माना जा रहा था कि सरकार यह संदेश नहीं देना चाहती थी कि यदि विपक्ष और आंदोलनकारी छात्रों की मांग मानकर धर्मेन्द्र प्रधान से इस्तीफा लिया गया, तो भविष्य में किसी भी मंत्री के इस्तीफे के लिए आंदोलनों का एक नया सिलसिला शुरू हो सकता है।</strong></em></p>
<p><em><strong>अचानक बदला फैसला, क्यों?</strong></em></p>
<p><em><strong>लेकिन अब सरकार को इस हकीकत को स्वीकार करना पड़ेगा कि नीट पेपर लीक का मामला सामने आते ही नैतिकता के आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा करके धर्मेन्द्र प्रधान अपना कद बढ़ा सकते थे। परंतु इतना सब होने के बाद मजबूरी में इस्तीफे की घोषणा करके उन्होंने पूरी सरकार को असहज स्थिति में पहुंचा दिया है।</strong></em></p>
<p><em><strong>इतनी किरकिरी होने के बाद भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा न देने की जिद पर अड़े धर्मेन्द्र प्रधान आखिर अचानक अपना फैसला बदलने के लिए विवश क्यों हुए? इसे समझने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के उस भाषण पर गौर करना जरूरी है जो उन्होंने एक दिन पहले नई दिल्ली में आयोजित विश्व मांगल्य सभा के एक महत्वपूर्ण समारोह में दिया था।</strong></em></p>
<p><em><strong>अपने इस भाषण में संघ प्रमुख ने कहा था कि नई पीढ़ी को अपनापन और समय देने एवं उसके साथ संवाद करने की आवश्यकता है। भागवत ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नई पीढ़ी के साथ संवाद करके ही उन्हें सही दिशा दिखाई जा सकती है।</strong></em></p>
<p><em><strong>गौरतलब है कि भागवत के इस संबोधन से दो दिन पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता और अतीत में मानव संसाधन मंत्री रह चुके डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने भी छात्रों के संसद मार्च के बाद कहा था कि परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों की चिंताएं और सरोकार वास्तविक हैं। उन्होंने संसद मार्च में शामिलों पर बलप्रयोग को 'निर्मम' बताते हुए यहां तक कह दिया था कि बल का ऐसा इस्तेमाल भारतीय समाज के एक बड़े हिस्से को 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य से दूर कर देगा।</strong></em></p>
<p><em><strong>इन दोनों बयानों के बाद ही राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई थीं और अंततः धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।</strong></em></p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 01:09:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>NEET पेपर लीक के बाद धर्मेन्द्र प्रधान ने दिया इस्तीफा। विपक्ष, छात्रों और संघ के दबाव के बाद तीसरे दौर की बातचीत से पहले क्यों बदला फैसला? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोपी को मंडुआडीह पुलिस ने दबोचा, बरेका आवासीय परिसर से गिरफ्तारी</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1392</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA </span><span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT</span></strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><strong> जयचन्द </strong></p>
<p><strong>वाराणसी मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से दबोचा।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>क्या है मामला</strong></span></p>
<p><strong>पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला ने 24 जुलाई को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि किशन कुमार ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।</strong></p>
<p><strong>महिला की शिकायत पर पुलिस ने किशन कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 352, 351(3) व 69 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>कैसे हुई गिरफ्तारी</strong></span></p>
<p><strong>पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा को बरेका आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया।</strong></p>
<p><strong>पूछताछ में आरोपी ने बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और संबंध आपसी सहमति से बने थे। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>गिरफ्तारी टीम</strong></span></p>
<p><strong>इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी और कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।</strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 19:44:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोपी किशन कुमार को मंडुआडीह पुलिस ने बरेका आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया। महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज था।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>छात्र आंदोलन का असर: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, पीएम मोदी को सौंपा त्यागपत्र</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1391</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA</span> <span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT </span></strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><strong>विशेष संवाददाता </strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026 NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई अनियमितताओं और देशभर में चल रहे छात्र विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार दोपहर अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 2 पन्नों का पत्र पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। पत्र में उन्होंने लिखा कि "पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही इस देश की असली ताकत है। देश की एकता बनी रहे और भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।"</strong></p>
<p></p>
<p><strong>NEET मामले पर क्या कहा</strong></p>
<p></p>
<p><strong>मंत्री ने पत्र में 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मामले की जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द की और 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा कराई। उन्होंने कहा कि "पहले ही दिन से मैंने जिम्मेदारी ली। मेरा संकल्प था कि किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे।"</strong></p>
<p></p>
<p><strong>जंतर-मंतर प्रोटेस्ट और CJP का रिएक्शन</strong></p>
<p></p>
<p><strong>पिछले 10 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party के बैनर तले छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। संगठन की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी।</strong></p>
<p><strong>इस्तीफे की खबर आते ही CJP ने X पर पोस्ट किया: "The Education Minister has submitted his resignation. Long live Student Power!" दिल्ली, मुंबई, पुणे, चंडीगढ़ सहित कई शहरों में छात्रों ने जश्न मनाया।</strong></p>
<p><strong>CJP ने कहा कि उनकी बाकी मांगें अब भी बाकी हैं। इनमें NEET में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज केस वापस लेना शामिल है।</strong></p>
<p><strong>आगे की राह</strong></p>
<p><strong>पत्र के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वो "प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से आगे भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखेंगे।"</strong></p>
<p><strong> प्रमुख अब तक कि </strong></p>
<p><strong>◆धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के आंदोलन के कारण </strong></p>
<p><strong>◆मोदी सरकार में पहली बार हुआ इस्तीफा हुआ किसी मंत्री का </strong></p>
<p><strong>◆सोनम वांगचुक ने कहा छात्रो की जीत</strong></p>
<p><strong> ◆प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी को बधाई दी </strong></p>
<p><strong>◆तीसरे दौर की वार्ता कड़े सुरक्षा में जारी </strong></p>
<p><strong>◆जे0पी0 नड्डा ने अमित शाह से की मुलाकात की</strong></p>
<p><strong>◆ 3:54 पर जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह CJP से तीसरे दौर के वार्ता के लिए पहुंचे</strong></p>
<p><strong>◆बैठक में सौरभ दास और आशुतोष रांका के साथ बातचीत</strong></p>
<p><strong>◆ अभिजीत प्रदर्शन स्थल पर ही मौजूद</strong></p>
<p><strong>◆धर्मेंद्र प्रधान ने X से मंत्री शब्द हटाया </strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 16:03:41 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>छात्र आंदोलन का असर: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, पीएम मोदी को सौंपा त्यागपत्र</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1390</link>
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        <description><![CDATA[ <p></p>
<p>नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026</p>
<p></p>
<p>NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई अनियमितताओं और देशभर में चल रहे छात्र विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री <strong>धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार दोपहर अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया</strong>।</p>
<p></p>
<p>धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 2 पन्नों का पत्र पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। पत्र में उन्होंने लिखा कि "पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही इस देश की असली ताकत है। देश की एकता बनी रहे और भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।"</p>
<p></p>
<p><strong>NEET मामले पर क्या कहा</strong></p>
<p>मंत्री ने पत्र में 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मामले की जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द की और 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा कराई। उन्होंने कहा कि "पहले ही दिन से मैंने जिम्मेदारी ली। मेरा संकल्प था कि किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे।"</p>
<p></p>
<p><strong>जंतर-मंतर प्रोटेस्ट और CJP का रिएक्शन</strong></p>
<p>पिछले 10 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party के बैनर तले छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। संगठन की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी। </p>
<p></p>
<p>इस्तीफे की खबर आते ही CJP ने X पर पोस्ट किया: <strong>"The Education Minister has submitted his resignation. Long live Student Power!"</strong> दिल्ली, मुंबई, पुणे, चंडीगढ़ सहित कई शहरों में छात्रों ने जश्न मनाया।</p>
<p></p>
<p>CJP ने कहा कि उनकी बाकी मांगें अब भी बाकी हैं। इनमें NEET में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज केस वापस लेना शामिल है।</p>
<p></p>
<p><strong>आगे की राह</strong></p>
<p>पत्र के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वो "प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से आगे भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखेंगे।"</p> ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 15:47:38 +0530</pubDate>
        <dc:creator>कुलदीप बरनवाल</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>प्रगति रिपोर्ट नहीं आई, कोर्ट ने चौक पुलिस से मांगी जवाब, एक अगस्त को अगली सुनवाई</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1389</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><em><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA </span><span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT</span></strong></em></span></p>
<p style="text-align: center;"><em><strong> <span style="color: rgb(224, 62, 45);">कुलदीप बरनवाल </span></strong></em></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">वाराणसी। </span>चौक थाने में दर्ज एक मामले में अब तक की कार्यवाही पर प्रगति रिपोर्ट न आने पर विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने चौक पुलिस को जल्द से जल्द आख्या दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब एक अगस्त को होगी।</strong></p>
<p><strong>दरअसल आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने अपने अधिवक्ता अनुज यादव के माध्यम से कोर्ट में अर्जी दी थी। अर्जी में मांग की गई थी कि दिसंबर 2024 में उनके और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर के खिलाफ दर्ज मामले में 6 महीने बीत जाने के बाद भी आरोप पत्र क्यों नहीं दाखिल हुआ, इस पर प्रगति रिपोर्ट तलब की जाए।</strong></p>
<p><strong>अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता की अपील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चौक पुलिस से आख्या न आने पर नाराजगी जताई और जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा।</strong></p>
<p><strong>अधिवक्ता अनुज यादव ने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने उनके मुवक्किल को आरोपित बनाया था। एफआईआर दर्ज हुए 8 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जांच को कानूनी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचाया गया। आवेदक की जानकारी के अनुसार जांच पूरी होने के बाद भी कोई उचित पुलिस रिपोर्ट सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई है। जबकि मामले के दर्ज होने के 10 दिनों के भीतर ही आवेदक की न्यायिक हिरासत मांगी गई थी।</strong></p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला</strong></p>
<p><strong>वाराणसी के अम्बरीष सिंह भोला ने बीते वर्ष दिसम्बर में चौक थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।</strong></p>
<p><strong>आरोप था कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन पर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के झूठे आरोप लगाए गए।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>अब कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद देखना होगा कि चौक पुलिस एक अगस्त तक क्या रिपोर्ट दाखिल करती है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 21:46:43 +0530</pubDate>
        <dc:creator>कुलदीप बरनवाल</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>CJP और सरकार के बीच 2 घंटे बैठक: 3 मांग, 5 सुधार सुझाव | धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कल होगा फैसला</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1388</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA</span> <span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT</span></strong></span></p>
<p><strong> नई दिल्ली | इंडिया न्यूज रिपोर्ट डेस्क | 24 जुलाई 2026 नई दिल्ली। जंतर मंतर पर 26 दिन से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को CJP और केंद्र सरकार के बीच कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में अहम बैठक हुई। करीब 2 घंटे चली इस वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया। अब अगली बैठक शनिवार 25 जुलाई दोपहर को होगी।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ</strong></span></p>
<p><strong>सरकार की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए। CJP की तरफ से मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका, संस्थापक व रणनीतिकार अभिजीत दिपके और वरिष्ठ सदस्य दीपक बाल्यान मौजूद रहे।</strong></p>
<p><strong>CJP की मांग पर बैठक को न्यूट्रल वेन्यू कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में रखा गया था।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>CJP की 3 मुख्य मांगें</strong></span></p>
<p><strong>बैठक में CJP ने सरकार के सामने ये 3 मांगे रखीं। </strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">पहली मांग: </span>केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटाया जाए।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">दूसरी मांग: </span>NEET की तैयारी में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">तीसरी मांग: </span>प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे और FIR तुरंत वापस लिए जाएं।</strong></p>
<p><strong>इसके साथ CJP ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 5 सुधार सुझाव भी सौंपे। सुझावों का पूरा ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>सरकार का क्या रुख रहा</strong></span></p>
<p><strong>बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा, करीब 2 घंटे चर्चा हुई। उनकी 3 मांगें और 5 सुझाव मिले हैं। हम इस पर आंतरिक चर्चा कर कल दोपहर फिर मिलेंगे।</strong></p>
<p><strong>सरकार ने मुआवजे और FIR वापसी की मांग पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार ने कल तक का समय मांगा है।</strong></p>
<p><strong>वार्ता से पहले सरकार ने 2 शर्तें पहले ही मान ली थीं। पहली, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। दूसरी, पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>CJP का बयान</strong></span></p>
<p><strong>CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, हमें उम्मीद है सरकार शिक्षा मंत्री को जल्द हटाएगी। लेकिन लिखित आश्वासन न मिलने तक जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। CJP ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन का भी आह्वान किया है।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>इसी दिन कैबिनेट का बड़ा फैसला</strong></span></p>
<p><strong>बैठक वाले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 में संशोधन को मंजूरी दी।</strong></p>
<p><strong>नए प्रावधानों के अनुसार संगठित पेपर लीक माफिया को 10 साल तक जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना होगा। दोषी पाई जाने वाली परीक्षा एजेंसियों से परीक्षा का पूरा खर्च वसूला जाएगा।</strong></p>
