मोनिका पाल हत्या कांड:हत्या कर शव को बोरे में भर कर ट्रेन की बोगी में छिपाने वाले कोचिंग संचालक को एसओजी व कपसेठी पुलिस टीम नें किया गिरफ्तार भेजा जेल
जयचन्द वाराणसी
वाराणसी:लखनऊ-बनारस इंटरसिटी के कोच में बोरे में बंधे मिले कपसेठी निवासी किशोरी के हत्याकांड का खुलासा एसओजी और थाने की संयुक्त टीम ने कर दिया है।पूरे प्रकरण में कोचिंग संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।आरोपी ने पुलिस को बताया कि मोनिका गर्भवती हो गई थी और गर्भ गिराने की बात पर वह राजी नहीं हो रही थी।घटना का खुलासा एडीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल और एसीपी राजातालाब अजय कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में की।डीसीपी गोमती जोन मनीष कुमार शांडिल्य ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पच्चीस हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी की है साथ ही प्रशस्ति पत्र भी देने का एलान किया है।सेवापुरी के भिटकुरी बेसहुपुर निवासी आरोपी कोचिंग संचालक संजय कुमार पटेल ने पुलिस पूछताछ बताया कि छात्रा वर्ष 2022 में कक्षा नौवी की कोचिंग करने आई थी जो वर्ष 2023 में कक्षा दसवी की कोचिंग भी उसके यहां से की थी।वर्ष 2023 मे मई-जून में कपसेठी निवासी किशोरी से उसका लगाव बढ़ने लगा।नवम्बर 2023 में छात्रा द्वारा गर्भवती होने की बात बताई।आरोपी कोचिंग संचालक संजय कुमार ने छात्रा को बच्चा गिराने के लिए बोला तो बदनामी होने के डर से छात्रा अस्पताल जाने से मना कर दी।आरोपी दिसम्बर 2023 से ही वह छात्रा को रास्ते से हटाने का प्लान बनाने लगा।आरोपी संजय ने झूठ बोलकर बीते 19 फरवरी को छात्रा को कोचिंग बुलाया था।वहां उसने किशोरी को सुस्ती लाने के लिए नींद की दवा खिला दी।उसके मुंह में पन्नी ठूंसकर मुंह दबाकर हत्या कर दी।किशोरी की दुपट्टे से ही संजय ने बैठने वाली पोजीशन में उसके सिर व हाथ पैर को मोड़कर बाध दिया व बोरी में भरकर उसे सिल दिया और अगली सुबह सेवापुरी स्टेशन पर ले जाकर लखनऊ-इण्टरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन के डब्बे में छोड़ दिया।बनारस स्टेशन पर शव मिलने के बाद जब किशोरी की शिनाख्त हुई तो पुलिस जांच में जुटी।पोस्टमार्टम से स्पष्ट हो पाया कि छात्रा गर्भवती थी और उनकी मौत दम घुटने से हुई है।जिसके बाद पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरु की तो कोचिंग संचालक संजय भूमिगत हो गया था।पुलिस का शक गहराया और आरोपी को कपसेठी,क्राइम ब्रांच ने सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार कर पाई।गिरफ्तार करने वाली एसओजी टीम में एसओजी प्रभारी दरोगा मनीष कुमार मिश्रा,दरोगा गौरव कुमार सिंह,दरोगा विनोद कुमार विश्वकर्मा,हेड कांस्टेबल विजय शंकर राय,ब्रह्मदेव सिंह,कांस्टेबल पवन तिवारी,अंकिंत मिश्रा,मनीष कुमार बड़ैल,आलोक मौर्य,मयंक त्रिमूर्ति,प्रेमशंकर पटेल और मुख्य आरक्षी चालक उमेश सिंह शामिल रहे।थानाध्यक्ष कपसेठी राजीव कुमार सिंह,चौकी प्रभारी कालिका बाजार जगदम्बा सिंह,हेड कांस्टेबल उपेन्द्र यादव,कांस्टेबल अरविन्द प्रजापति शामिल रहे।सर्विलांस टीम से सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार यादव,दरोगा अमित कुमार यादव,दरोगा मधुकर सिंह,हेड कांस्टेबल सन्तोष सिंह,कांस्टेबल मनीष सिंह शामिल रहे।


