शहर की तीसरी आंख सब पर है नजर: अपराधियों को पकड़ने के साथ लहंगा, मोबाइल से लेकर मेडिकल पर्ची तक ढूँढ़ रही वाराणसी पुलिस

शहर की तीसरी आंख सब पर है नजर: अपराधियों को पकड़ने के साथ लहंगा, मोबाइल से लेकर मेडिकल पर्ची तक ढूँढ़ रही वाराणसी पुलिस

जगदीश शुक्ला

 वाराणसी: सिगरा में सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर और अब ऑपरेशनल दृष्टि से लोगों के सहयोग से लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरों के जरिए पुलिस न केवल अपराधियों की पहचान कर उन्हें पकड़ रही है। बल्कि आम लोगों के छूटे-छटके, भूले-भटके सामान भी दिलवा रही है।

सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर में पुलिस टीम के पास महिला लहंगा ढूंढने की गुहार लेकर पहुंची तो लोगों की मेडिकल पर्चियों को भी पुलिस ने ढूँढ़कर सौंपा।

यहां बैठी पुलिस टीम ने जनवरी से लेकर अब तक कुल 123 ऑटो को सीसीटीवी कैमरों से पहचान कर, उनका पीछा कर लोगों के बैग ढूँढ़ कर दिए, इसमें मोबाइल, गहने, रुपए, लैपटॉप, महत्वपूर्ण कागजात से लेकर कपड़े, दवा की पर्चियां भी शामिल थीं। 25 मई को भदोही की नाजिया का लहंगा किसी ऑटो में छूट गया। वह सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर पहुंची, टीम ने ऑटो की पहचान कर उनका लहंगा दिलवाया। इसी तरह दो जून को स्नेहा सिंह नामक महिला का भी लहंगा ढूँढ़ कर दिया।

ऐसे ही जमानिया के हिंदू पीजी कॉलेज के रवि उधान का बैग छूटा था, उसमें 100 बच्चों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र थे। बिहार के संजय खातून वाराणसी में इलाज कराते हैं। उनके एक साल तक की मेडिकल पर्चियां ऑटो में छूट गई। पुलिस ने उसे ढूंढा। इसी तरह से कई तरह के सामान पुलिस ढूँढ़कर दिलवा रही है।

सबसे अधिक लाभ लेने वाले बाहरी

सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर की मदद से जिन लोगों को मदद पहुंचाया गया है, उनमें अधिकतर बाहर के जिलों के हैं। पूर्वांचल ही नहीं, बिहार, मध्यप्रदेश, मुंबई समेत दूसरे शहरों के लोगों के लिए मददगार बनी है।

शहर की तीसरी आंख ने पकड़े कई अपराधी

शहर की यह तीसरी आंख अपराधियों की पहचान करने, उनको पकड़ने में मददगार साबित हो रहा है। बीते माह चोलापुर और शिवपुर के रिंग रोड पर गोली मारकर लूटकांड के आरोपितों को सीटी कमांड कंट्रोल सेंटर के जरिए ही पकड़ा गया। बड़ागांव ने साड़ी कारोबारी से लूट के आरोपित पकड़े गए तो कचहरी के पास एक प्रशासनिक अधिकारी से अभद्रता का आरोपित भी पहचाना गया। एसीपी भेलूपुर की सूचना पर छेड़छाड़ में ऑटो चालक पकड़ाया। कुल नौ लूट और छिनैती की घटनाओं में बदमाश पकड़े गए। तेलंगाना का एक गिरोह भी पकड़ाया, जो चलते वाहनों से उचक्कागीरी करता था। बिहार का एक गिरोह भी जेल में है, जो किसी भी कॉलोनी में घुसकर बंद मकान को मिनटों में खंगाल लेता था।