<p><strong>मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे जिन्हें 3 महीने में फैसला देना होगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने राउज एवेन्यू कोर्ट को स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट अधिसूचित किया है। यह संशोधन विधेयक 27 जुलाई सोमवार को लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना है।</strong></p>
<p><strong>बैकग्राउंड:इससे पहले लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कल रात जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद 26 दिन का अनशन तोड़ा था। कल देर रात जारी वीडियो सन्देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 17:30:33 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>सचिन तेंदुलकर: &amp;quot;असफल होना स्वीकार , लेकिन धोखा मत दो&amp;quot; &amp; NEET विवाद पर बोले मास्टर ब्लास्टर</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA</span> <span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT</span>।</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><em><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>कुलदीप बरनवाल </strong></span></em></p>
<p><strong>नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्रों के प्रदर्शन तेज हैं। इसी बीच क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने बिना किसी का नाम लिए छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई है। ।</strong></p>
<p><strong>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सचिन ने अपने पिता की सीख साझा की। उन्होंने लिखा कि उनके पिता प्रोफेसर थे और उन्होंने बचपन से ही सिखाया था कि असफल होना स्वीकार है, लेकिन धोखा कभी नहीं। कभी भी शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए।।</strong></p>
<p><strong>सचिन ने कहा कि मेहनत करने वाले हर छात्र को यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी लगन का सही मूल्यांकन होगा। अगर छात्रों को लगने लगे कि उनकी मेहनत बेकार गई है तो उनका निराश होना लाजमी है। इसलिए ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जहां योग्यता ही सफलता का आधार बने, न कि जुगाड़। ।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। कहा कि देश का भविष्य इन्हीं के हाथों में है और उनका भरोसा टूटना नहीं चाहिए। सचिन ने अपने बच्चों का उदाहरण देते हुए कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी को पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली मिले। ।</strong></p>
<p><strong>सचिन ने अपने बयान में किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति पर सीधी टिप्पणी नहीं की। उनका जोर सिर्फ ईमानदारी, निष्पक्षता और मेहनत के सम्मान पर रहा।</strong></p>
<p><strong>उनसे पहले फुटबॉलर साहल अब्दुल समद, लालरिंजुआला छांगते और ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा भी शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के मुद्दे पर बोल चुके हैं। सचिन के इस संदेश के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों में इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 08:26:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>कुलदीप बरनवाल</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, JP नड्डा&amp;जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में खत्म हुई भूख हड़ताल</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">INDIA </span><span style="color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="color: rgb(224, 62, 45);">REPORT </span></strong></p>
<p style="text-align: center;"><em><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>BIG BREAKING NEWS </strong></span></em></p>
<p><strong>नई दिल्ली। जलवायु कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक ने NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर CJP के साथ समर्थन में 26 दिन बाद गुरुवार देर रात अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। केंद्रीय मंत्री <em><span style="color: rgb(224, 62, 45);">जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह </span></em>और लद्दाख की Apex Body के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने अनशन तोड़ा।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">सोनम वांगचुक ने X पर जानकारी देते हुए लिखा,</span> _"Just now in the presence of Union Ministers Sh. JP Nadda, Dr. Jitendra Singh and the senior leaders of Apex Body of Leh Ladakh I finally broke my fast after 26 days. Earlier 65 members of parliament from different political parties had visited or signed letters urging me to break the fast."_</strong></p>
<p><strong>उन्होंने आगे कहा कि _"This was done after long negotiations on various conditions and in view of possible violence in the country. I will explain the conditions in detail in a separate video very soon."_</strong></p>
<p></p>
<p><strong>(<em>अभी केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह लद्दाख की एपेक्स बॉडी के सीनियर नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिन बाद अपना अनशन तोड़ दिया। इससे पहले अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के 65 सांसद मुझसे मिलने आए थे या उन्होंने मुझे अनशन तोड़ने के लिए चिट्ठी पर साइन किए थे। यह अलग-अलग शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए किया गया था। मैं बहुत जल्द एक अलग वीडियो में शर्तों के बारे में विस्तार से बताऊंगा। इस बीच मैं आप सभी से रिक्वेस्ट करता हूं कि कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने देने के बारे में बहुत सावधान रहें।</em></strong></p>
<p><em><strong> <a href="https://x.com/Wangchuk66/status/2080380336630800427?s=19)">https://x.com/Wangchuk66/status/2080380336630800427?s=19)</a> </strong></em></p>
<p><strong>यानी विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। शर्तों की पूरी डिटेल वो जल्द वीडियो में बताएंगे।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>PM मोदी ने दी स्वास्थ्य की शुभकामनाएं</strong></span></p>
<p><strong>सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी। PM ने कहा, _"मैं सोनम जी से गुज़ारिश करता हूं कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपना रूटीन फॉलो करें और जल्द से जल्द अपना पुराना वज़न वापस पाएं। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि सोनम जी हमेशा स्वस्थ रहें।"_</strong></p>
<p><strong>वीडियो संदेश में PM मोदी ने NEET पेपर लीक को "दर्दनाक स्थिति" बताते हुए कहा कि सरकार इसके खिलाफ और सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन और कठोर सजा के प्रावधान वाला बिल लाने का भी ऐलान किया।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>CJP ने जताई राहत</strong></span></p>
<p><strong>कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक *अभिजीत दिपके* ने सोनम के अनशन खत्म करने पर राहत जताई। उन्होंने कहा, _"हमें राहत और शुक्रगुजार हैं कि सोनम सर ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सर, आपकी ज़बरदस्त हिम्मत और कुर्बानी के लिए धन्यवाद। अपनी जान जोखिम में डालकर, आपने पूरे देश की चेतना जगाई है। कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।"_</strong></p>
<p><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>प्रमुख बिंदु:</strong></span></p>
<p><strong>- <em><span style="color: rgb(0, 44, 255);">26 दिन बाद खत्म हुआ अनशन* - JP नड्डा, जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में</span></em></strong></p>
<p><em><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>- 65 सांसदों ने की थी अपील - विभिन्न दलों के सांसदों ने चिट्ठी लिखकर अनुरोध किया था</strong></span></em></p>
<p><em><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>- शर्तों पर बनी सहमति - डिटेल जल्द वीडियो में आएगी</strong></span></em></p>
<p><em><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>- PM का फोकस - पेपर लीक पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट, बिल शुक्रवार को कैबिनेट में</strong></span></em></p>
<p><strong>सोर्स:</strong></p>
<p><strong><a href="https://x.com/Wangchuk66/status/2080380336630800427?s=19">https://x.com/Wangchuk66/status/2080380336630800427?s=19</a> </strong></p>
<p><strong></strong></p>
<p><strong></strong></p>
<p><strong></strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 02:40:36 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>बिहार छात्र आंदोलन: 6 घंटे तक युद्ध क्षेत्र बना पटना, प्रदर्शनविरों ने बैरिकेडिंग उठाकर की Joyriding, पुलिस बेबस</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1385</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA </span><span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT </span></strong></span></p>
<p><strong>पटना | 22जुलाई 2026 में पटना की सड़कों पर एक अनोखा नजारा देखने को मिला। NEET और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक व शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के विरोध में उतरे प्रदर्शनविरों ने न सिर्फ बैरिकेडिंग तोड़ी, बल्कि उसे उठाकर सड़क पर Joyriding भी की।</strong></p>
<p><strong>वायरल वीडियो और फोटो में साफ देखा जा सकता है कि प्रदर्शनविर पीली बैरिकेडिंग को सड़क पर दौड़ा रहे हैं। पुलिस रोकती, ये दूसरी तरफ से बैरिकेडिंग लेकर निकल जाते।</strong></p>
<p><strong>6 घंटे तक छकाया पुलिस को वजह: NEET पेपर लीक और शिक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रोश</strong></p>
<p><strong>स्थान: गांधी मैदान, जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा, सीएम हाउस, बेली रोड अंडरपास</strong></p>
<p><strong>सुबह 10.30 बजे गांधी मैदान गेट नंबर 12 तोड़कर प्रदर्शनविरों ने राजभवन मार्च शुरू किया। 11 बजे जेपी गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की, लेकिन प्रदर्शनविरों ने उसे ही उखाड़ लिया।</strong></p>
<p><strong>इसके बाद 6 घंटे तक पटना के अलग-अलग इलाके युद्ध क्षेत्र बने रहे। प्रदर्शनविर अलग-अलग रास्तों से बैरिकेडिंग उठाकर आगे बढ़ते रहे और पुलिस उन्हें रोकने में नाकाम रही। इस दौरान पुलिस और विधायकों की गाड़ियों पर भी हमला हुआ। कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए।</strong></p>
<p><strong>प्रशासन ने किया बल प्रयोग भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल करना पड़ा। लेकिन बैरिकेडिंग Joyriding का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया।</strong></p>
<p><strong>प्रदर्शनविरों का कहना है कि 25 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। सरकार सुन नहीं रही इसलिए सड़क पर उतरना पड़ा।</strong></p>
<p><strong>पटना की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब छात्र सड़क पर उतरते हैं तो व्यवस्था हिल जाती है।</strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 00:43:29 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>NEET विवाद के बाद प्रशासनिक फेरबदल, उच्च शिक्षा सचिव बदले, कई मंत्रालयों में तबादले</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1384</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(186, 55, 42);">INDIA  </span><span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT</span></strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><strong> BREAKING NEWS</strong></p>
<p><strong> NEET पेपर लीक विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल केंद्र सरकार ने हटाया उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, नरेश पाल गंगवार को मिली जिम्मेदारी</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026 — NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली में छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पद से हटाकर उनका तबादला कर दिया है।</strong></p>
<p><strong>कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 1992 बैच के IAS अधिकारी विनीत जोशी को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर अब पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। वह विवेक भारद्वाज की जगह लेंगे जो 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।</strong></p>
<p><span style="background-color: rgb(255, 255, 255); color: rgb(0, 44, 255);"><strong>नए उच्च शिक्षा सचिव कौन हैं?</strong></span></p>
<p><strong>विनीत जोशी की जगह 1994 बैच के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय का नया सचिव बनाया गया है। गंगवार इससे पहले पशुपालन और डेयरी विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे।</strong></p>
<p><strong>विनीत जोशी के पास स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी था। अब इस विभाग की कमान टी. के. अनिल कुमार को सौंपी गई है। वह ग्रामीण विकास विभाग से स्थानांतरित होकर आए हैं।</strong></p>
<p><strong>एक साथ कई सचिवों का तबादला सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के अलावा अन्य विभागों में भी बड़े बदलाव किए</strong></p>
<p><strong>कतिकिथला श्रीनिवास: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय से उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव</strong></p>
<p><strong>पीयूष गोयल: खान मंत्रालय से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के महासचिव</strong></p>
<p><strong>सुशील कुमार लोहानी: पंचायती राज मंत्रालय से पशुपालन और डेयरी विभाग में विशेष कार्य अधिकारी</strong></p>
<p><strong>अर्चना वर्मा: जल शक्ति मंत्रालय में राष्ट्रीय जल मिशन की मिशन निदेशक</strong></p>
<p><strong>केशव चंद्रा: खान मंत्रालय के सचिव</strong></p>
<p><strong>डी. थारा: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में पूंजी विकास विभाग की सचिव</strong></p>
<p><strong>चंद्र भूषण कुमार: श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव</strong></p>
<p><strong>सतेंद्र सिंह: कैबिनेट सचिवालय से शहरी विकास विभाग, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव</strong></p>
<p><strong>सुचिंद्र मिश्रा: वाणिज्य विभाग से राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सचिव</strong></p>
<p><strong>बी. राजेंद्र लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के निदेशक पद पर बने रहेंगे।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>NEET पेपर लीक के बाद छात्रों के विरोध और विपक्ष के दबाव के बीच हुए इस फेरबदल को सरकार का अहम कदम माना जा रहा है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 00:34:34 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>Vineet Joshi Removed | Naresh Pal Gangwar New Higher Education Secretary NEET</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>जंतर मंतर पर रात में बवाल: छात्रों और पुलिस में झड़प, दर्जनभर जवान घायल, RAF ने छोड़ी आंसू गैस</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1383</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><strong><span style="color: rgb(255, 255, 255); background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA</span> <span style="color: rgb(255, 255, 255); background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="color: rgb(255, 255, 255); background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT</span></strong></p>
<p style="text-align: center;"><em><strong>विशेष संवाददाता</strong></em></p>
<p><strong>नई दिल्ली। 22 जुलाई रात 8:30 बजे जंतर मंतर पर रात में प्रदर्शन हिंसक हो गया। घटना का समय 22 जुलाई 2026 को रात करीब 8:30 बजे टॉल्स्टॉय मार्ग और संसद मार्ग के पास यह संघर्ष हुआ। RAF के जवान पारदर्शी शील्ड लेकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सामने से छात्र भीड़ आगे बढ़ रही है।</strong></p>
<p><strong>प्रदर्शनकारी छात्रों ने अचानक पुलिसकर्मियों पर पत्थर और बोतल से हमला कर दिया। इस दौरान छात्रों ने पुलिस से डंडे भी छीन लिए। हमले में करीब दर्जन भर पुलिसकर्मी और RAF के जवान घायल हुए हैं।</strong></p>
<p><strong>घायलों में 2 सहायक पुलिस आयुक्त, 2 इंस्पेक्टर और ACP कनॉट प्लेस शामिल हैं। ACP कनॉट प्लेस को सीनियर अफसर खुद RML अस्पताल लेकर पहुंचे। अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।</strong></p>
<p><strong>भीड़ को काबू करने के लिए RAF ने आंसू गैस के गोले छोड़े। छात्रों के आक्रामक रवैये के कारण पुलिस को कुछ देर पीछे भी हटना पड़ा।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>फिलहाल जंतर मंतर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।</strong></p>
<p><strong>वही कॉक्रोज जनता पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि हम एक साल तक शांतिपूर्वक आंदोलनके लिए तैयार है।</strong></p>
<p><strong>X पर कॉक्रोज जनता पार्टी ने लिखा अपने नये एकाउंट</strong><strong> </strong></p>
<p><a href="https://x.com/Cockroachisback/status/2079914659683971167?s=19">https://x.com/Cockroachisback/status/2079914659683971167?s=19</a></p>
<p><strong>ज़रूरी - 22 जुलाई शाम 6:15 बजे CJP तब तक अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी जब तक सरकार उसकी ये मांगें नहीं मान लेती:</strong></p>
<ol>
