AI Summit से Rafale Mega Deal तक: PM मोदी–Macron बैठक में 114 फाइटर जेट्स पर होगी चर्चा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे हैं, जहां उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम द्विपक्षीय वार्ता होगी। बैठक में AI Impact Summit, India-France Year of Innovation 2026 और 3.25 लाख करोड़ रुपये की संभावित 114 राफेल फाइटर जेट्स डील पर चर्चा की उम्मीद है। दोनों नेता रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, आर्थिक संबंध और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

AI Summit से Rafale Mega Deal तक: PM मोदी–Macron बैठक में 114 फाइटर जेट्स पर होगी चर्चा

AI Summit से संभावित Rafale डील तक: भारत दौरे पर Macron के

एजेंडे में क्या खास?

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंच चुके हैं। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और AI Impact Summit में भाग लेंगे। यह यात्रा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर रक्षा सहयोग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में संभावित प्रगति को लेकर।


पीएम मोदी–मैक्रों बैठक: एजेंडे में क्या?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की मुलाकात मंगलवार दोपहर करीब 3:15 बजे मुंबई के लोक भवन में निर्धारित है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, वार्ता के दौरान दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे और भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।

बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा। साथ ही 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर भी बातचीत होने की संभावना है।


114 राफेल जेट्स की संभावित मेगा डील

पिछले सप्ताह रक्षा मंत्रालय ने राफेल जेट्स की प्रस्तावित खरीद को मंजूरी दिए जाने की पुष्टि की थी। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है, जिसके तहत भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदे जा सकते हैं। इनमें से अधिकांश विमानों का निर्माण भारत में किए जाने की योजना है।

यदि यह सौदा अंतिम रूप लेता है, तो इसे देश के इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा अधिग्रहण माना जाएगा। यह डील 2016 में खरीदे गए 36 राफेल विमानों और नौसेना के लिए ऑर्डर किए गए 26 विमानों से अलग होगी। हालांकि, निर्माता कंपनी Dassault Aviation के साथ अंतिम चरण की बातचीत अभी शेष है।


AI और नवाचार पर जोर

राष्ट्रपति मैक्रों का यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर आयोजित AI Impact Summit (18-19 फरवरी) में भाग लेने के लिए है। शाम करीब 5:15 बजे दोनों नेता संयुक्त रूप से India-France Year of Innovation 2026 का उद्घाटन करेंगे।

इस कार्यक्रम में दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्टार्टअप संस्थापक, शोधकर्ता और नवाचार क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और अनुसंधान सहयोग को नई दिशा देना है।


हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन

दोनों नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत की पहली हेलिकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन भी करेंगे। यह परियोजना टाटा समूह और Airbus के संयुक्त उपक्रम के तहत कर्नाटक के वेमगल (बेंगलुरु के निकट) में स्थापित की गई है। यहां Airbus का लोकप्रिय सिंगल-इंजन हेलिकॉप्टर H125 निर्मित किया जाएगा।


रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी

पिछले एक दशक में भारत ने रक्षा क्षेत्र में विविधीकरण की नीति अपनाते हुए पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए हैं। इस प्रक्रिया में फ्रांस एक महत्वपूर्ण रक्षा और आर्थिक साझेदार के रूप में उभरा है।

दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार लगभग 15 अरब डॉलर के आसपास है, जबकि भारत में फ्रांसीसी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करीब 15 अरब डॉलर (लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच चुका है।

वार्ता में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिका की टैरिफ नीतियां और क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव जैसे मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा हो सकते हैं।


चौथा भारत दौरा

2017 में पद संभालने के बाद यह राष्ट्रपति मैक्रों का चौथा भारत दौरा है। वह सोमवार देर रात अपनी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों के साथ मुंबई पहुंचे। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य भारत के साथ सहयोग को और सुदृढ़ करना तथा आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को विविध बनाना है।


निष्कर्ष

रक्षा सौदों से लेकर AI सहयोग और औद्योगिक परियोजनाओं तक, राष्ट्रपति मैक्रों का यह भारत दौरा बहुआयामी महत्व रखता है। यदि 114 राफेल जेट्स की डील पर सहमति बनती है, तो यह भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।