'परिवारवाद भारत छोड़ो, भ्रष्टाचार भारत छोड़ो, तुष्टिकरण भारत छोड़ो', मिशन 2024 के पहले BJP ने दिया नारा
अगस्त क्रांति के शुभारंभ की वर्षगांठ नौ अगस्त को भाजपा ने अपने उसी अस्त्र को नई धार दे दी है जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार विपक्षी दलों के विरुद्ध प्रयोग कर रहे हैं। भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के पहले नारा दिया है- परिवारवाद भारत छोड़ो भ्रष्टाचार भारत छोड़ो तुष्टिकरण भारत छोड़ो। पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसके पीछे का उद्देश्य भी स्पष्ट किया।
अगस्त क्रांति के शुभारंभ की वर्षगांठ नौ अगस्त को भाजपा ने अपने उसी अस्त्र को नई धार दे दी है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार विपक्षी दलों के विरुद्ध प्रयोग कर रहे हैं। भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के पहले नारा दिया है- परिवारवाद भारत छोड़ो, भ्रष्टाचार भारत छोड़ो, तुष्टिकरण भारत छोड़ो।
BJP के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसके पीछे का उद्देश्य भी स्पष्ट किया और कहा कि राजनीति की शुचिता और देश के लोकतांत्रिक अस्तित्व को बचाने के लिए इन तीन अभिशापों से मुक्ति पानी होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने तीन आव्हान किए- रविशंकर प्रसाद
राजनीतिक दलों के परिवारवारवाद पर बरसे रविशंकर प्रसाद
प्रसाद ने कहा कि कोई किसी परिवार से जुड़ा व्यक्ति चुनाव लड़ता है तो इस पर कोई आपत्ति नहीं है। परिवारवाद का मतलब है नेता का बेटा पार्टी का नेता बनेगा। नेता ही नहीं, प्रधानमंत्री भी बनेगा या उसका दावेदार होगा। मुख्यमंत्री बनेगा या उसका दावेदार होगा। तंज कसा कि राहुल गांधी की पैकेजिंग-रीपैकेजिंग बार-बार होती रहती है। क्या कांग्रेस के लोग यह विचार करते हैं कि राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता कितनी है भारत जैसे महान देश का नेता बनने के लिए?
भाजपा सांसद ने कहा कि परिवारवाद आदतन अलोकतांत्रिक और गैरजिम्मेदार होता है। आइएनडीआइए अलायंस को घमंडिया कहा गया है। परिवारवाद की पार्टियां जुड़ती हैं तो अहंकार आता है। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं पर आरोप लगाया कि वह अहंकार के कारण ही आज तक सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा, वार मेमोरियल नहीं गए।
यह राजनीति की गंदी त्रिवेणी हैं- रविशंकर प्रसाद
इसके साथ ही रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जहां परिवारवाद की नग्न राजनीति होगी, उसके साथ भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण अपने आप आ जाएगा। यह राजनीति की गंदी त्रिवेणी हैं। भ्रष्टाचार वहीं पनपा है, जहां परिवारवाद रहा है। उन्होंने यूपीए शासनकाल के चर्चित कई घोटालों का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवार की राजनीति को मजबूत करने के लिए भ्रष्ट लोगों का सहारा चाहिए। सपा, राजद और तृणमूल कांग्रेस का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि यह राष्ट्र की अखंडता और एकता को रोकने की सीमा तक तुष्टिकरण को बढ़ावा देते हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भाजपा सांसदों ने सुबह संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सक्षम एकत्र होकर इसी नारे को बुलंद किया।