<li style="font-weight: bold;"><strong>धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा</strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>आत्महत्या करने वाले बच्चों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा</strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong> शांति से विरोध करने वालों पर कोई केस न चलाया जाए</strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong>ज़ुल्म करने वाले सभी पुलिस अधिकारियों पर केस चलाया जाए।</strong></li>
</ol>
<p><strong>देखे झड़प की वीडियो</strong></p>
<p><strong><a href="https://youtube.com/shorts/Zx2nn9ZwBvY?si=PgbVMLI-3sGUJJ35">https://youtube.com/shorts/Zx2nn9ZwBvY?si=PgbVMLI-3sGUJJ35</a></strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 04:21:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज ,NEET पेपर लीक मामले में प्रदर्शन में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की गिरफ्तारी से आक्रोशित कार्यकर्ताओ का वाराणसी में हंगामा हुए गिरफ्तार</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1382</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1382</guid>
        <description><![CDATA[ <p><img src="https://indianewsreport.in/uploads/images/202607/image_870x_6a60b716dbd1f.jpg" alt=""></p>
<p> </p>
<p><img src="https://indianewsreport.in/uploads/images/202607/image_870x_6a60b18d6c58f.jpg" alt=""></p>
<p>वाराणसी कोतवाली में सपा कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन, पूर्व सीएम की गिरफ्तारी के खिलाफ पूरे यूपी में नारेबाजी</p>
<p></p>
<p>वाराणसी।</p>
<p></p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का जोरदार प्रदर्शन जारी है। </p>
<p></p>
<p>वाराणसी में भी सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप कोतवाली थाने पर प्रदर्शन किया और गिरफ्तारी दी। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।</p>
<p></p>
<p>थाना कोतवाली में प्रदर्शन करने वाले प्रमुख कार्यकर्ताओं में देव कुमार SP, महानगर सचिव बूथ प्रभारी समाजवादी लोहिया वाहिनी, राहुल कनौजिया महानगर अध्यक्ष समाजवादी लोहिया वाहिनी, नितिन यादव पूर्व महामंत्री छात्र संघ, विकास यादव सक्रिय सदस्य और रोहित यादव पूर्व महामंत्री छात्र संघ शामिल व अन्य शामिल रहे।</p>
<p></p>
<p>सपा नेताओं ने कहा कि अखिलेश यादव की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला है। इसके विरोध में पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 17:34:38 +0530</pubDate>
        <dc:creator>कुलदीप बरनवाल</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी: जैन मंदिर घाट पर 4 बोरियों में मिली &amp;apos;फेयरडिल&amp;apos; कफ सिरप, जून 2026 की डेट ,कोडीन लिखे होने से  नकली फार्मा नेटवर्क का शक</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1381</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);"><span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> REPORT</span></strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><strong> <span style="color: rgb(0, 44, 255);">कुलदीप बरनवाल</span></strong></p>
<p><strong> वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के चंद्रावती गांव स्थित जैन मंदिर घाट के पास गंगा किनारे बोरियों में भारी मात्रा में 'फेयरडिल' कफ सिरप मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया।</strong></p>
<p><strong>स्थानीय लोगों के अनुसार घाट के पास 4 बोरियों में कफ सिरप की बोतलें रखी थीं। सबसे चौंकाने वाली बात ये कि बोतलों पर निर्माण तिथि जून 2026 और एक्सपायरी वर्ष 2028 अंकित है। इतनी नई दवा को इस तरह फेंके जाने से ग्रामीणों ने इसे नकली दवा रैकेट से जुड़ा होने की आशंका जताई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।</strong></p>
<p><strong>पुलिस और औषधि विभाग की त्वरित कार्रवाई</strong></p>
<p><strong>सूचना मिलते ही चौबेपुर थाना पुलिस और औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>1.जब्ती और मुकदमा</strong></span></p>
<p><strong> पुलिस ने मौके से चारों बोरियों में भरी 'फेयरडिल' कफ सिरप की बोतलों को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है। अज्ञात वाहन चालकों और तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है जिन्होंने इसे चुपके से गंगा किनारे फेंका था।</strong></p>
<p><span style="background-color: rgb(255, 255, 255); color: rgb(0, 44, 255);"><strong>2. लैब टेस्टिंग और जांच </strong></span></p>
<p><strong>औषधि निरीक्षक की देखरेख में दवाओं के सैंपल कलेक्ट कर सरकारी लैब भेजे गए हैं। लैब में रासायनिक संरचना की जांच के बाद ही पता चलेगा कि सिरप असली है या नकली।</strong></p>
<p><strong>“<em>अभी तक दवा के असली या नकली होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है पुलिस मामले की जांच कर रही है, जिसके बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।"</em></strong></p>
<p><strong>पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बोतलों पर फ्यूचर की तारीख होने के कारण इसके पूरी तरह नकली फार्मा नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>3. सिंडिकेट की कड़ियां खंगाल रही पुलिस</strong></span></p>
<p><strong>पुलिस सिरप के बैच नंबर और बारकोड के जरिए यह पता लगा रही है कि यह किस अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से तैयार होकर सप्लाई चेन में आया। साथ ही ये भी जांच की जा रही है कि कहीं ये खेप वाराणसी में पहले पकड़े गए कोडीन आधारित कफ सिरप तस्करी करने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट जैसे 'शुभम जायसवाल गिरोह' से तो नहीं जुड़ी है।</strong></p>
<p><strong>फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है। लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 16:52:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>PM आवास के बाहर घसीटे गए राहुल&amp;प्रियंका&amp;अखिलेश, NEET पर सवाल पूछना &amp;apos;गुनाह&amp;apos; बना दिया</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1380</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA </span><span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT </span></strong></span></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">नई दिल्ली</span> | NEET पेपर लीक से आहत छात्रों की आवाज बनने गए विपक्षी नेताओं को मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने सड़क से घसीटकर हिरासत में ले लिया।</strong></p>
<p><strong>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को PM आवास के बाहर लोक कल्याण मार्ग से जबरन बसों में भरा गया। कई घंटे बाद देर रात सभी को रिहा किया गया।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>वजह: NEET और लाठीचार्ज का विरोध</strong></span></p>
<p><strong>घायल छात्रों से मुलाकात के बाद दोपहर 3:30 बजे विपक्षी नेता PM आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। उनकी दो मांगें थीं: </strong></p>
<ol>
<li><strong>NEET पेपर लीक पर संसद में विशेष चर्चा </strong></li>
<li><strong>2. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा</strong></li>
</ol>
<p><a href="https://tinyurl.com/wepv6r5z">https://tinyurl.com/wepv6r5z</a></p>
<p><strong>लेकिन सरकार ने जवाब देने के बजाय लाठियां चलवा दीं।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>सड़क पर लेटे राहुल, 'डरपोक' बोलीं प्रियंका</strong></span></p>
<p><strong>हाई-सिक्योरिटी का हवाला देकर पुलिस ने धरना खत्म करने को कहा। इनकार पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई।</strong></p>
<p><strong>प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब पुलिस राहुल गांधी को उठाने लगी तो वे विरोध में सड़क पर लेट गए। इस दौरान उनकी आंख के नीचे चोट भी आई।</strong></p>
<p><strong>हिरासत में ले जाते समय प्रियंका गांधी ने केंद्र को 'डरपोक' कहा। राहुल गांधी का बयान था, "देश में लोकतंत्र की यही स्थिति है। सवाल पूछो तो जेल।"</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>अलग-अलग बसों में भरकर ले गए</strong></span></p>
<p><strong>पुलिस नेताओं को तितर-बितर करने की कोशिश की: </strong></p>
<ul>
<li style="color: rgb(0, 44, 255);"><span style="background-color: rgb(255, 255, 255); color: rgb(0, 44, 255);"><strong>राहुल गांधी + अखिलेश यादव: छत्रसाल स्टेडियम</strong></span></li>
<li style="color: rgb(0, 44, 255);"><span style="background-color: rgb(255, 255, 255); color: rgb(0, 44, 255);"><strong> - प्रियंका गांधी: मंदिर मार्ग थाना। यहां सोनिया गांधी उनसे मिलने पहुंचीं</strong></span></li>
<li style="color: rgb(0, 44, 255);"><span style="background-color: rgb(255, 255, 255); color: rgb(0, 44, 255);"><strong> - अन्य सांसद: किंग्सवे कैंप हिरासत केंद्र</strong></span></li>
</ul>
<p><strong>हिरासत से पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बीच-बचाव की कोशिश की, पर बात नहीं बनी। रिहाई के बाद भी नहीं थमा विरोध देर रात रिहाई के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। </strong></p>
<p><strong>UP के मथुरा वाराणसी में सपा-कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है और अब विरोध की आवाज को भी दबाया जा रहा है।</strong></p>
<p></p>
<p>देखे Video - <a href="https://youtube.com/shorts/Ys4AaN92_ls?si=BaZMfnO2N5AAcZS8">https://youtube.com/shorts/Ys4AaN92_ls?si=BaZMfnO2N5AAcZS8</a></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 14:06:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>&amp;quot;लोकतंत्र की रक्षा के लिए कानून सर्वोपरि, संसद की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं&amp;quot; – अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1379</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA </span><span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT</span></strong></span></p>
<p><strong> वाराणसी, 21 जुलाई 2026 दिल्ली में संसद की ओर किए गए मार्च और उसके बाद बनी कानून-व्यवस्था की स्थिति पर वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र हर नागरिक को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है, लेकिन किसी भी संगठन को कानून की अवहेलना कर अति-संवेदनशील क्षेत्रों की ओर बढ़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती।</strong></p>
<p><strong>श्री त्रिपाठी ने कहा कि यदि किसी प्रदर्शन को प्रशासन की अनुमति नहीं है और फिर भी संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान की ओर बढ़ने का प्रयास किया जाए, खासकर संसद सत्र के दौरान, तो यह केवल विरोध नहीं रह जाता। यह राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का गंभीर सवाल बन जाता है।</strong></p>
<p><strong>उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कानून के अनुसार आवश्यक और न्यूनतम बल का प्रयोग करना वैधानिक और जरूरी कदम है। "लोकतंत्र का मतलब अराजकता या संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाना नहीं है। संसद 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का प्रतीक है, जिसकी सुरक्षा हर नागरिक और राज्य की जिम्मेदारी है," उन्होंने कहा।</strong></p>
<p><strong>अधिवक्ता त्रिपाठी ने सभी राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग संविधान और कानून की मर्यादा में रहकर करें। उन्होंने कहा कि हिंसा, उग्र प्रदर्शन, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान या सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।</strong></p>
<p><strong>अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत संविधान, कानून के शासन और शांतिपूर्ण संवाद में है। "किसी भी परिस्थिति में कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता। लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।"</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 19:26:42 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>CJP का संसद मार्च बना रणक्षेत्र, जंतर&amp;मंतर पर लाठीचार्ज, 12 हजार लोग सड़कों पर</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1378</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(255, 255, 255);"><strong><span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">INDIA</span> <span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">NEWS</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45);">REPORT </span></strong></span></p>
<p><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">नई दिल्ली, 20</span> जुलाई 2026 संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आज दिल्ली का जंतर-मंतर पूरी तरह रणक्षेत्र में बदल गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले छात्रों, अभिभावकों और कार्यकर्ताओं की लगभग 12,000 की भीड़ शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क पर उतरी।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>मुख्य अपडेट्स:</strong></span></p>
<p><strong>1. पुलिस लाठीचार्ज और झड़प - प्रदर्शनकारियों ने जब जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस से तीखी झड़प हुई। भीड़ को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज और हल्के बल का इस्तेमाल किया। इसमें कुछ प्रदर्शनकारी घायल भी हुए हैं।</strong></p>
<p><strong>2. किले में तब्दील दिल्ली - सुरक्षा के लिए जंतर-मंतर और संसद के आसपास 5,000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू कर दी है। पुलिस का कहना है इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी।</strong></p>
<p><strong>3. मेट्रो-ट्रैफिक ठप - DMRC ने सुरक्षा कारणों से राजीव चौक और पटेल चौक सहित 5 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए। कई रास्तों पर डायवर्जन की वजह से आम लोगों को भी भारी दिक्कत हुई।</strong></p>
<p><strong>4. सरकार से बातचीत शुरू - हंगामे के बीच सरकार ने बातचीत की पहल की। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका ने बताया कि वो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे हैं। लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हैं।</strong></p>
<p><strong>5. सोनम वांगचुक और विपक्ष का समर्थन- CJP के समर्थन में 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस ने शनिवार को जबरन अस्पताल में भर्ती कराया था। वो अब भी अस्पताल से ही अनशन जारी रखे हुए हैं। AAP नेता संजय सिंह समेत कई विपक्षी नेता और कलाकार भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे, जिन्हें पुलिस ने रोकने की कोशिश की।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>CJP का ऐलान</strong></span></p>
<p><strong>CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा - "जब तक NEET पेपर लीक जैसी अनियमितताओं पर जवाबदेही तय नहीं होती और हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, ये आंदोलन जारी रहेगा।"</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:20:54 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>जौनपुर न्यूज फर्जी आयकर अधिकारी गिरोह का भंडाफोड़</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1377</link>
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        <description><![CDATA[ <p> जौनपुर थाना रामपुर के गोपालापुर में फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर आए 5 बदमाश पकड़े गए </p>
<p></p>
<p>जौनपुर। जिले की रामपुर थाना क्षेत्र के गोपालापुर पुरानी बाजार में इनकम टैक्स अधिकारी बनकर आए बदमाशों ने एक सर्राफा व्यवसायी को लूट कर लाखों की मूल्य के जेवरात ले जाते समय व्यवसायी के चिल्लाने पर ग्रामीणों ने हौसला दिखाते हुए घेरकर ललकारा तो दो बदमाश पैदल ही भाग निकले और तीन बदमाशों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बने बदमाशों को पकड़कर अपने साथ थाने ले गई है जहां पर कानूनी कार्रवाई चल रही है।</p>
<p>बताया जाता है कि 19जुलाई 26 दिन रविवार की अपराह्न 3:00 बजे एक बोलेरो में 5 लोग गोपालापुर पुरानी बाजार निवासी दिनेश बरनवाल की सर्राफा की दुकान पर पहुंचे और अपने को इनकम टैक्स का अधिकारी बताते हुए परिचय पत्र दिखाया। सभी ने जांच के नाम पर दुकान के लॉकर में रखें सोने चांदी की गहनों को बाहर निकलवाया और उसे एक बैग में भर लिया विरोध करने पर सर्राफा व्यवसायी दिनेश बरनवाल एवं उनकी पत्नी की पिटाई भी की जिससे व्यवसायी दम्पति डर गए । पिटाई के बाद बदमाशों ने सर्राफा व्यवसाय के लाइसेंसी रिवाल्वर को भी अपने गिरफ्त में कर लिया। रिवाल्वर का बदमाशों द्वारा जब्त करना ही सर्राफा व्यवसायों को शक होने लगा इसके बाद दुकान के अंदर से ही व्यवसायी दम्पति ने चिल्लाना शुरू किया। शोरगुल सुनकर आसपास के लोग भी दुकान के सामने तेजी के साथ जूटने लगे और बदमाशों को ललकारना शुरू किया इसके बाद दो बदमाश पैदल ही भाग खड़े हुए। ग्रामीणों द्वारा दौड़ाकर तीन बदमाशों को बोलरों वाहन सहित पकड़ लिया गया व सूचना स्थानीय थाना रामपुर पुलिस को दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लगभग शाम 5:00 बजे तीनों बदमाशों को गिरफ्तार कर थाने ले गई है। व स्थानीय पुलिस द्वारा कुछ ही समय बाद 2 अन्य बदमाशों को भी गिरफ्तार किया गया  पुलिस ने घटना मे प्रयुक्त बोलरो वाहन के नंबर को चेक किया तो वह बाइक का नंबर निकला। समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र के ग्रामीण एवं व्यापारी थाने पर जुटे हुए हैं।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 00:09:00 +0530</pubDate>
