नेपाल में हिंसा के बीच नई अंतरिम सरकार बनी, भारत ने दिया समर्थन—पूर्व जस्टिस सुशीला कार्की बनीं प्रधानमंत्री
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नेपाल में हाल ही के भारी विरोध-प्रदर्शनों और हिंसा के बाद ऐतिहासिक फैसले के तहत सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को देश की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब सोशल मीडिया प्रतिबंधों के खिलाफ भड़के युवा आंदोलन ने पूरे देश में सरकार के खिलाफ भारी विरोध के साथ झड़पों और हिंसा को जन्म दिया था, जिसमें अनेक प्रदर्शनकारी मारे गए और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा।
भारत सरकार ने इस महत्वपूर्ण फैसले का स्वागत किया है और विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा—"हम नेपाल में नई अंतरिम सरकार के गठन का स्वागत करते हैं और सुशीला कार्की के नेतृत्व में नेपाल के साथ अपने गहरे संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम करते रहेंगे।" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अपनी ओर से सुशीला कार्की को बधाई देते हुए कहा कि "नेपाल के भाई-बहनों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।"
Suशीला कार्की को अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपे जाने से पहले हामि नेपाल नामक संगठन ने तीन शर्तें रखी थीं, जिनको कार्की ने स्वीकार किया। उन्हें राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शपथ दिलाई और साथ ही छह महीने के भीतर नए संसदीय चुनाव के आयोजन का दायित्व सौंपा गया है। भारत ने हमेशा नेपाल के साथ लोकतांत्रिक और विकासशील साझेदारी को प्राथमिकता दी है, और मौजूदा घटनाक्रम में दक्षिण एशिया में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और शांति की दिशा में समर्थन जताया है


