वाराणसी : बनारस के पेंषनर्स एवं नियमित बिजलकर्मियो ने बिजली के निजीकरण के विरुद्ध आंदोलन के 377वें दिन भी जमकर विरोध किया
निजीकरण के विरुद्ध आंदोलन के 377वें दिन भी जमकर विरोध किया, साथ ही एल0एम0वी0-10पर स्मार्ट मीटर लगाने का भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन जयचन्द वाराणसी
INDIA NEWS REPORT
जयचन्द
वाराणसी बनारस के पेंषनर्स एवं नियमित बिजलकर्मियो ने बिजली के निजीकरण के विरुद्ध आंदोलन के 377वें दिन भी जमकर विरोध किया, साथ ही एल0एम0वी0-10पर स्मार्ट मीटर लगाने का भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
बनारस सहित पूर्वांचल के 8 मंडलो में संविदाकर्मियों की मानक के विपरीत चल रही छटनी पर रोक लगाने हेतु संघर्ष समिति का प्रतिनिधि मंडल जल्द ही प्रबन्ध निदेशक महोदय से मिलकर प्रभावी हस्तक्षेप करने की मांग करेगा
विधुत पेंषनर्स और संघर्ष समिति प्रबन्ध निदेशक महोदय को संयुक्त मांग पत्र प्रेषित कर समस्याओं के निदान हेतु करेंगे आग्रह
बिजली के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में बिजली कर्मियों के साथ किसान संगठन और ट्रेड यूनियन हुए लामबंद: 14 दिसंबर को दिल्ली में हो रही मीटिंग में संघर्ष की वृहत रणनीति घोषित की जाएगी।
वाराणसी-09दिसम्बर 2025:संघर्ष समिति के आह्वान पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे संघर्ष के आज लगातार 377 वें दिन भी बनारस के बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में समस्त जनपदों की भांति ही बनारस में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया साथ ही एल0एम0वी0-10पर स्मार्ट मीटर लगाने का भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन ।
वक्ताओ ने बताया कि आज अधीक्षण अभियंता कार्यालय सिगरा पर विधुत पेंषनर्स, महिलाकर्मी सहित अन्य बिजलकर्मियो ने बिजली के निजीकरण के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करते हुये वर्ष 2000 में संयुक्त संघर्ष समिति और राज्य सरकार के साथ बिजलकर्मियो के तत्कालीन सुविधाओं को कम न करने के समझौते का पालन कराने का मांग करते हुये स्मार्ट मीटर लगाने का जमकर विरोध किया।
वक्ताओ ने बताया कि आज सहमति बनी है कि विधुत पेंषनर्स और संघर्ष समिति जिसमे नियमित एवं पेंषनर्स की समस्याओं का उल्लेख करते हुये प्रबन्ध निदेशक महोदय को संयुक्त मांग पत्र प्रेषित कर समस्याओं के निदान हेतु आग्रह करेंगे।
वक्ताओ ने संविदाकर्मियों के मानक के विपरीत छटनी करने के प्रबन्ध के निर्णय का घोर निंदा करते हुये इस पर प्रबन्ध निदेशक महोदय से मिलकर संघर्ष समिति का प्रतिनिधि मंडल प्रबन्ध निदेशक महोदय से प्रभावी हस्तक्षेप कर संविदाकर्मियों के जीविका बचाने के साथ ही राजस्व वसूली एवं अनुरक्षण कार्य पर पड़ने वाले विपरीत असर से सुरक्षा हेतु करेंगे अपील।
वक्ताओ ने बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की चल रही प्रक्रिया के विरोध में एवं इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में बिजली कर्मचारी संगठनो की किसान संगठनों और अखिल भारतीय ट्रेड यूनियनों के साथ संयुक्त संघर्ष पर सहमति हो गई है। इस संबंध में 14 दिसंबर को दिल्ली में मीटिंग बुलाई गई है जिसमें संयुक्त संघर्ष की रणनीति तय की जाएगी और आंदोलन के कार्यक्रमों की घोषणा की जायेगी।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर एक साल से अधिक से पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में लगातार संघर्ष कर रहे हैं और सड़कों पर उतर रहे हैं। इसी बीच भारत सरकार ने पूरे देश के ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण करने के लिए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसके अतिरिक्त ग्रुप आफ मिनिस्टर्स की मीटिंग में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्यों पर यह दबाव डाला जा रहा है कि केंद्र सरकार तभी वित्तीय सहायता करेगी जब राज्य निजीकरण के तीन विकल्पों में से एक विकल्प को स्वीकार करें।
उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों की निजीकरण की इन कोशिशें को देखते हुए बिजली के निजीकरण के विरोध में सारे देश के बिजली कर्मचारियों के साथ किसान और मजदूर संगठन भी आ गए हैं और राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा 14 दिसंबर को घोषित कर दी जाएगी।
सभा को सर्वश्री ई0 ए0के0 सिंह,आतीन गांगुली,आर0के0वाही,ई0 अवधेश मिश्रा, ओ0पी0 सिंह,अंकुर पाण्डेय,हेमन्त श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह,अभिषेक शुक्ला,आशुतोष पाण्डेय,जिउतलाल,के0पी0 दुबे,सुरेशचंद,राजेश श्रीवास्तव, गुलशन कुमार, आदि ने संबोधित किया।
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