        <dc:creator>कुलदीप बरनवाल</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>दिल्ली पुलिस ने जंतर&amp;मंतर से सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1376</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="background-color: rgb(255, 255, 255); color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="background-color: rgb(0, 0, 0); color: rgb(255, 255, 255);"><strong> <span style="background-color: rgb(0, 44, 255);">BREAKING</span> <span style="background-color: rgb(224, 62, 45); color: rgb(255, 255, 255);">NEWS </span></strong></span></p>
<p><strong>नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने शनिवार 18 जुलाई 2026 की सुबह जंतर-मंतर पर 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को हिरासत में लेकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान धरना स्थल पर भारी हंगामा हुआ।</strong></p>
<p><strong>सोनम वांगचुक 28 जून से NEET पेपर लीक मामले में CBI जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे। शनिवार को उनके अनशन का 21वां दिन था।</strong></p>
<p><strong>दिल्ली पुलिस और New Delhi DCP कार्यालय के अनुसार कार्रवाई 2 वजहों से की गई। पहला दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश जिसमें डॉक्टरों की राय के आधार पर वांगचुक के स्वास्थ्य की निगरानी और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। दूसरा कारण बिगड़ती सेहत था। 21 दिन के अनशन में वांगचुक का वजन 9.5 किलो से अधिक घट चुका था और डॉक्टरों ने उनके अंगों को नुकसान पहुंचने की चेतावनी दी थी।</strong></p>
<p><strong>प्रदर्शनकारियों के अनुसार सुबह करीब 7 बजे पुलिस और सिविल ड्रेस में आए सुरक्षाकर्मी मंच पर पहुंचे और वांगचुक को सफेद चादर में लपेटकर जबरदस्ती उठाकर एम्बुलेंस से अस्पताल ले गए। वांगचुक को ले जाने से रोकने की कोशिश में कार्यकर्ताओं और छात्रों से पुलिस की झड़प भी हुई। आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।</strong></p>
<p><strong>CJP नेता भी हिरासत में, परिवार ने की अपील</strong></p>
<p><strong>इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी - CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिया गया। CJP ने पुलिस पर छात्रों के साथ मारपीट और लाठीचार्ज का आरोप लगाया है।</strong></p>
<p><strong>वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने X पर पोस्ट कर अस्पताल प्रशासन से अपील की है कि परिवार और डॉक्टरों की सहमति के बिना वांगचुक को नसों या मुंह के जरिए जबरन कोई दवा या लिक्विड न दिया जाए। फिलहाल सोनम वांगचुक का इलाज सफदरजंग अस्पताल में जारी है।</strong></p>
<p><strong>देखे विडिओ <a href="https://youtube.com/shorts/gdviR3NeRmk?si=JT63-iqlYbWdIsPP">https://youtube.com/shorts/gdviR3NeRmk?si=JT63-iqlYbWdIsPP</a></strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 12:38:49 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>Sonam Wangchuk, सोनम वांगचुक, Jantar Mantar, जंतर मंतर, Delhi Police, दिल्ली पुलिस, NEET Paper Leak, नीट पेपर लीक, Safdarjung Hospital, सफदरजंग अस्पताल, CBI Investigation, सीबीआई जांच, Student Protest, छात्र आंदोलन, Dharmendra Pradhan, धर्मेंद्र प्रधान, Delhi High Court, दिल्ली हाईकोर्ट, Hunger Strike, आमरण अनशन, CJP, Abhijeet Deepke, अभिजीत दीपके, Breaking News, ब्रेकिंग न्यूज, Education Minister, शिक्षा मंत्री&quot;</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी में 300+ पुलिसकर्मियों से 10 करोड़ की ठगी, फर्जी होम लोन और रजिस्ट्री के नाम पर मां&amp;बेटे का गिरोह सक्रिय</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1375</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1375</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 145, 121);"><strong>एक सोच -एक सच </strong></span></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">जयचन्द: </span>वाराणसी। वाराणसी में फर्जी होम लोन और मकान रजिस्ट्री के नाम पर 300 से अधिक पुलिसकर्मियों से 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित पुलिसकर्मियों की शिकायत पर लालपुर-पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। </strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार</strong></span></p>
<p><strong>कैंट और पर्यटक थाने में तैनात आरक्षियों सहित कई कर्मियों को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने इनके नाम पर सरकारी बैंकों से 15-15 लाख रुपये का होम लोन पास करवा दिया। लोन की रकम खाते में आते ही आरोपी पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस और अन्य खर्चों के नाम पर 7.50 लाख से 13 लाख रुपये तक अपने निजी खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।</strong></p>
<p><strong>इसके बाद जिन मकानों को खरीदने के लिए लोन लिया गया था, उनकी जांच में पता चला कि उनका असली मालिक कोई और है। इस कारण पीड़ित पुलिसकर्मियों को न तो मकान मिल सका और न ही रजिस्ट्री हो सकी। उल्टा उनके सिर पर बैंक का कर्ज चढ़ गया।</strong></p>
<p><strong>पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह के खिलाफ अब तक आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। ठगी की कुल रकम 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।</strong></p>
<p><strong>मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित कर्मियों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे घोटाले में विभाग के ही कुछ अंदरूनी लोगों का संरक्षण गिरोह को प्राप्त था। इसी कारण आरोपी आसानी से पुलिसकर्मियों तक पहुंच पा रहे थे।</strong></p>
<p><strong>फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले की गहन जांच कर रहा है। मां-बेटे समेत कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही बैंक और रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों के बयान भी लिए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी बैंकों और रजिस्ट्री कार्यालयों को अलर्ट कर दिया है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 08:30:56 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी में 300 पुलिसकर्मियों से 10 करोड़ की ठगी, फर्जी होम लोन घोटाला</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी में 300+ पुलिसकर्मियों से 10 करोड़ की ठगी, फर्जी होम लोन और रजिस्ट्री के नाम पर मां&amp;बेटे का गिरोह सक्रिय</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 145, 121);"><strong>एक सोच -एक सच </strong></span></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">जयचन्द: </span>वाराणसी। वाराणसी में फर्जी होम लोन और मकान रजिस्ट्री के नाम पर 300 से अधिक पुलिसकर्मियों से 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित पुलिसकर्मियों की शिकायत पर लालपुर-पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। </strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार</strong></span></p>
<p><strong>कैंट और पर्यटक थाने में तैनात आरक्षियों सहित कई कर्मियों को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने इनके नाम पर सरकारी बैंकों से 15-15 लाख रुपये का होम लोन पास करवा दिया। लोन की रकम खाते में आते ही आरोपी पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस और अन्य खर्चों के नाम पर 7.50 लाख से 13 लाख रुपये तक अपने निजी खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।</strong></p>
<p><strong>इसके बाद जिन मकानों को खरीदने के लिए लोन लिया गया था, उनकी जांच में पता चला कि उनका असली मालिक कोई और है। इस कारण पीड़ित पुलिसकर्मियों को न तो मकान मिल सका और न ही रजिस्ट्री हो सकी। उल्टा उनके सिर पर बैंक का कर्ज चढ़ गया।</strong></p>
<p><strong>पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह के खिलाफ अब तक आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। ठगी की कुल रकम 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।</strong></p>
<p><strong>मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित कर्मियों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे घोटाले में विभाग के ही कुछ अंदरूनी लोगों का संरक्षण गिरोह को प्राप्त था। इसी कारण आरोपी आसानी से पुलिसकर्मियों तक पहुंच पा रहे थे।</strong></p>
<p><strong>फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले की गहन जांच कर रहा है। मां-बेटे समेत कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही बैंक और रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों के बयान भी लिए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी बैंकों और रजिस्ट्री कार्यालयों को अलर्ट कर दिया है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 08:28:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी में 300 पुलिसकर्मियों से 10 करोड़ की ठगी, फर्जी होम लोन घोटाला</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी: GST की उपायुक्त अंबिका 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, दादा रेस्तरां के पास विजिलेंस ने बिछाया जाल</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1373</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 145, 121);"><strong> _एक सोच-एक सच_</strong></span></p>
<p><strong> <span style="color: rgb(0, 44, 255);">कुलदीप बरनवाल की रिपोर्ट -</span>वाराणसी।उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की वाराणसी टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग की उपायुक्त अंबिका को 50 हजार रुपये नकद रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई चेतगंज स्थित दादा रेस्तरां के पास की गई।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(0, 44, 255);">क्या है पूरा मामला </span>ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के निदेशक अजय कुमार मौर्य ने सतर्कता अधिष्ठान में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मौर्य ने आरोप लगाया कि उनकी कंपनी के फरवरी 2023 के जीएसटी रिटर्न और राज्य आगणन से संबंधित फाइल के निस्तारण के लिए उपायुक्त अंबिका ने 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।</strong></p>
<p><strong>पीड़ित के अनुसार, फाइल महीनों से उपायुक्त के पास लंबित थी और बिना पैसे दिए निस्तारण नहीं किया जा रहा था। परेशान होकर निदेशक ने विजिलेंस से संपर्क किया।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>इस तरह बिछाया गया जाल</strong></span></p>
<p><strong>शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने जाल बिछाने का प्लान बनाया। बुधवार को तय समय पर शिकायतकर्ता को उपायुक्त अंबिका को चेतगंज के दादा रेस्तरां के पास 50 हजार रुपये नकद देने के लिए भेजा गया।</strong></p>
<p><strong>जैसे ही उपायुक्त ने रिश्वत की रकम ली, पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस की टीम ने उन्हें धर-दबोचा। टीम ने मौके से 50 हजार रुपये की नकदी भी बरामद कर ली।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(0, 44, 255);"><strong>FIR दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी</strong></span></p>
<p><strong>गिरफ्तारी के बाद उपायुक्त अंबिका को सतर्कता अधिष्ठान थाना, वाराणसी सेक्टर लाया गया। यहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।</strong></p>
<p><strong>विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पूछताछ में और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।</strong></p>
<p><strong>इस कार्रवाई से जीएसटी विभाग और व्यापारी वर्ग में हड़कंप मच गया है। व्यापारी संगठनों ने विजिलेंस की इस कार्रवाई की सराहना की है और कहा है कि इससे भ्रष्ट अधिकारियों को सबक मिलेगा।</strong></p>
<p><strong>देखें एक्सक्लूसिव वीडियो <a href="https://youtube.com/shorts/69G0tSMosGY?si=xX0Wf400d-Ef_Jcv">https://youtube.com/shorts/69G0tSMosGY?si=xX0Wf400d-Ef_Jcv</a></strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 04:48:37 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी में GST उपायुक्त अंबिका 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार | UP Vigilance Action</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी: CJM कोर्ट के आदेश पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष समेत 10 पर FIR, 50 करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1372</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(0, 0, 0);"><strong> वाराणसी:जयचन्द </strong></span></p>
<p><strong>वाराणसी। रोहनिया थाने में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेश पर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह समेत 10 लोगों के खिलाफ 50 करोड़ रुपये की जमीन हड़पने के मामले में FIR दर्ज हुई है।</strong></p>
<p><strong>मामला मोहनसराय निवासी प्रमिला मिश्रा की शिकायत पर दर्ज हुआ है। शिकायत में बताया गया है कि उनके पति ओम प्रकाश मिश्रा रिटायर्ड शिक्षक हैं और पिछले दो साल से किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं। उनका नियमित डायलिसिस होता है।</strong></p>
<p><strong>आरोप क्या है?</strong></p>
<p><strong>आरोप है कि पति की बीमारी का फायदा उठाकर उनके रिश्तेदार विशाल मिश्रा और ड्राइवर रवि उपाध्याय ने आयुष्मान कार्ड बनवाने के बहाने उन्हें गंगापुर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय ले गए। डायलिसिस के बाद अर्धचेतन अवस्था में उनसे फर्जी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले लिए गए।</strong></p>
<p><strong>इसी के जरिए करीब 70 बिस्वा पैतृक जमीन और एक कमर्शियल गोदाम को फर्जी सेल डीड और गिफ्ट डीड के जरिए आरोपियों के नाम ट्रांसफर करा लिया गया। शिकायत में यह भी आरोप है कि पीड़ित के नाम पर एक नया बैंक खाता खोलकर उनका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी बदल दिया गया। बाद में यह पूरी संपत्ति भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह को बेच दी गई।</strong></p>
<p><strong>पुलिस ने BNS की धारा 318(4) समेत अन्य सुसंगत धाराओं में 10 लोगों को नामजद किया है। इनमें सुरेश कुमार सिंह, विशाल मिश्रा, रवि उपाध्याय, वरुणापति उपाध्याय, नितेश राय उर्फ सोनू, अजय कुमार तिवारी, प्रवीण कुमार सिंह, प्रशांत कुमार सिंह, तत्कालीन सब-रजिस्ट्रार अनिल कुमार और लिपिक सत्यांशु सिंह शामिल हैं।</strong></p>
<p><strong>आरोपियों का पक्ष:</strong></p>
<p><strong>उधर भाजपा नेता सुरेश सिंह ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि शिक्षक का अपने बेटे से पारिवारिक विवाद था, इसलिए उन्होंने अपनी मर्जी से जमीन अपने रिश्तेदार को दान की थी। उन्होंने जमीन भतीजे से नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया से खरीदी है।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 13:50:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी पुलिस ने 24 घण्टे में हत्याकांड पर से उठाया पर्दा हुये 4 आरोपी बेपर्दा</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1371</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1371</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p><strong>वाराणसी। थाना चौक क्षेत्र में 15 जून की रात गोली मारकर हुई हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने 24 घंटे के अंदर 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से एक अवैध देशी पिस्टल और दो मोटरसाइकिल भी बरामद की गई हैं।</strong></p>
<p><strong>पुलिस के अनुसार, वारदात के अगले दिन पीड़ित पक्ष की तहरीर पर थाना चौक में केस दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता देखते हुए सर्विलांस और एसओजी की मदद से टीम गठित की गई। 16 जून को मुखबिर की सूचना और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर आरोपियों को घेरकर पकड़ लिया गया।</strong></p>
<p><strong>पूछताछ में गिरफ्तार लोगों ने हत्या में शामिल होने की बात कबूली। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश का मामला सामने आया है, बाकी बिंदुओं की जांच जारी है।</strong></p>
<p><strong>कौन हैं गिरफ्तार लोग?</strong></p>
<p><strong>1. विशाल भारतीय उर्फ जानू – बेनियाबाग, थाना चौक, 20 वर्ष</strong></p>
<p><strong>2. विकास विश्वकर्मा उर्फ सोनू – चुरामनपुर, थाना लोहता, 24 वर्ष</strong></p>
<p><strong>3. सुजीत बाल्मिकी – मरेठवा पोखरा, थाना लोहता, 19 वर्ष</strong></p>
<p><strong>4. कृष्णा बाल्मिकी – बेनियाबाग, थाना चौक, 18 वर्ष</strong></p>
<p></p>
<p><strong>क्या हुआ बरामद?</strong></p>
<p><strong>टीम ने मौके से 32 बोर की एक देशी पिस्टल, एक टीवीएस अपाचे और एक बजाज पल्सर RS 200 बरामद की है। पुलिस का कहना है कि पिस्टल का इस्तेमाल हत्या में हुआ था और दोनों बाइक वारदात के समय इस्तेमाल की गई थीं।</strong></p>
<p><strong>अच्छे काम के लिए कार्रवाई में शामिल टीम को पुलिस उपायुक्त काशी जोन की ओर से 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया है।</strong></p>
<p><strong>फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी है। पुलिस अन्य संभावित लिंक की भी जांच कर रही है। </strong></p>
<p><strong>देखे एडीसीपी वैभव बांगर की बाईट -</strong></p>
