मंडुवाडीह जाम में फंसे अपर पुलिस आयुक्त तब पता चला जमीनी हकीकत,थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मियों को लगाई फटकार,तब पता चला ये मंडुआडीह चौराहा है
मंडुआडीह जाम का झाम अपर पुलिस आयुक्त जब फसे जाम में तब उन्हें ज्ञात हुआ कि यह है मंडुआडीह चौराहा: जगदीश शुक्ला की खास खबर
जगदीश शुक्ला वाराणसी
सपा सरकार के कार्यकाल से लेकर अभी तक यहां की जनता बाहरी जनता जाम का झाम झेल रहा है लेकिन तब मालूम हुआ जब अपने खुद फंसे जाम में यह तो मामला राजनीतिक दलों का है।
जबकि यहां देखा जाए मंडुआडीह चौराहा का मतलब चार रोड चारों तरफ से आवागमन होता रहता है। यहां ब्रिज पास हो गया था उस समय सपा सरकार की राज्य रही राज्य मंत्री सुरेंद्र पटेल जी से व्यापारियों का कहना था कि। सर पुल बन जाएगा तो हम लोगों का बिजनेस चौपट हो जाएगा। आखिरकार नेताजी को तो वोट बैंक की जरूरत थी यहां पर ब्रिज न बनने के कारण आए दिन जाम लगा रहता है किसी का तबीयत खराब है किसी को कोई इमरजेंसी है उसका भी यहां पर दम टूट जाता है तब क्या शासन प्रशासन को समझ में नहीं आता। अपर पुलिस आयुक्त जब जाम में फंसे तब उनको ज्ञात हुआ" साहब मंडुवाडीह चौराहा है"
एक ऐसा चौराहा है इसकी कोई गारंटी नहीं है कब जाम लग जाये।
इस विषय में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आप लोग तो बड़े हॉकीम है कभी भी किसी को फटकार लगा सकते हैं
पिछले ही दिनों की बात है एक कथित मानवाधिकार संगठन की महिला शाम के समय जाम के समय रोंग साईड से निकल रही थी मंडुआडीह इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्रा ने महिला को समझाया लेकिन महिला मानवाधिकार संगठन से जुड़ी थी इंस्पेक्टर का समझाना उनको नागवार लगा और चौराहे पर ही उनसे उलझ गयी यहाँ तक कि कमिश्नर महोदय को इंस्पेक्टर विमल मिश्रा के विरुद्ध प्रार्थना पत्र भी दे दिया कि उंन्होने बत्तमीजी की शराब के नशे में थे और महिला का हाथ मोड़ा जिससे उनकी अंगूठी गिर गयी। इंस्पेक्टर विमल मिश्रा अपनी सादगी के लिए वे जहाँ भी रहे काफी लोकप्रिय रहे महिला क्या वे तो आज तक कभी पुरुष पर भी हाथ नही उठाये समस्त महकमा जानता है कि वे नशे से कोषों दूर रहते है दिन हो या रात क्षेत्र में कोषों पैदल गश्त करते है रात्रि में जब लोग विश्राम करते है तो इंस्पेक्टर विमल मिश्रा रात्रि 2 बजे अपने केबिन में मिलते है ।
अब जब अपर पुलिस आयुक्त जाम में फंसे तो शायद उन्हें ज्ञात हुआ होगा कि मंडुआडीह मे जाम की स्तिथि क्या है।


