दिल्ली में हो रहे इस पांच दिवसीय ग्लोबल इवेंट में किन राष्ट्राध्यक्षों को बुलाया गया है? किन देशों की कौन सी बड़ी कंपनियां भारत में एआई से जुड़े इस आयोजन में भाग ले रही हैं? पीएम मोदी नीत सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर क्या नीतियां अपना रही है? बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्यों के बीच भारत का ये प्रयास सही मायने में वैश्विक क्यों है? जानिए ऐसे तमाम सवालों के जवाब इस खबर में
पाकिस्तान को नहीं दिया गया निमंत्रण
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा समेत कई प्रमुख वैश्विक नेता इस समिट में हिस्सा लेंगे। इस समिट के लिए पाकिस्तान को आमंत्रण न दिए जाने को लेकर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस समिट के लिए अब तक लगभग तीन लाख प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। सम्मेलन का मकसद केवल तकनीकी विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि एआई को हेल्थकेयर, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में लागू कर आम लोगों के जीवन में वास्तविक और व्यापक सुधार लाना भी है।
कौन-कौन होंगे शामिल?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर निम्नलिखित विश्व नेता समिट में शामिल होंगे-
- भूटान - प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे
- बोलीविया - उपराष्ट्रपति एडमंड लारा मोंटानो
- ब्राजील - राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा
- क्रोएशिया - प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच
- एस्टोनिया - राष्ट्रपति अलार कारिस
- फिनलैंड - प्रधानमंत्री पेटेरी ऑर्पो
- फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
- ग्रीस - प्रधानमंत्री क्यरियाकोस मित्सोताकिस
- गयाना - उपराष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव
- कजाखस्तान - प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव
- लिकटेंस्टाइन - वंशानुगत राजकुमार एलोइस
- मॉरीशस - प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम
- सर्बिया - राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच
- स्लोवाकिया - राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी
- स्पेन - प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज
- श्रीलंका - राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायका
- सेशेल्स - उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले
- स्विट्जरलैंड - राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन
- नीदरलैंड - प्रधानमंत्री डिक स्कूफ
- संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) - अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान
इनके अलावा 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, संयुक्त राष्ट्र महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी समिट में भाग लेंगे।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट समेत टेक दिग्गजों की भागीदारी
समिट में वैश्विक टेक उद्योग की बड़ी हस्तियों की भी मौजूदगी रहेगी। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हासाबिस, एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन सहित कई प्रमुख टेक लीडर्स इसमें शामिल होंगे।
पांच दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में 500 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें एआई सुरक्षा, गवर्नेंस, नैतिक उपयोग, डेटा सुरक्षा और भारत के 'सॉवरेन AI' दृष्टिकोण जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी। यह समिट वैश्विक एआई नीति, जिम्मेदार तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करेगा।
7 चक्र और 3 सूत्रों पर आधारित होगा समिट