<p><strong> <a href="https://youtu.be/eb-cCVulAxM?si=xF9Plx1F_w0Pw7ay">https://youtu.be/eb-cCVulAxM?si=xF9Plx1F_w0Pw7ay</a></strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 03:43:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी: छत गिरने के बाद फिर जर्जर भवन में शिफ्ट हुआ कबीरचौरा आयुर्वेदिक अस्पताल, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल!</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1370</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1370</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><strong> <span style="color: rgb(22, 0, 255);">SPECIAL REPORT </span></strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">वाराणसी</span>: कबीरचौरा स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की जर्जर हालत एक बार फिर चर्चा में है। जुलाई 2024 में छत का हिस्सा गिरने से एक महिला और उसके बच्चे के घायल होने के बाद बंद किया गया यह अस्पताल, जून 2026 में प्रशासन द्वारा उसी असुरक्षित इमारत में दोबारा शुरू कर दिया गया है।</strong></p>
<p><strong style="color: rgb(22, 0, 255);">जर्जर भवन में दोबारा शिफ्टिंग, सुरक्षा पर उठे सवाल</strong></p>
<p><strong>जुलाई 2024 में अस्पताल की छत की पटिया गिरने से इलाज कराने आई एक महिला और उनका मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद अस्पताल को वहां से हटाकर सुरक्षित स्थान पर संचालित किया जा रहा था।</strong></p>
<p><strong>लेकिन जून 2026 में प्रशासन ने अस्पताल को फिर उसी भवन में शिफ्ट कर मरीजों के लिए खोल दिया। आज भी इमारत की खिड़कियों और दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें और पुराना मलबा साफ देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि इससे डॉक्टरों और मरीजों की जान लगातार खतरे में है।</strong></p>
<p><strong>चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नीलाद्रि भट्टाचार्या ने बताया कि विभाग ने केवल उस सीमित हिस्से की मरम्मत कराई है जहां वर्तमान में ओपीडी और इलाज संचालित किया जा रहा है। उनका दावा है कि वर्तमान ओपीडी एरिया में कोई खतरा नहीं है, जबकि भवन का बाकी हिस्सा अब भी खस्ताहाल है।</strong></p>
<p><strong style="color: rgb(22, 0, 255);">पास ही बन रहा है 315 करोड़ का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल</strong></p>
<p><strong>कबीरचौरा परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े बदलाव हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने कबीरचौरा के पुराने अनुपयोगी सरकारी ढांचों को ध्वस्त कर ₹315.48 करोड़ की लागत से 500 बेड का 8 मंजिला आधुनिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने की मंजूरी दी है।</strong></p>
<p><strong>इस निर्माण कार्य के चलते आसपास के कई पुराने विभागों और चिकित्सालयों की शिफ्टिंग की जा रही है।</strong></p>
<p><strong style="color: rgb(22, 0, 255);">बड़ा सवाल: विकास के नाम पर जान से खिलवाड़?</strong></p>
<p><strong>जब सरकार खुद 315 करोड़ खर्च कर 500 बेड का नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बना रही है, तो सवाल ये उठता है कि मरीजों और डॉक्टरों को जान जोखिम में डालकर जर्जर भवन में दोबारा क्यों शिफ्ट किया गया?</strong></p>
<p><strong>क्या यह प्रशासन की लापरवाही है, या बजट और समय बचाने की मजबूरी? और अगर कल फिर कोई हादसा हुआ, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?</strong></p>
<p><strong>स्थानीय लोगों की मांग साफ है - जब तक नया भवन तैयार नहीं हो जाता, आयुर्वेदिक अस्पताल को किसी सुरक्षित वैकल्पिक स्थान पर संचालित किया जाए।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>-<span style="color: rgb(22, 0, 255);">देखे हमारी विशेष रिपोर्ट </span></strong></p>
<p><strong>वाराणसी | राजकीय आयुर्वेद अस्पताल खुद बीमार ! खंडहर बना चिकित्सालय | जिम्मेदार कौन?</strong></p>
<p><strong><a href="https://youtube.com/shorts/eeNKXtHfMkA?si=8NYWGVzgFK_nCF-v">https://youtube.com/shorts/eeNKXtHfMkA?si=8NYWGVzgFK_nCF-v</a></strong></p>
<p><strong></strong></p>
<p><strong><a href="https://youtube.com/shorts/7X0tpTRJWvk?si=XUEffqwOZg63BpsS">https://youtube.com/shorts/7X0tpTRJWvk?si=XUEffqwOZg63BpsS</a></strong></p>
<p><strong></strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 05:06:27 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी कबीरचौरा आयुर्वेदिक अस्पताल, जर्जर अस्पताल वाराणसी, UP Health Department News, Kabirchaura Hospital News, Varanasi Health News</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>रामनगर एसडीओ की कथित लापरवाही से दो लाइनमैन गंभीर रूप से घायल, एक ट्रामा सेंटर रेफर</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1369</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1369</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong> VARANASI </strong></span></p>
<p><strong>वाराणसी 31 मई 2026: रामनगर विद्युत उपकेंद्र के एसडीओ की कथित लापरवाही के कारण दो लाइनमैन काजू और संजय गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। काजू को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, रामनगर से बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है, जबकि संजय का उपचार रामनगर में ही चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत चिंताजनक है।</strong></p>
<p><strong>विद्युत मज़दूर पंचायत उ0प्र0 के प्रांतीय अतिरिक्त महामंत्री ओ0पी0 सिंह ने बताया कि आज शाम लगभग 4 बजे एसडीओ रामनगर ने काजू और संजय को एक नाविक के नाव मरम्मत कार्य से जुड़े विद्युत लाइन का निरीक्षण करने के लिए भेजा था। कर्मचारियों ने एसडीओ को अवगत कराया था कि पूर्व में उसी स्थान पर नाव मरम्मत के दौरान नाविक के पुत्र की मृत्यु हो चुकी है, अतः मौजूदा माहौल में वहां जाना उचित नहीं है। आरोप है कि कर्मचारियों के इंकार करने पर एसडीओ ने दबाव बनाकर उन्हें जबरन मौके पर भेज दिया।</strong></p>
<p><strong>मौके पर पहुंचने पर कुछ नाविकों ने दोनों लाइनमैन के साथ मारपीट की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, रामनगर ले जाया गया। काजू की नाजुक हालत देखते हुए चिकित्सकों ने उसे ट्रामा सेंटर, बीएचयू रेफर कर दिया, जबकि संजय को वहीं भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।</strong></p>
<p><strong>घटना के बाद एसडीओ और अधिशासी अभियंता द्वारा फोन नहीं उठाने से कर्मचारियों में रोष फैल गया। सूचना मिलने पर विद्युत मज़दूर पंचायत के पदाधिकारियों ने मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता, वाराणसी क्षेत्र को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। पंचायत ने दोनों घायल कर्मियों के समुचित इलाज की व्यवस्था कराने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।</strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 31 May 2026 21:23:59 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>रामनगर न्यूज़, वाराणसी ब्रेकिंग, बिजली विभाग वाराणसी, लाइनमैन पिटाई, एसडीओ रामनगर, विद्युत मज़दूर पंचायत यूपी, बीएचयू ट्रामा सेंटर, काजू लाइनमैन, संजय लाइनमैन, बिजलीकर्मी घायल</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>200 साल का सूरज: जब रोटी&amp;नमक पर निकला था हिंदी का पहला अखबार</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1368</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><em><strong>पत्रकारिता दिवस विशेष </strong></em></span></p>
<p><em><strong>30 मई: हिंदी पत्रकारिता दिवस और 'उदंत मार्तण्ड' के 200 साल 30 मई 1826 का दिन हिंदी जगत के लिए ऐतिहासिक है। इसी दिन कोलकाता से पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने हिंदी का पहला समाचार पत्र 'उदंत मार्तण्ड' शुरू किया था। 2026 में इसके 200 साल पूरे हो रहे हैं। एक ऐसे दौर में जब हिंदी को कम महत्व दिया जाता था, शुक्ल जी ने खबरों का सूरज उगाया था।</strong></em></p>
<p><em><strong>'</strong></em><strong>उदंत मार्तंड' से जुड़े 9 महत्वपूर्ण तथ्य</strong></p>
<p><strong>- पहला हिंदी अखबार: 30 मई 1826, मंगलवार को कोलकाता के अमरतल्ला लेन, बड़ा बाजार से प्रकाशित हुआ। हर मंगलवार को निकलता था।</strong></p>
<p><strong>- नाम का मतलब: 'उदंत' यानी दांत और 'मार्तण्ड' यानी सूरज। नामकरण कोलकाता के संस्कृत कॉलेज के पंडितों ने किया था लेकिन एक गलती से प्रिंट में रह गई मार्तंड की जगह मार्तण्ड हो गया ये गल्ती संस्कृत में बहुत ही बारीक थी लेकिन उदयन्त मतलब उगता हुआ 'य' का यह गल्ती य के बिना प्रिंट होगयी जिससे इसका नाम उदन्त मतलब दांत वाला सूर्य हो गया और प्रिंट के बाद दिखी इसलिए उदन्त ही हर अंक में छपी।</strong></p>
<p><strong>- कीमत और पाठक: एक अंक की कीमत एक आना थी। शुरुआती ग्राहक सिर्फ 100 थे, जो बाद में घटकर 75 रह गए।</strong></p>
<p><strong>- भाषा और खबरें: खड़ी बोली-उर्दू मिश्रित भाषा थी। देश-विदेश की खबरें, कोलकाता के बाजार भाव, गंगा का जलस्तर और सरकारी घोषणाएँ छपती थीं।</strong></p>
<p><strong>- आर्थिक तंगी: सरकार से मदद और विज्ञापन न मिलने से अखबार घाटे में चला। शुक्ल जी ने घर-गहने बेचकर अखबार चलाया।</strong></p>
<p><strong>- ऐतिहासिक विज्ञापन: 4 दिसंबर 1827 को आखिरी अंक में विज्ञापन छपा - "रोटी और नमक पर काम करने वाला कोई हिंदुस्तानी चाहिए"। 15 दिन बाद भी कोई नहीं आया।</strong></p>
<p><strong>- अंतिम अंक: 19 दिसंबर 1827 को 79वें अंक के साथ 'उदंत मार्तण्ड' बंद हो गया। कुल उम्र सिर्फ 1 साल 7 महीने रही।</strong></p>
<p><strong>- शुक्ल जी का त्याग: कानपुर के वकील जुगल किशोर शुक्ल ने वकालत छोड़कर पत्रकारिता अपनाई। मरते वक्त 500 रुपये का कर्ज था।</strong></p>
<p><strong>- दूसरा प्रयास- 1846 में 'सामदंड मार्तंड' नाम से अखबार निकाला। 'साम' यानी प्यार से, 'दंड' यानी डंडे से। 6 महीने में अंग्रेजों ने बंद करा दिया।</strong></p>
<p><em><strong>आज का दिन क्यों खास है?</strong></em></p>
<p><em><strong>'उदंत मार्तण्ड' ने साबित किया कि हिंदी सिर्फ साहित्य की नहीं, खबरों की भी भाषा है। रोटी-नमक पर भी न बिकने वाला जज्बा आज डिजिटल मीडिया में भी जिंदा है। शुक्ल जी का सपना था कि हिंदी का हर आदमी जागरूक हो।</strong></em></p>
<p style="text-align: center;"><strong><em>श्रद्धांजलि</em></strong></p>
<p><em><strong>पंडित जुगल किशोर शुक्ल का संघर्ष हर हिंदी पत्रकार के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा था - "अब काह करैं, हाथ मलि-मलि पछिताय"। आज 200 साल बाद हम कह सकते हैं - "शुक्ल जी, आपका 'मार्तण्ड' अब कभी अस्त नहीं होगा।"</strong></em></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 May 2026 14:28:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>उदन्त मार्तण्ड, 200 साल का सूरज, जुगल किशोर शुक्ल, हिंदी पत्रकारिता दिवस, पहला हिंदी अखबार, 30 मई 1826, रोटी नमक विज्ञापन, सामदंड मार्तंड, हिंदी पत्रकारिता के 200 साल, कोलकाता अमरतल्ला लेन, 4 दिसंबर 1827, हिंदी का पहला समाचार पत्र, पंडित जुगल किशोर शुक्ल संघर्ष, उदन्त मार्तण्ड इतिहास, हिंदी पत्रकारिता 1826, पत्रकारिता -दिवस 2026</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी: निजीकरण और दमनात्मक नीतियों के खिलाफ बिजलीकर्मियों का हल्लाबोल, MD ऑफिस भिखारीपुर पर किया जोरदार प्रदर्शन</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1367</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>वाराणसी :संवाददाता </strong></span></p>
<p><strong>वाराणसी, 25 मई 2026। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले पूर्वांचल के सैकड़ों बिजलीकर्मियों ने सोमवार को निजीकरण, कर्मचारी विरोधी नीतियों और ऊर्जा प्रबंधन की उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के विरोध में भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।</strong></p>
<p><strong>प्रदर्शन में बिजली कर्मचारी, अभियंता, जूनियर इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी और संविदा कर्मी बड़ी संख्या में शामिल हुए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऊर्जा प्रबंधन कर्मचारी हितों की आवाज उठाने वालों पर लगातार दमनात्मक कार्रवाई कर रहा है। स्थानांतरण, निलंबन, चार्जशीट और मानसिक दबाव बनाकर कर्मचारियों को भयभीत किया जा रहा है।</strong></p>
<p><strong>मुख्य मांगें: </strong></p>
<ol>
<li><strong>03 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री एवं शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते का तत्काल पालन किया जाए।</strong></li>
<li><strong>मार्च 2023 के आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों पर दर्ज FIR, निलंबन, दूरस्थ स्थानों पर किए गए स्थानांतरण और अन्य दमनात्मक कार्रवाइयां तुरंत वापस ली जाएं।</strong></li>
<li><strong>मई 2025 में किए गए सेवा नियमों के संशोधन को वापस लिया जाए। बिना जांच, बिना सुनवाई सेवा से बर्खास्त करने का प्रावधान अलोकतांत्रिक है।</strong></li>
<li><strong>फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध सभाओं में भाग लेने पर ट्रांसफर, VC से अलग होने पर कार्रवाई बंद हो।</strong></li>
<li><strong>बिजली कर्मियों के आवासों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाना बंद किया जाए।</strong></li>
<li><strong>ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने पर अभियंताओं-जूनियर इंजीनियरों से वसूली का आदेश वापस लिया जाए।</strong></li>
</ol>
<p><strong>                   वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदम न केवल बिजलीकर्मियों के हितों के विरुद्ध हैं, बल्कि आम उपभोक्ताओं के लिए भी घातक सिद्ध होंगे। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।</strong></p>
<p><strong>सभा को ई0 जितेन्द्र सिंह गुर्जर, ई0 मायाशंकर तिवारी, महेंद्र राय, ओ0पी0 सिंह, प्रेमनाथ राय, चंद्रभूषण उपाध्याय, सूर्यदेव पाण्डेय, अखिलेश शर्मा, दलसिंगार यादव, निखिलेश सिंह, ई0 एस0के0 सिंह, रामकुमार झा, गिरीश यादव, धर्मेंद्र यादव, कृष्णा सिंह, सुरेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, उपेंद्र चौरसिया, दीपक पटेल, सुनील प्रजापति, चंद्रजीत यादव, नवीन सिंह, मिथिलेश यादव आदि ने संबोधित किया।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 21:37:49 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी बिजली विभाग न्यूज़, बिजलीकर्मियों का प्रदर्शन, निजीकरण के खिलाफ हड़ताल, भिखारीपुर MD ऑफिस न्यूज़, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, UP बिजली विभाग समझौता 2022, बिजली कर्मचारी निलंबन FIR, सेवा नियम संशोधन विरोध, फेशियल अटेंडेंस विवाद, स्मार्ट मीटर विरोध, 25 मई 2026 वाराणसी  *Meta Description:*   वाराणसी के भिखारीपुर MD ऑफिस पर बिजलीकर्मियों का निजीकरण और दमनात्मक नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन। 03 दिसंबर 2022 के समझौते को लागू करने और मार्च 2023 की FIR-निलंबन वापस लेने की मांग। पढ़</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी में साइबर ठगी: पेंटर बनकर घर में घुसा शातिर, सिम स्वैप और फर्जी UPI से बुजुर्ग के खाते से उड़ाए ₹12 लाख, 2 गिरफ्तार</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1366</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">वाराणसी</span>। पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बुजुर्ग के बैंक खाते से ₹12 लाख की साइबर ठगी करने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर डीसीपी अपराध के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सर्विलांस की मदद से 27 मई को बलिया निवासी विनय कुमार और गाजीपुर निवासी सुरेंद्र कुमार को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया।</strong></p>
<p><strong>एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने बताया कि घटना की कड़ियां एक महीना पहले से जुड़ी हैं। गिरफ्तार आरोपी विनय कुमार पेशे से पेंटर है। वह करीब एक महीने पहले सेवानिवृत्त कर्मी शिवदत्त हरिजन के घर पेंटिंग का काम करने गया था। शिवदत्त वर्तमान में इंजीनियर हाल पुलिस लाइन, वाराणसी में रहते हैं। काम के दौरान विनय ने बड़ी चालाकी से बुजुर्ग के मोबाइल से उनका सिम कार्ड निकाल लिया। साथ ही घर में रखे उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड की तस्वीरें खींच लीं और उसकी डुप्लीकेट कॉपियां तैयार कर लीं।</strong></p>
<p><strong>विनय ने यह सिम कार्ड और दस्तावेज अपने साथी सुरेंद्र कुमार को सौंप दिए। इसके बाद दोनों ने एक नए मोबाइल में सिम कार्ड डालकर पीड़ित के नाम पर Paytm, PhonePe और G-Pay जैसे यूपीआई अकाउंट एक्टिवेट कर लिए। चूंकि सिम और केवाईसी के दस्तावेज इनके पास थे, इसलिए वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत नहीं हुई। आरोपियों ने पिछले एक महीने के दौरान अलग-अलग जनसेवा केंद्रों और सीएसपी काउंटरों पर जाकर फर्जी पहचान पत्रों के सहारे किस्तों में कुल ₹12 लाख की निकासी कर ली।</strong></p>
<p><strong>बीती 24 मई 2026 को जब पीड़ित शिवदत्त हरिजन को उनके खाते से रकम गायब होने की भनक लगी तो उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की और 27 मई को दोनों आरोपियों को दबोच लिया।</strong></p>
<p><strong>पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन जिनमें दो कीपैड फोन हैं, ₹70,000 नकद और 4 फर्जी कूट रचित डुप्लीकेट आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने फ्रॉड से जुड़े खातों में ₹8 लाख होल्ड भी करा दिए हैं।</strong></p>
<p><strong>एसीपी ने बताया कि पकड़े गए दोनों अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास है। ये दोनों पहले भी मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने और एक फर्जी चेक के मामले में संलिप्त रहे हैं, जिसके आरोप में ये जेल की हवा भी खा चुके हैं।</strong></p>
