शहीदों के वंशजों को मिला काशी वैश्विक गौरव सम्मान, आजादी के परवानों की याद में गूंजा वंदे मातरम

शहीदों के वंशजों को मिला वैश्विक गौरव सम्मान ,सम्मान पाकर शहीदों के वंशज हुये भाव विभोर:वाराणसी से अरमान खान की विशेष रिपोर्ट

शहीदों के वंशजों को मिला काशी वैश्विक गौरव सम्मान, आजादी के परवानों की याद में गूंजा वंदे मातरम
शहीदों के वंशजों का मिला काशी वैश्विक सम्मान

वाराणसी:अरमान खान

 आजादी के नायकों के वंशजों को जब सामने देखा तो जेहन में स्वतंत्रता संग्राम के साथ ही क्रांतिकारी आंदोलनों की यादें साकार हो उठीं। देश के लिए आहुति देने वाले अमर शहीदों के वंशजों ने जब अपनी-अपनी कहानियां साझा करनी शुरू की तो हर आंख नम थी, लेकिन हर चेहरे पर भारतीय होने का गर्व हिलोरे मार रहा था।

पूरा प्रांगण वंदेमातरम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा

मौका था महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती का। रविवार को नदेसर स्थित होटल ताज में काशी वैश्विक गौरव सम्मान पहली बार बनारस में देश के सच्चे क्रांतिकारियों और उनके वंशजों को सम्मानित कर गौरवान्वित हो उठा। देश के 11 महानायकों के परिजनों को सम्मान से नवाजा गया।

उनके साथ ही ऑस्कर अवार्ड के सेमीफाइनल तक का सफर तय करने वाली अभिनेत्री फलक खान को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अजय जायसवाल ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने वाली विभूतियों को नमन करना है, साथ ही आने वाली युवा पीढ़ी को भी उनकी वीर गाथा से परिचित कराना है। कार्यक्रम की शुरुआत राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, मेयर अशोक कुमार तिवारी व शहीदों के परिजनों ने दीप जलाकर किया।

शहीदों के परिजनों को मिला सम्मान

शहीद-ए-आजम भगत सिंह के भतीजे किरणजीत, अशफाक उल्ला खान के प्रपौत्र अशफाक, राजगुरु के पौत्र सत्यशील, शहीद ठाकुर रोशन सिंह के पौत्र जितेंद्र प्रताप सिंह, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के प्रपौत्र शैलेष, क्रांतिकारी भगवती चरण वोहरा की धर्मपत्नी दुर्गावती के प्रपौत्र जगदीश, झांसी की रानी की छठी पीढ़ी से योगेश राव अरुण राव, शहीद मंगल पांडेय की चौथी पीढ़ी से रघुनाथ पांडेय, सुखदेव के प्रपौत्र अनुज थापर और राम प्रसाद बिस्मिल के भतीजे राजबहादुर, ऊधम सिंह के नवासा मलकीत सिंह।

आजादी है धरोहर, संभाल कर रखना हमारी जिम्मेदारी

शहीद मंगल पांडेय की चौथी पीढ़ी के वंशज रघुनाथ पांडेय ने कहा कि आजादी एक धरोहर है और इसे संभाल कर रखने की जिम्मेदारी हर भारतीय की है। अपने शहीदों से प्रेरणा लेकर और उनके बलिदानों को नमन करते हुए भारत को सशक्त बनाने में योगदान करना होगा। हर हिंदुस्तानी जब आजादी की कीमत समझेगा तभी उसे देश की कीमत भी समझ आएगी।

यह हमारा नहीं लोकमान्य तिलक का सम्मान

बाल गंगाधर तिलक के प्रपौत्र शैलेष ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि सारे क्रांतिकारियों के परिवारों को एक मंच पर एकत्र किया गया। यह हमारा नहीं लोकमान्य तिलक और उनके कार्य का सम्मान है। देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है।

पांच घंटे की देरी से पहुंचे सांसद मनोज तिवारी

दिल्ली से सांसद और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज तिवारी देर रात आयोजन में शामिल हुए। चुनाव कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण वह अपने निर्धारित समय से पांच घंटे की देरी से पहुंचे। सांसद मनोज तिवारी ने आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से पूरे देश में राष्ट्र प्रेम की लहर बनने में प्रेरणादायी मदद मिलती है। इस दौरान आयोजक अजय जायसवाल, नीरज पारिख, नमित पारिख, आर्य समाज सभा के अध्यक्ष सुरेश चंद्र आर्य, स्वामी शिवानन्द एवं अजय सहगल भी उपस्थित थे। संचालन सिमरन आहूजा ने किया।