<p><strong>साइबर पुलिस सहायक आयुक्त विदूस सक्सेना ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपने घर में काम करने वाले बाहरी लोगों जैसे पेंटर, प्लंबर, कारपेंटर पर नजर रखें। अपने मोबाइल, सिम कार्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे आधार, पैन, पासबुक कभी भी खुले में न छोड़ें।</strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 May 2026 20:20:38 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी साइबर ठगी, पेंटर बनकर ठगी, सिम स्वैप फ्रॉड, बुजुर्ग से 12 लाख की ठगी, वाराणसी पुलिस, साइबर क्राइम न्यूज, फर्जी UPI अकाउंट, CSP से निकासी, विनय कुमार, सुरेंद्र कुमार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>नौतपा कल से शुरू: 9 दिन तपेगी धरती, 45° पार जाएगा पारा | किसान बोले&amp; यही है फ्री कीटनाशक</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1365</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1365</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong> गांव की ठंडी चौपाल की रिपोर्ट</strong></span></p>
<p><strong>वाराणसी, 24 मई 2026: ज्येष्ठ की तपती दोपहरी में कल से नौतपा शुरू हो रहा है। 25 मई से 2 जून तक अगले 9 दिन धरती आग उगलेगी। मौसम विभाग का अलर्ट है कि पूर्वांचल में पारा 45-47 डिग्री तक जाएगा।</strong></p>
<p><strong>पर गांव की चौपाल पर डर नहीं, उम्मीद की चर्चा है। 80 साल के किसान रामलखन गमछा पोंछते बोले - "बेटा, घबरा मत। नौतपा तपे, तो धरती सोना उगले। जिस साल नौतपा नहीं तपा, उस साल धान में कल्ले भी नहीं फूटे"।</strong></p>
<p><strong>नौतपा हर साल 25 मई से 2 जून तक लगता है। खगोल के हिसाब से इन 9 दिनों सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहते हैं। किसानों की जुबान में ये साल के सबसे गर्म 9 दिन हैं। यही तय करते हैं कि सावन कैसा बीतेगा और खेत कैसा लहलहाएगा।</strong></p>
<p><strong>बुजुर्ग कहते हैं "तपे नौतपा, तो छप्पर फाड़ बरसे"। तपी धरती लो-प्रेशर एरिया बनाती है जो अरब सागर से मानसूनी हवाएं खींचता है। मतलब साफ है - नौतपा कमजोर तो सूखा पक्का। दूसरी बड़ी बात ये कि 45 डिग्री से ऊपर के तापमान में दीमक, सुंडी, फंगस और नेमाटोड के अंडे भुन जाते हैं। किसान इसे कुदरत का मुफ्त कीटनाशक कहते हैं। कहावत भी है - "नौतपा में खेत तपा नहीं, तो किसान साल भर पछताया"। इससे दवा का खर्च बचता है।</strong></p>
<p><strong>रोहिणी नक्षत्र का निवास समुद्र में माना गया है। कहते हैं नौतपा की गर्मी से समुद्र का पानी भाप बनकर उड़ता है और वही सावन में बादल बनकर बरसता है। इसलिए कहावत चली - "रोहिनी बरसे, मृग तपे, तो खेती करे जग"। आयुर्वेद के हिसाब से भी ये गर्मी जरूरी है। "नौतपा सह लो, साल भर निरोगी रहो" - इस दौरान दूषित पसीना निकलता है और वात-कफ बैलेंस होते हैं।</strong></p>
<p><strong>बनारस में मान्यता है कि "बाबा विश्वनाथ नौतपा में खुद तप करते हैं"। उनकी तपस्या से ही काशी और गंगा ठंडी रहती है। इसलिए यहां नौतपा को "बाबा का प्रसाद" कहते हैं। काशी का बेटा तपन से नहीं डरता, क्योंकि ये 9 दिन की तपन ही आगे राहत लाती है।</strong></p>
<p><strong>अब काम की बात - नौतपा का 9 दिनी हिसाब। बुजुर्ग कहते हैं "नौतपा की आग, खेत का वैद्य"। हर दिन की गर्मी अलग दुश्मन मारती है।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>25 मई सोमवार को पहला दिन है। आज दीमक के अंडे और सफेद लट मरेंगे। खेत में मिट्टी पलटकर गहरी जुताई शुरू करो। पहले 6 इंच की परत तोड़ दो। गांव में कहते हैं - "पहले दिन हल चला, दीमक की जड़ हिला"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>26 मई मंगलवार को दूसरा दिन फफूंद और जड़ सड़न को खत्म करेगा। खेत में गोबर खाद या कम्पोस्ट फैला दो। तेज धूप में सड़कर अमृत बन जाएगी। कहावत है - "दूजे दिन खाद पड़े, फफूंदी जड़ से जले"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>27 मई बुधवार तीसरे दिन व्हाइट ग्रब और कटुआ कीट का सफाया होगा। आज मेड़बंदी मजबूत करो ताकि बारिश का एक बूंद भी बाहर न जाए। "तीजे दिन मेड़ बांधो, लट का नाम मिटाओ"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>28 मई गुरुवार चौथे दिन नेमाटोड यानी सूत्रकृमि भाप बनेंगे। खेत को यूं ही तपने दो। इसे खेती की भाषा में सॉइल सोलराइजेशन कहते हैं। "चौथे दिन खेत तपे, नेमाटोड भाप बने"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>29 मई शुक्रवार पांचवें दिन खरपतवार के बीज और मोथा भुन जाएंगे। कल्टीवेटर या रोटावेटर चलाओ। ऊपर आए बीज खत्म हो जाएंगे। "पांचवें दिन खर भुने, अगली फसल दूनी उगे"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>30 मई शनिवार छठे दिन तना छेदक के प्यूपा मरेंगे। आज ट्रैक्टर, पंप और बीज सब चेक कर लो। औजार सुधार लो ताकि बुवाई में दिक्कत न हो। "छठे दिन औजार संभालो, बुवाई में ना खाओ गालो"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>31 मई रविवार सातवें दिन माहू और थ्रिप्स के अंडे खत्म होंगे। खेत में नीम खली 2 क्विंटल प्रति एकड़ भुरक दो "सातवें दिन नीम पड़े, माहू का वंश मरे"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>1 जून सोमवार आठवें दिन बैक्टीरियल विल्ट और झुलसा रोग जाएगा। पानी की नाली साफ करो। रोग को निकलने का रास्ता दो "आठवें दिन नाली खोलो, रोग को रास्ता दो"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>2 जून मंगलवार नौवें और आखिरी दिन बचे-खुचे सभी कीट मरेंगे। खेत की पूजा करो, बीज को धूप दिखाओ और मानसून का इंतजार करो। "नौवें दिन पूजा-पाठ, अच्छी फसल की आस"।</strong></p>
<p><strong>कृषि विशेषज्ञों के अनुसार 9 दिन में मिट्टी का तापमान 60 डिग्री से ऊपर चला जाता है। इस प्रक्रिया को सॉइल सोलराइजेशन कहते हैं। इससे अगली फसल में रोगों का प्रकोप काफी कम हो जाता है।</strong></p>
<p><strong>लेकिन 3 काम भूलकर भी मत करना। बुजुर्ग चेताते हैं - "नौतपा में पानी दिया तो खेत पपड़ी खाया", मतलब अभी सिंचाई बिल्कुल नहीं। मिट्टी कड़ी हो जाएगी। दूसरा, "रोहिनी में बोया, मृग में रोया" - बुवाई अभी मत करना, बीज 50 डिग्री में झुलस जाएगा। तीसरा, दोपहर 12 से 4 बजे तक खेत या बाहर मत निकलो। लू लग जाएगी। काम सुबह 6 से 10 और शाम 5 से 7 बजे तक करो।</strong></p>
<p><strong>शहर वालों के लिए भी सलाह है - बेल का शरबत, सत्तू, प्याज, पानी पियो। सूती सफेद कपड़े पहनो। पशु-पक्षी के लिए छांव में पानी रखो, पुण्य मिलेगा। पेड़ मत काटो, छांव घटेगी तो अगले साल और तपेगा।</strong></p>
<p><strong>किसान रामलखन आखिर में बोले - "50 साल से खेती कर रहे हैं। जिसने नौतपा का हिसाब रखा, उसकी फसल भगवान ने रखी। ये 9 दिन खेत का ऑपरेशन थियेटर हैं। फ्री में इलाज हो रहा है"</strong>।</p>
<p></p>
<p></p>
<p><em><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">डिस्क्लेमर:नौतपा के बारे में खोजी जानकारी सिर्फ लोगो के मान्यताओं के आधार पर है इंडिया न्यूज रिपोर्ट इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि नही करता है, सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखी गयी है लेख इसमें प्रयोग किये गए नाम काल्पनिक है।</span></strong></em></p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 24 May 2026 16:08:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>नौतपा कल से शुरू: 9 दिन तपेगी धरती, 45° पार जाएगा पारा | किसान बोले&amp; यही है फ्री कीटनाशक</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1364</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1364</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong> गांव की ठंडी चौपाल की रिपोर्ट</strong></span></p>
<p><strong>वाराणसी, 24 मई 2026: ज्येष्ठ की तपती दोपहरी में कल से नौतपा शुरू हो रहा है। 25 मई से 2 जून तक अगले 9 दिन धरती आग उगलेगी। मौसम विभाग का अलर्ट है कि पूर्वांचल में पारा 45-47 डिग्री तक जाएगा।</strong></p>
<p><strong>पर गांव की चौपाल पर डर नहीं, उम्मीद की चर्चा है। 80 साल के किसान रामलखन गमछा पोंछते बोले - "बेटा, घबरा मत। नौतपा तपे, तो धरती सोना उगले। जिस साल नौतपा नहीं तपा, उस साल धान में कल्ले भी नहीं फूटे"।</strong></p>
<p><strong>नौतपा हर साल 25 मई से 2 जून तक लगता है। खगोल के हिसाब से इन 9 दिनों सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहते हैं। किसानों की जुबान में ये साल के सबसे गर्म 9 दिन हैं। यही तय करते हैं कि सावन कैसा बीतेगा और खेत कैसा लहलहाएगा।</strong></p>
<p><strong>बुजुर्ग कहते हैं "तपे नौतपा, तो छप्पर फाड़ बरसे"। तपी धरती लो-प्रेशर एरिया बनाती है जो अरब सागर से मानसूनी हवाएं खींचता है। मतलब साफ है - नौतपा कमजोर तो सूखा पक्का। दूसरी बड़ी बात ये कि 45 डिग्री से ऊपर के तापमान में दीमक, सुंडी, फंगस और नेमाटोड के अंडे भुन जाते हैं। किसान इसे कुदरत का मुफ्त कीटनाशक कहते हैं। कहावत भी है - "नौतपा में खेत तपा नहीं, तो किसान साल भर पछताया"। इससे दवा का खर्च बचता है।</strong></p>
<p><strong>रोहिणी नक्षत्र का निवास समुद्र में माना गया है। कहते हैं नौतपा की गर्मी से समुद्र का पानी भाप बनकर उड़ता है और वही सावन में बादल बनकर बरसता है। इसलिए कहावत चली - "रोहिनी बरसे, मृग तपे, तो खेती करे जग"। आयुर्वेद के हिसाब से भी ये गर्मी जरूरी है। "नौतपा सह लो, साल भर निरोगी रहो" - इस दौरान दूषित पसीना निकलता है और वात-कफ बैलेंस होते हैं।</strong></p>
<p><strong>बनारस में मान्यता है कि "बाबा विश्वनाथ नौतपा में खुद तप करते हैं"। उनकी तपस्या से ही काशी और गंगा ठंडी रहती है। इसलिए यहां नौतपा को "बाबा का प्रसाद" कहते हैं। काशी का बेटा तपन से नहीं डरता, क्योंकि ये 9 दिन की तपन ही आगे राहत लाती है।</strong></p>
<p><strong>अब काम की बात - नौतपा का 9 दिनी हिसाब। बुजुर्ग कहते हैं "नौतपा की आग, खेत का वैद्य"। हर दिन की गर्मी अलग दुश्मन मारती है।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>25 मई सोमवार को पहला दिन है। आज दीमक के अंडे और सफेद लट मरेंगे। खेत में मिट्टी पलटकर गहरी जुताई शुरू करो। पहले 6 इंच की परत तोड़ दो। गांव में कहते हैं - "पहले दिन हल चला, दीमक की जड़ हिला"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>26 मई मंगलवार को दूसरा दिन फफूंद और जड़ सड़न को खत्म करेगा। खेत में गोबर खाद या कम्पोस्ट फैला दो। तेज धूप में सड़कर अमृत बन जाएगी। कहावत है - "दूजे दिन खाद पड़े, फफूंदी जड़ से जले"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>27 मई बुधवार तीसरे दिन व्हाइट ग्रब और कटुआ कीट का सफाया होगा। आज मेड़बंदी मजबूत करो ताकि बारिश का एक बूंद भी बाहर न जाए। "तीजे दिन मेड़ बांधो, लट का नाम मिटाओ"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>28 मई गुरुवार चौथे दिन नेमाटोड यानी सूत्रकृमि भाप बनेंगे। खेत को यूं ही तपने दो। इसे खेती की भाषा में सॉइल सोलराइजेशन कहते हैं। "चौथे दिन खेत तपे, नेमाटोड भाप बने"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>29 मई शुक्रवार पांचवें दिन खरपतवार के बीज और मोथा भुन जाएंगे। कल्टीवेटर या रोटावेटर चलाओ। ऊपर आए बीज खत्म हो जाएंगे। "पांचवें दिन खर भुने, अगली फसल दूनी उगे"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>30 मई शनिवार छठे दिन तना छेदक के प्यूपा मरेंगे। आज ट्रैक्टर, पंप और बीज सब चेक कर लो। औजार सुधार लो ताकि बुवाई में दिक्कत न हो। "छठे दिन औजार संभालो, बुवाई में ना खाओ गालो"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>31 मई रविवार सातवें दिन माहू और थ्रिप्स के अंडे खत्म होंगे। खेत में नीम खली 2 क्विंटल प्रति एकड़ भुरक दो "सातवें दिन नीम पड़े, माहू का वंश मरे"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>1 जून सोमवार आठवें दिन बैक्टीरियल विल्ट और झुलसा रोग जाएगा। पानी की नाली साफ करो। रोग को निकलने का रास्ता दो "आठवें दिन नाली खोलो, रोग को रास्ता दो"।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>2 जून मंगलवार नौवें और आखिरी दिन बचे-खुचे सभी कीट मरेंगे। खेत की पूजा करो, बीज को धूप दिखाओ और मानसून का इंतजार करो। "नौवें दिन पूजा-पाठ, अच्छी फसल की आस"।</strong></p>
<p><strong>कृषि विशेषज्ञों के अनुसार 9 दिन में मिट्टी का तापमान 60 डिग्री से ऊपर चला जाता है। इस प्रक्रिया को सॉइल सोलराइजेशन कहते हैं। इससे अगली फसल में रोगों का प्रकोप काफी कम हो जाता है।</strong></p>
<p><strong>लेकिन 3 काम भूलकर भी मत करना। बुजुर्ग चेताते हैं - "नौतपा में पानी दिया तो खेत पपड़ी खाया", मतलब अभी सिंचाई बिल्कुल नहीं। मिट्टी कड़ी हो जाएगी। दूसरा, "रोहिनी में बोया, मृग में रोया" - बुवाई अभी मत करना, बीज 50 डिग्री में झुलस जाएगा। तीसरा, दोपहर 12 से 4 बजे तक खेत या बाहर मत निकलो। लू लग जाएगी। काम सुबह 6 से 10 और शाम 5 से 7 बजे तक करो।</strong></p>
<p><strong>शहर वालों के लिए भी सलाह है - बेल का शरबत, सत्तू, प्याज, पानी पियो। सूती सफेद कपड़े पहनो। पशु-पक्षी के लिए छांव में पानी रखो, पुण्य मिलेगा। पेड़ मत काटो, छांव घटेगी तो अगले साल और तपेगा।</strong></p>
<p><strong>किसान रामलखन आखिर में बोले - "50 साल से खेती कर रहे हैं। जिसने नौतपा का हिसाब रखा, उसकी फसल भगवान ने रखी। ये 9 दिन खेत का ऑपरेशन थियेटर हैं। फ्री में इलाज हो रहा है"</strong>।</p>
<p></p>
<p></p>
<p><em><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">डिस्क्लेमर:नौतपा के बारे में खोजी जानकारी सिर्फ लोगो के मान्यताओं के आधार पर है इंडिया न्यूज रिपोर्ट इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि नही करता है, सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखी गयी है लेख इसमें प्रयोग किये गए नाम काल्पनिक है।</span></strong></em></p> ]]></description>
        <enclosure url="नौतपा बरदान या अभिशाप" length="49398" type="image/jpeg"/>
        <pubDate>Sun, 24 May 2026 16:08:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी:रोहनियां: ईंट से हमला कर युवक को घायल करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह की टीम ने दबोचा</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1363</link>
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        <description><![CDATA[ <p><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">वाराणसी</span>।थाना रोहनियां पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मारपीट कर युवक को ईंट से गंभीर रूप से घायल करने के मामले में फरार चल रहे 2 नामजद आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।</strong></p>
<p><strong>क्या है मामला:</strong></p>
<p><strong>दिनांक 08.05.2026 को वादी ने थाना रोहनियां में तहरीर दी थी कि आरोपियों ने उनके और उनके चचेरे भाई के साथ गाली-गलौज कर मारपीट की और चचेरे भाई को ईंट से मारकर गंभीर घायल* कर दिया था। पुलिस ने तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।</strong></p>
<p><strong>कहां से हुई गिरफ्तारी:</strong></p>
<p><strong>DCP वरुणा जोन के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत रोहनियां पुलिस ने 15.05.2026 को दोपहर करीब 12:00 बजे लठिया ओवरपास के पास से दोनों आरोपियों को दबोच लिया।</strong></p>
<p><strong>गिरफ्तार आरोपी:</strong></p>
<p><strong>1. दुर्गा शंकर प्रजापति उर्फ दुर्गा प्रजापति पुत्र विजय शंकर प्रजापति, निवासी अमरा खैरा चक, थाना रोहनियां, उम्र 30 वर्ष।</strong></p>
<p><strong>2. रमाशंकर यादव उर्फ कल्लू यादव पुत्र मोती लाल यादव, निवासी अमरा खैरा चक, थाना रोहनियां, उम्र 30 वर्ष।</strong></p>
<p><strong>आपराधिक इतिहास:</strong></p>
<p><strong>दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना रोहनियां में मु0अ0सं0 140/2026, धारा 110, 115(2), 352 BNS के तहत मुकदमा दर्ज है। मामले की विवेचना उ0नि0 धर्मेन्द्र कुमार कर रहे हैं।</strong></p>
<p><strong>गिरफ्तारी करने वाली टीम:</strong></p>
<p><strong>इस कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह, उ0नि0 धर्मेन्द्र कुमार, हे0का0 अमरनाथ यादव, का0 धनंजय सिंह थाना रोहनियां की टीम ने अंजाम दिया।</strong></p>
<p><strong>पुलिस टीम ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 16 May 2026 03:15:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी रोहनियां पुलिस ने मारपीट कर ईंट से हमला करने वाले 2 आरोपियों को लठिया ओवरपास से गिरफ्तार किया। प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह की टीम का एक्शन।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी: शादी&amp;घाट पर चोरी करने वाला शातिर &amp;apos;मल्लन&amp;apos; गिरफ्तार, 6 मोबाइल, स्मार्ट वॉच समेत लाखों का सामान बरामद</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1362</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>जयचन्द वाराणसी </strong></span></p>
<p><strong>वाराणसी | 13 मई 2026 वाराणसी कमिश्नरेट की आदमपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने शादी समारोह और गंगा घाटों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 6 मोबाइल, 1600 रुपये नकद, स्मार्ट वॉच, हेडफोन, पर्स, जूते, बैग और कपड़े बरामद हुए हैं।</strong></p>
<p><strong>पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध रोकथाम अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपायुक्त काशी ज़ोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त काशी ज़ोन के पर्यवेक्षण एवं सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली व प्रभारी निरीक्षक आदमपुर विमल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में आदमपुर थाना टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को धर दबोचा।</strong></p>
<p><strong> <span style="color: rgb(22, 0, 255);">कैसे पकड़ा गया आरोपी?</span></strong></p>
<p><strong>13 मई 2026 को सुबह 08:10 बजे, आदमपुर पुलिस ने काशी स्टेशन रोड पर पुलिया के पास से आरोपी सिद्धार्थ साहनी उर्फ मल्लन को गिरफ्तार किया।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">आरोपी का पता: </span>ए 38/300घ कोनिया सट्टी, अमरनाथ स्कूल के पास, थाना आदमपुर, वाराणसी। उम्र:लगभग 25 वर्ष।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">आरोपी का कबूलनामा</span></strong></p>
<p><strong>पूछताछ में मल्लन ने बताया कि "मैं अक्सर शादी विवाह के लॉन व गंगा जी के किनारे घाटों पर घूम-फिर कर मौका पाकर लोगों का सामान चोरी कर लेता हूं। चोरी के सामान को बेचकर मिले पैसों से अपना शान-शौक व जीवन यापन करता हूं।"</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">आरोपी का आपराधिक इतिहास</span></strong></p>
<p><strong>सिद्धार्थ साहनी उर्फ मल्लन पहले भी चोरी के मामलों में वांछित रहा है। उसके खिलाफ 3 मुकदमे दर्ज हैं:</strong></p>
<p><strong>1. मु0अ0सं0 0056/2025 धारा 303(2)/317(2) बीएनएस, थाना चौक</strong></p>
<p><strong>2. मु0अ0सं0 0090/2025 धारा 305(A)/317(2) बीएनएस, थाना आदमपुर</strong></p>
<p><strong>3. मु0अ0सं0 0053/2026धारा 303(2)/317(2) बीएनएस, थाना आदमपुर</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);"> क्या-क्या हुआ बरामद?</span></strong></p>
<ol>
<li style="font-weight: bold;"><strong>06 मोबाइल फोन 2. 1600 रुपये नकद 3. स्मार्ट वॉच, हेडफोन, पर्स 4. एक जोड़ी जूता, बैग और कपड़े</strong></li>
</ol>
<p><strong> <span style="color: rgb(22, 0, 255);">गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम</span></strong></p>
<p><strong>प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार मिश्रा के नेतृत्व में: </strong></p>
<p><strong>1. उ0नि0 भृगुपति त्रिपाठी- चौकी प्रभारी मच्छोदरी</strong></p>
<p><strong>2. उ0नि0 अजय कुमार - चौकी प्रभारी तेलियानाला</strong></p>
<p><strong>3. उ0नि0 चन्दन कुमार - चौकी प्रभारी नमो घाट</strong></p>
<p><strong>4. उ0नि0 हरि शंकर सिह- थाना आदमपुर</strong></p>
<p><strong>5. का0 शीतल कुमार- थाना आदमपुर</strong></p>
<p><strong>6. हे0 का0 अच्छेलाल- थाना आदमपुर</strong></p>
<p><strong>7. रिक्रूट का0 दिनेश यादव- थाना आदमपुर</strong></p>
<p><strong>थाना आदमपुर पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। </strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 May 2026 07:18:52 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी: CP मोहित अग्रवाल के निर्देश पर ACP कोतवाली ने की पैदल गश्त, अतिक्रमणकारियों को दी सख्त चेतावनी</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1361</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1361</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><strong>वाराणसी जयचन्द </strong></p>
<p><strong>वाराणसी। शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में मंगलवार शाम ACP कोतवाली विजय प्रताप सिंह व थाना प्रभारी कोतवाली दया शंकर सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ बुलानाला क्षेत्र में पैदल गश्त की।</strong></p>
<p><strong>क्या है मामला:</strong></p>
<p><strong>काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर से सटे कोतवाली थाना क्षेत्र में लगातार जाम की शिकायतें मिल रही थीं। इसका मुख्य कारण सड़कों पर अवैध अतिक्रमण और बेतरतीब वाहन पार्किंग है। इसे गंभीरता से लेते हुए CP मोहित अग्रवाल ने सभी ACP और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित पैदल गश्त के निर्देश दिए हैं।</strong></p>
<p><strong>पैदल गश्त में क्या हुआ:</strong></p>
<p><strong>मंगलवार की शाम ACP कोतवाली के नेतृत्व में पुलिस टीम कोतवाली क्षेत्र की मुख्य सड़क पर उतरी। इस दौरान सड़क पर सामान रखकर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी गई। सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े ठेले-खोमचों को भी हटवाया गया। बाइक और अन्य वाहनों को गलत तरीके से पार्क करने वालों को हिदायत दी गई कि दोबारा ऐसा करने पर चालान और वाहन सीज की कार्रवाई होगी।</strong></p>
<p><strong>ACP कोतवाली ने कहा:</strong></p>
<p><strong>"CP महोदय के आदेश पर हम रोजाना पैदल गश्त कर रहे हैं। कड़ी धूप हो या रात, हमारा मकसद जनता को परेशान करना नहीं है, बल्कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना है। अतिक्रमण जाम की सबसे बड़ी वजह है। दुकानदारों से अपील है कि वे अपनी सीमा में ही रहें।"</strong></p>
<p><strong>जनता की उदासीनता बनी चुनौती: </strong></p>
<p><strong>पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद शहर के लोगों में ना चालान का डर दिख रहा है, ना कार्रवाई की चिंता। अधिकारी मानते हैं कि जब तक जनता खुद सहयोग नहीं करेगी, तब तक जाम की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकती।</strong></p>
<p><strong>जनता से अपील:</strong></p>
<p><strong>प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि शहर को जाम मुक्त बनाना सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। लोग बेतरतीब वाहन सड़क पर ना खड़ा करें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 12 May 2026 21:00:32 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी: ACP कोतवाली ने की पैदल गश्त, अतिक्रमण पर कार्रवाई</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Varanasi&amp;EXCLUSIVE: 09.05.2026 से बनारस दालमंडी में फिर चलेगा बुलडोजर, 40+ भवनों की लिस्ट जारी; दुकानदारों में हड़कंप</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1360</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1360</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>DESK </strong></span></p>
<p><strong>वाराणसी। काशी के व्यस्ततम बाजार दालमंडी में 09 मई 2026 से एक बार फिर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू होने जा रहा है। विकास प्राधिकरण VDA ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के लिए 40 से अधिक भवनों की सूची चिन्हित की है। सूची सार्वजनिक होते ही क्षेत्र के दुकानदारों और भवन स्वामियों में हड़कंप मच गया है।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>फुल डिटेल: क्या है पूरा मामला:</strong></span></p>
<p><strong>वाराणसी विकास प्राधिकरण ने दालमंडी क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। सूत्रों के अनुसार, आगामी 09 मई 2026, शुक्रवार से ध्वस्तीकरण अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। इसके लिए VDA ने कुल 40 से अधिक भवनों को चिन्हित किया है जिन पर बुलडोजर चलाया जाएगा।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>कौन-कौन से भवन लिस्ट में:</strong></span></p>
<p><strong>VDA द्वारा जारी सूची के अनुसार, ध्वस्तीकरण के लिए चिन्हित प्रमुख भवन नंबर इस प्रकार हैं: CK 67/8, CK 67/28, CK 43/160-B, CK 43/161-B, CK 42/11, CK 69/3, CK 43/113A, CK 42/126, CK 42/148, CK 66/46, CK 43/178 समेत 40 से अधिक भवन शामिल हैं। पूरी सूची सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। _[यहां पूरी लिस्ट की इमेज लgi है।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>प्रशासन की तैयारी:</strong></span></p>
<p><strong>ध्वस्तीकरण अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को पुलिस और VDA की संयुक्त टीम ने दालमंडी क्षेत्र में माइक से अनाउंसमेंट कर लोगों को 09 मई से पहले स्वयं अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी। टीम ने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि के बाद चिन्हित भवनों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>दुकानदारों में दहशत का माहौल:</strong></span></p>
<p><strong>लिस्ट जारी होने के बाद से दालमंडी के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। कई दुकानदारों का कहना है कि उन्हें पहले कोई नोटिस नहीं मिला। वहीं कुछ व्यापारियों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई एकतरफा है। व्यापारी संगठन के एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि "हम प्रशासन से बात करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे। कई दुकानें दशकों पुरानी हैं।"</strong></p>
<p><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>प्रशासन का पक्ष:</strong></span></p>
<p><strong>इस संबंध में VDA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, "यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। जिन भवनों को चिन्हित किया गया है, वे सभी अवैध निर्माण की श्रेणी में आते हैं। सभी संबंधित भवन स्वामियों को पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं। 09 मई से अभियान शुरू होगा।" पुलिस अधिकारियों ने भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">पृष्ठभूमि</span>:,</strong></p>
<p><strong>गौरतलब है कि दालमंडी में अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले भी कई बार अभियान चलाया जा चुका है। यह क्षेत्र शहर के सबसे घने और व्यावसायिक इलाकों में से एक है, जहां सड़कें बेहद संकरी हैं। प्रशासन का तर्क है कि अतिक्रमण के कारण आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी होती है और आपात स्थिति में एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड का पहुंचना मुश्किल हो जाता है।</strong></p>
<p><strong>????<em><span style="color: rgb(22, 0, 255);"> 09 मई 2026 से दालमंडी में फिर ध्वस्तीकरण* </span></em></strong></p>
<p><em><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>???? VDA ने 40+ अवैध भवनों की लिस्ट की जारी* </strong></span></em></p>
<p><em><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>???? CK 67/8, CK 43/113A समेत कई भवन चिन्हित* ???? पुलिस ने माइक से दी चेतावनी, स्वयं हटाने को कहा* </strong></span></em></p>
<p><em><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>???? दुकानदारों में हड़कंप, व्यापारी संगठन करेगा विरोध* </strong></span></em></p>
<p><em><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>???? प्रशासन बोला- कोर्ट के आदेश पर हो रही कार्रवाई</strong></span></em></p>
<p></p>
<p><span style="color: rgb(45, 194, 107);"><em><strong>डिस्क्लेमर - *नोट: यह सूची सूत्रों के हवाले से प्राप्त हुई है। http://indianewsreport.in इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है। भवन स्वामियों को सलाह है कि वे VDA कार्यालय से संपर्क कर अपने भवन की स्थिति स्पष्ट करें। </strong></em></span></p>
<p><span style="color: rgb(45, 194, 107);"><em><strong></strong></em></span></p>
<p></p>
<p>देखे विडियो-</p>
<p><a href="https://youtube.com/shorts/ETaT1TWYesA?si=E5DxSDJ-MtV4Vfzj">https://youtube.com/shorts/ETaT1TWYesA?si=E5DxSDJ-MtV4Vfzj</a></p>
<p></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 08 May 2026 03:48:45 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>दालमंडी ध्वस्तीकरण, 9 मई 2026, वाराणसी न्यूज, बनारस बुलडोजर, VDA वाराणसी, अवैध निर्माण दालमंडी, दालमंडी लिस्ट 2026, CK 67/8, CK 43/113A, अतिक्रमण हटाओ अभियान, काशी न्यूज, योगी सरकार बुलडोजर, दालमंडी दुकानदार, 09.05.2026, ब्रेकिंग न्यूज वाराणसी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी: मंडुआडीह में पुलिस का अतिक्रमण हटाओ अभियान, महिला पुलिस बल भी रहा साथ, FIR की चेतावनी के बाद कई वाहनों के कटे चालान</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="background-color: rgb(0, 0, 0); color: rgb(224, 62, 45);"><strong><span style="color: rgb(255, 255, 255);">GROUND</span> <span style="color: rgb(255, 255, 255);">REPORT:VARANASI</span> </strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><em><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>जाम का जंजाल टूटा, कानून का राज चला, मंडुआडीह की सड़क से अतिक्रमण का बोझ हटा। वर्दी की हुंकार से जब नियम ने ली अंगड़ाई, ठेले-वाहन हटे तो जनता ने राहत पाई।</strong></span></em></p>
<p><strong>वाराणसी, 05 अप्रैल, 2026: वाराणसी के मंडुआडीह क्षेत्र में सोमवार को थाना प्रभारी अजय राज वर्मा और कस्बा चौकी इंचार्ज राहुल सिंह के नेतृत्व में सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।</strong></p>
<p><strong>इस अभियान में महिला पुलिसकर्मी भी साथ रहीं।</strong></p>
<p><strong>पुलिस टीम ने मंडुआडीह चौराहा, स्टेशन रोड और कस्बा बाजार क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। इसके बाद सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों का चालान काटा गया। अभियान के दौरान कई वाहनों ,टोटो, ठेला पर कार्रवाई की गई।महिला पुलिस बल ने ठेला-पटरी दुकानदारों को समझाकर हटवाया।</strong></p>
<p><strong>थाना मंडुआडीह प्रभारी निरीक्षकअजय राज वर्मा ने चेतावनी दी, "भविष्य में अतिक्रमण करने पर सीधे मुकदमा दर्ज होगा।" चौकी इंचार्ज राहुल सिंह ने बताया कि जाम के कारण एंबुलेंस और स्कूली बच्चों को परेशानी होती थी।</strong></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 06 May 2026 06:35:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>UP में बड़ी राहत: प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म, अब पोस्टपेड की तरह आएगा बिल | CM योगी का ऐतिहासिक फैसला</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>जयचन्द</strong></span></p>
<p><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">लखनऊ/वाराणसी</span>:उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। भारी विरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।</strong></p>
<p><strong>अब प्रदेश में नए प्रीपेड स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे। जो मीटर पहले से लग चुके हैं, उन्हें भी पोस्टपेड मोड में बदला जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज कराने की झंझट से मुक्ति मिलेगी।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>क्या बदलेगा नई व्यवस्था में?</strong></span></p>
<ol>
<li style="list-style-type: none;">
<ol>
<li style="font-weight: bold;"><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">पोस्टपेड सिस्टम:</span> अब स्मार्ट मीटर प्रीपेड की जगह पोस्टपेड की तरह काम करेंगे। महीने के अंत में बिजली का बिल आएगा।</strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">बिजली नहीं कटेगी: </span>प्रीपेड बैलेंस खत्म होने या 1 महीने तक बिल बकाया होने पर भी बिजली का कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।</strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong> <span style="color: rgb(224, 62, 45);">बिलिंग का नया नियम:</span> अब हर महीने 10 तारीख को बिजली का बिल जारी होगा। उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए 25 तारीख तक यानी 15 दिन का समय मिलेगा।</strong></li>
<li style="font-weight: bold; text-align: left;"><strong><strong> <span style="color: rgb(224, 62, 45);">बकाया बिल में राहत: </span>पुराना बकाया बिल अब उपभोक्ता आसान किस्तों में जमा कर सकें</strong></strong></li>
</ol>
</li>
</ol>
<p><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>क्यों लिया गया फैसला?</strong></span></p>
<p><strong> </strong></p>
<p><strong>गर्मी के मौसम में प्रीपेड मीटर में बैलेंस खत्म होने से अचानक बिजली कट जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जनता के विरोध को देखते हुए CM योगी ने उपभोक्ताओं के हित में यह फैसला लिया है। इससे लाखों परिवारों को सीधी राहत मिलेगी।</strong></p>
<p><strong>यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 07:28:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>Yogi aaditynath, upcm, smart meter, prepaid meter, prepaid meter named, electricity bill, uttar pradesh</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी फूलपुर मनीष हत्याकांड: 50&amp;50 हजार के इनामी सगे भाई आशीष&amp;मनीष राजभर मुठभेड़ में गिरफ्तार, तमंचा&amp;कारतूस बरामद</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1357</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong> जयचन्द</strong></span></p>
<p><strong> वाराणसी, 4 मई 2026।फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में 26 अप्रैल को हुई मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या के मामले में फरार चल रहे 50-50 हजार रुपये के इनामी दो सगे भाइयों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">कैसे हुई गिरफ्तारी?</span>: पुलिस उपायुक्त गोमती जोन कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार, आज 4 मई को थाना फूलपुर एवं SOG की संयुक्त टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मनीष हत्याकांड के वांछित अभियुक्त ग्राम कठिराव खरका में पुराने बंद पड़े ईंट-भट्टे के पास जर्जर मकान में छिपे हैं।</strong></p>
<p><strong>पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी तो आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों अभियुक्तों के पैर में गोली लगी। मौके से ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>गिरफ्तार आरोपी:</strong></span></p>
<ol>
<li style="font-weight: bold;"><strong>आशीष राजभर पुत्र मुकुंद राजभर</strong></li>
<li style="font-weight: bold;"><strong> मनीष राजभर पुत्र मुकुंद राजभर दोनों निवासी ग्राम घमहापुर, थाना फूलपुर, वाराणसी।</strong></li>
</ol>
<p><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">बरामदगी</span>:दोनों के कब्जे से एक-एक अदद तमंचा .315 बोर एवं एक-एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। घायल अभियुक्तों को उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया है।</strong></p>
<p></p>
<p><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">DCP नीतू कादयान की मॉनिटरिंग:</span>DCP गोमती जोन श्रीमती नीतू कादयान एवं ADCP गोमती जोन श्री नृपेन्द्र द्वारा प्रकरण की प्रत्येक गतिविधि की स्वयं मॉनिटरिंग की जा रही थी। इसी का परिणाम है कि अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले 4 मुख्य आरोपी मनोज प्रजापति, हरिश्चन्द्र राजभर, योगेन्द्र प्रजापति एवं अभिषेक उर्फ बुद्धू को गिरफ्तार किया गया था। वहीं 3 मई को शरण देने वाले 5 अभियुक्त किशन कुमार, आशीष कुमार, अजय कुमार, प्रदीप भारद्वाज एवं शिव मोहन राजभर को भी जेल भेजा गया था।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">क्या था मामला</span>: 26 अप्रैल को थाना फूलपुर के ग्राम घमहापुर में एक अनियंत्रित कार द्वारा महिला को टक्कर मारने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कार चालक मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में थाना फूलपुर पर मु0अ0सं0-132/2026 धारा 190, 191(2), 103(2), 324(5), 3(5) BNS के तहत मुकदमा दर्ज है।</strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">पुलिस टीम</span>:इस कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक फूलपुर अतुल कुमार सिंह, प्रभारी SOG गौरव कुमार सिंह की टीम ने अंजाम दिया। टीम में उ0नि0 जितेन्द्र कुमार वर्मा, अनिल यादव, रितेश कुमार, जितेन्द्र यादव, का0 अक्षय यादव, सर्विलांस से का0 अभिराम, साइबर टीम से विराट सिंह एवं SOG से मु0आ0 प्रमोद सिंह, आलोक मौर्य, उमेश सिंह शामिल रहे।</strong></p>
<p><strong>देखे वीडियो व डीसीपी की बाईट-</strong></p>
<p><a href="https://youtube.com/shorts/fSLYUPjy52Q?si=Htls95higI5qo7AZ">https://youtube.com/shorts/fSLYUPjy52Q?si=Htls95higI5qo7AZ</a></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 05 May 2026 03:00:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords>Varanasi News: फूलपुर मनीष हत्याकांड के 50 हजार इनामी आशीष-मनीष राजभर एनकाउंटर में गिरफ्तार | DCP Neetu Kadyan</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी&amp;150 साल पुराने जर्जर भवन पर बहुमंजिला अवैध निर्माण, 16 दिन बाद भी VDA की कार्रवाई शून्य, हुकुलगंज दोहराने का खतरा</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1356</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1356</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>वाराणसी VDA फाइल्स-कुलदीप बरनवाल</strong></span></p>
<p><strong>वाराणसी। नखास त्रिमुहानी स्थित लंगड़ू चाय वाली गली में भवन संख्या 63/41-1 पर 150 साल पुराने जर्जर दो मंजिला भवन के ऊपर बहुमंजिला अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। इस संबंध में 17 अप्रैल 2026 को वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को दी गई लिखित शिकायत के 16 दिन बाद भी न भवन सील हुआ है, न निर्माण रुका है।</strong></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>शिकायती पत्र में क्या है आरोप</strong></span></p>
<p><strong>शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार व कंचन गुप्ता के अनुसार कोतवाली वार्ड जोन-2 के अंतर्गत नखास त्रिमुहानी स्थित उक्त भवन अशोक कुमार गुप्ता पुत्र पारसनाथ गुप्ता के नाम नगर निगम में दर्ज है। शिकायत में आरोप है कि इस भवन पर राजकुमार गुप्ता पुत्र पारसनाथ गुप्ता द्वारा लगभग 150 साल पुराने जर्जर आधार पर अवैध रूप से बहुमंजिला बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है।</strong></p>
<p><strong>पत्र में कहा गया है कि लगभग 1280 वर्ग फीट क्षेत्रफल में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए, बिना नींव के निर्माण हो रहा है। भवन की लंबाई 44 फीट बताई गई है और निर्माण 4 इंच ईंट की दीवाल पर किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जर्जर भवन के सटे भवन संख्या 63/41-1 में रहने वाले परिवार को जान का खतरा है। भवन के बाहर निकलने का रास्ता भी बंद कर दिया गया है।</strong></p>
<p></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>‘बंदीरक्षक का रौब’ का आरोप</strong></span></p>
<p></p>
<p><strong>शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि निर्माणकर्ता राजकुमार गुप्ता सेंट्रल जेल वाराणसी में पिछले 7 वर्ष से बंदीरक्षक के पद पर तैनात हैं और अपने पद के रौब से अवैध बहुमंजिला बिल्डिंग का निर्माण करा रहे हैं।</strong></p>
<p></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>तीन फीट की गली, हादसे का डर</strong></span></p>
<p><strong>मौके पर गली की चौड़ाई मात्र तीन फीट है। 30 अप्रैल 2026 को ली गई GPS टैग्ड तस्वीर में बांस-बल्ली बांधकर निर्माण कार्य जारी दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा हुआ तो मलबा सीधे तंग गली में गिरेगा। फायर ब्रिगेड व एम्बुलेंस के पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है।</strong></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>16 दिन में कार्रवाई जीरो</strong></span></p>
<p><strong>17 अप्रैल को दी गई शिकायत की प्रतिलिपि मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त व थाना कोतवाली को भी भेजी गई थी। इसके बावजूद 3 मई तक न तो भवन सील किया गया, न ही FIR दर्ज हुई। हुकुलगंज में दो बार सील बिल्डिंग गिरने से एक बुजुर्ग की मौत के बाद भी VDA की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।</strong></p>
<p><strong>प्रशासन से जवाब -</strong><strong>इस संबंध में VDA उपाध्यक्ष कार्यालय से पक्ष जानने का प्रयास किया गया। जवाब मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।</strong></p>
<p></p>
<p><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>नोट: यह समाचार 17/04/2026 को VDA को दिए गए शिकायती पत्र व 30/04/2026 की GPS टैग्ड तस्वीर पर आधारित है। पत्र में लगाए गए सभी आरोप जांच का विषय हैं। संबंधित पक्षों का वर्जन आमंत्रित है।</strong></span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 22:00:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी VDA फाइल्स पार्ट 2:हुकूलगंज हादसा&amp;सील टूटी,कानून टूटा फिर टूटी बुजुर्ग की सांस,जिम्मेदार कौन?</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1355</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1355</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT</strong></span></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong> एक्सक्लूसिव :कुलदीप बरनवाल</strong></span></p>
<p><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">वाराणसी।</span> हुकुलगंज में 29 अप्रैल 2026 को आंधी से दीवार गिरने के मामले में विकास प्राधिकरण की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद VDA ने कहा था कि थाना लालपुर पांडेयपुर में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा, लेकिन FIR नंबर 116/2026 के अवलोकन से पता चला कि मुकदमा मृतक सूफी खान (68) के बेटे इसरार आलम ने दर्ज कराया है। VDA ने न तो FIR कराई और न ही आरोपी बनाया गया।</strong></p>
<p><strong>29 अप्रैल को हुए हादसे में सूफी खान गंभीर रूप से घायल हुए थे। मेडिको-लीगल केस बनने के बावजूद पुलिस ने उसी दिन FIR दर्ज नहीं की। BNSS 173 के तहत संज्ञेय अपराध की सूचना पर तुरंत मुकदमा दर्ज करना अनिवार्य है। इसके बावजूद 30 अप्रैल को अस्पताल में सूफी खान की मौत के बाद ही केस दर्ज हुआ। धारा BNS 106(1) के तहत सिर्फ मकान मालिक मुन्ना तिवारी को आरोपी बनाया गया है।</strong></p>
<p><strong>कानूनी जानकारों का कहना है कि BNS 239 के तहत अपराध की जानकारी होने के बाद भी रिपोर्ट न करना स्वयं में अपराध है। VDA को 29 अप्रैल को ही पता था कि निर्माणाधीन दीवार गिरने से हादसा हुआ है। "FIR कराएंगे" कहकर बाद में मुकर जाना जनता को गुमराह करने की श्रेणी में आता है।</strong></p>
<p><strong>सवाल यह भी है कि 29 अप्रैल को MLC मिलने के बाद भी पुलिस ने BNS 125 और BNS 289 जैसी संज्ञेय धाराओं में तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की। 24 घंटे की देरी से VDA और मकान मालिक को कानूनी राहत मिली या नहीं, यह जांच का विषय है। फिलहाल मृतक के बेटे को अकेले ही न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।</strong></p>
<p><strong>इस संबंध में VDA और लालपुर पांडेयपुर पुलिस का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।</strong></p>
<p><strong> सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार VDA द्वारा NCR लालपुर पांडेयपुर थाने में दर्ज कराया गया है,देखना होगा कि VDA और स्थानीय पुलिस इस मामले में क्या कार्यवाही करती है ,कब तक मिलता है घायलों के साथ मृतक सूफी खान को इंसाफ,कब मिलता है मुआवजा,हम लगातार आपको इस मामले से अवगत कराते रहेंगे,स्थानीय प्रशासन व VDA की कार्यवाही पर हम दिखायेंगे जमीनी हकीकत।</strong></p>
<p><strong>नोट: यह रिपोर्ट FIR 116/2026 दिनांक 30.04.2026 के अवलोकन पर आधारित है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 03 May 2026 20:30:42 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वाराणसी:हुकुलगंज में VDA की दो बार सील बिल्डिंग की  दीवार गिरी, कई मजदूर घायल ,1 गंभीर रूप से घायल, 12 मार्च को ही लगी थी दूसरी सील</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1354</link>
        <guid>https://indianewsreport.in/1354</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT : </strong></span><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>EXCLUSIVE NEWS VARANASI </strong></span></p>
<p><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">रिपोर्ट:कुलदीप बरनवाल- </span>वाराणसी के हुकुलगंज-सिकरौल क्षेत्र में 29 अप्रैल की देर शाम एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में कई मजदूर मलबे में दब गए। एक मजदूरों की मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से अभी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</strong></p>
<p><strong>हैरानी की बात ये है कि ये वही बिल्डिंग है जिसे वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) दो बार सील कर चुका है। दूसरी सील इसी साल 12 मार्च 2026 को लगी थी। यानी सील लगने के सिर्फ 48 दिन बाद ये हादसा हुआ।</strong></p>
<p style="text-align: center;"><strong><span style="color: rgb(22, 0, 255);">क्या है पूरा मामला?</span></strong></p>
<p style="text-align: center;"><strong>VDA के आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार, श्री रामेश्वर तिवारी द्वारा ऑनलाइन मानचित्र संख्या VDA/BP/23-24/0282 के तहत स्टिल्ट + 3 तलों का आवासीय नक्शा स्वीकृत कराया गया था। लेकिन मौके पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत सेटबैक को कवर करते हुए लगभग 50x50 क्षेत्रफल में बेसमेंट+ग्राउंड+1 के ऊपर अवैध रूप से RCC पिलर का निर्माण किया जा रहा था।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(22, 0, 255);"><strong>VDA की कार्रवाई की टाइमलाइन:</strong></span></p>
<p style="text-align: left;"><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">1.पहली कार्रवाई - 01 मई 2025:</span></strong></p>
<p><strong>अवैध निर्माण मिलने पर VDA ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा-27 के तहत नोटिस जारी कर स्थल को सील कर दिया था। सील के बाद बिल्डिंग को स्थानीय थाने की अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया गया था।</strong></p>
<p><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>2. दूसरी कार्रवाई - 12 मार्च 2026:</strong></span></p>
<p><strong>VDA ने अपने बयान में माना कि सील के बावजूद "पक्ष द्वारा स्थल पर चोरी-छिपे तथा रुक-रुक कर रात्रि में निर्माण कार्य किया जा रहा था"। इसे रोकने के लिए प्राधिकरण ने धारा-28(क) के तहत 12 मार्च 2026 को पुनः सील की कार्रवाई की और इसकी लिखित सूचना स्थानीय थाने को भेज दी।</strong></p>
<p style="text-align: left;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>29 अप्रैल 2026 - हादसा</strong></span></p>
<p><strong>दूसरी सील लगने के ठीक 48 दिन बाद 29 अप्रैल को बिल्डिंग की एक दीवार तेज आंधी व पानी मे भरभराकर गिर गई। हादसे में कई मजदूर घायल हो गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में 1 मजदूरों की मौत की आशंका जताई गई है। मौके पर राहत-बचाव कार्य देर रात तक चला।</strong></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>सिस्टम पर उठे सवाल</strong></span></p>
<p><strong>VDA के दस्तावेजों से ही 3 बड़े सवाल खड़े होते हैं: 1. पहली सील 01 मई 2025* को लगाकर बिल्डिंग थाने की अभिरक्षा में दी गई थी। फिर निर्माण दोबारा कैसे शुरू हुआ? 2. 12 मार्च 2026* को दोबारा सील करने के बाद थाने को लिखित सूचना दी गई। इसके बाद 48 दिन तक साइट की निगरानी क्यों नहीं हुई? 3. रात में "चोरी-छिपे" निर्माण की जानकारी VDA को थी, तो इसे स्थायी रूप से रोकने के लिए FIR पहले क्यों नहीं दर्ज कराई गई?</strong></p>
<p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>VDA का पक्ष</strong></span></p>
<p><strong>VDA सचिव की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वर्तमान में संबंधित अवैध निर्माणकर्ता के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने की कार्यवाही कराई जा रही है। सचिव ने यह भी कहा कि भविष्य में सील के बाद भी निर्माण करने वालों पर सीधे FIR दर्ज कराई जाएगी।</strong></p>
<p><strong>फिलहाल पुलिस और प्रशासन हादसे में घायल मजदूरों की संख्या और मौत के आंकड़े की पुष्टि करने में जुटा है। CMO कार्यालय से डेथ मेमो मिलने के बाद ही मौत का आंकड़ा साफ होगा। वहीं, 12 मार्च को थाने को भेजी गई VDA की चिट्ठी के बाद क्या कार्रवाई हुई, ये जांच का विषय है की जिम्मेदार कौन??</strong></p>
<p></p>
<p><strong>(<em><span style="color: rgb(22, 0, 255);">नोट: मौत का आंकड़ा अभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। जिला प्रशासन की पुष्टि के बाद खबर अपडेट की जाएगी)।</span></em></strong></p>
<p><strong><span style="color: rgb(224, 62, 45);">फॉलो अप</span>- हादसे में सुरेश मौर्या (25 वर्ष), दिनेश पटेल (42 वर्ष), अमन (22 वर्ष), अमित (28 वर्ष) और 68 वर्षीय अनवर आलम उर्फ सूफी खान घायल हुए। बाद में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई (रिपोर्ट्स के अनुसार मृतक का नाम सुरेश मौर्या बताया जा रहा है, हालांकि घायलों की कुल संख्या 4-5 के बीच बताई गई है।</strong></p>
<p></p>
<p><strong>"वाराणसी: VDA ने 2 बार सील की बिल्डिंग, 48 दिन बाद गिरी दीवार। 2 मौत की आशंका। 1 मई 2025 और 12 मार्च 2026 को लगी थी सील, फिर भी चल रहा था रात में काम। जिम्मेदार कौन?</strong></p>
<p><strong>देखे वीडियो-</strong></p>
<p><a href="https://youtube.com/shorts/nWJDvpw2jFM?si=ht8fWD9anzpe-aNO">https://youtube.com/shorts/nWJDvpw2jFM?si=ht8fWD9anzpe-aNO</a></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 04:02:43 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
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        <title>उत्तर प्रदेश:कानपुर के चर्चित अखिलेश दुबे केस  में सहआरोपी पंकज दीक्षित के ऊपर जिला न्यायालय में चल रहे केस पर सुनवाई पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक</title>
        <link>https://indianewsreport.in/1353</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: center;"><span style="color: rgb(224, 62, 45);"><strong>INDIA NEWS REPORT </strong></span></p>
<p><strong>उत्तर प्रदेश : कानपुर अखिलेश दुबे केस में सहआरोपी पंकज दीक्षित के ऊपर जिला अदालत में चल रहे केस की सुनवाई पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक । </strong></p>
<p><strong>ज्ञात हो कि सन् २०२५ में कानपुर में वकील एवं सरकारी कर्मचारियों के एक नेक्सस का खुलासा हुआ था, जिसके कानपुर कचेहरी के कई वकील, पुलिस के कई अधिकारी, कानपुर विकास प्राधिकरण के कई कर्मचारी एवं अन्य विभागों के कई कर्मचारी शामिल थे। जिसके लिए प्रदेश सरकार ने एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया था। जिसके बाद कई प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हुई एवं सरकार ने कई कर्मचारियों को सस्पेंड किया था। आरोप यह है कि कानपुर कचेहरी के एक वकील अखिलेश दुबे एक संगठित गिरोह का संचालन कर रहे थे जिसमें कई वकील, पुलिस, प्रशासन, एवं कानपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। इस गिरोह का काम लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर या फसाने की धमकी देकर दूसरों की प्रॉपर्टी पर कब्जा करना था। इसी क्रम में दिनांक ०९/०८/२५ को शैलेन्द्र कुमार द्वारा एक प्रथम सूचना रिपोर्ट थाना- किदवई नगर में दर्ज कराई गई थी जिसमें अखिलेश दुबे के साथ साथ पंकज दीक्षित एडवोकेट, अनुज कुमार मिश्रा एवं विपिन गुप्ता को भी आरोपी बनाया गया था। प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने पर पंकज दीक्षित एडवोकेट ने इसे अपने अधिवक्ता जयंत कुमार के माध्यम से उच्च न्यायालय में रिट याचिका के माध्यम से चैलेंज किया था, जिसपर माननीय उच्च न्यायालय ने दिनांक ०९/०९/२५ को याची की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच में सहयोग का आदेश दिया था। जांच के उपरांत पुलिस ने पंकज दीक्षित, अखिलेश दुबे, विपिन गुप्ता के खिलाफ २६/०९/२५ चार्जशीट दाखिले की। पंकज दीक्षित एडवोकेट ने अपने ऊपर दाख़िल चार्जशीट एवं मुकदमे की समस्त कार्रवाई को पुनः माननीय उच्च न्यायालय में अपने अधिवक्ता जयंत कुमार के माध्यम से चैलेंज किया। पंकज दीक्षित के अधिवक्ता जयंत कुमार के तर्कों से सहमति जताते हुए माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति च्यवन प्रकाश की पीठ ने वादी पंकज दीक्षित के पक्ष में एक अंतरिम आदेश दिनांक २२/४/२६ कोपारित करते हुए यह आदेश दिया है कि याची के खिलाफ कोई उत्पीड़न की कार्यवाही न्यायालय के अगले आदेश तक न की जाय। न्यायालय ने सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा है और पूछा है कि क्यों न याची पर चल रहे केस को समाप्त कर दिया जाए।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 12:43:53 +0530</pubDate>
        <dc:creator>India News Report</dc:creator>
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