बिहार में 2 बहनों को हुआ आपस में प्यार, थाने पहुंच सुरक्षा की लगाई गुहार; पुलिस ने क्या किया

बिहार में 2 बहनों को हुआ आपस में प्यार, थाने पहुंच सुरक्षा की लगाई गुहार; पुलिस ने क्या किया

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले की समलैंगिक संबंधों को लेकर दिए गए अपने आदेश में कहा था कि ऐसे जोड़ों को समाज में रहने की व्यवस्था करने और सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की है। इस बीच बिहार से एक ऐसी की खबर सामने आई हैं, जहां दो बालिग युवतियां एक साथ रहना चाहती हैं, लेकिन परिजनों के डर के कारण वह घर से भाग गईं और अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस के शरण में पहुंची हैं। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी तो युवतियों ने घर वापस जाने से इनकार कर दिया। जिसके बाद परिजन भी वापस लौट गए। पुलिस ने भी दोनों बालिग युवतियों को उनके द्वारा लिए गए निर्णय पर छोड़ दिया।

दरअसल, सीवान की रहने वाली दो युवतियां रविवार को राजधानी पटना के गर्दनीबाग महिला थाने पहुंची। बताया जा रहा है कि सीवान की रहने वाली दोनों युवतियां रिश्ते में बहन हैं। दोनों युवतियों ने एक साथ जीवन जीने का फैसला किया। यह बात दोनों के परिजनों को नागवार गुजरी, जिसके बाद दोनों युवतियों ने घर से भागने का निर्णय लिया। 

इस मामले की जानकारी देते हुए महिला थाना के एक पुलिसकर्मी ने बताया है कि दोनो युवतियां आपस में पारिवारिक रिश्ते में है, जो एक साथ रहने की जिद पर घर से भाग महिला थाने में पहुंची है। इस बात की जानकारी सीवान जिले में रहने वाले दोनो युवतियों के परिजनो को दी गई है। परिवार के सदस्य महिला थाना रविवार की रात पहुंचे थे। लेकिन दोनों युवतियों ने अपने परिवार के साथ जाने से मना कर दिया, जिसके बाद युवतियों के परिजन वापस लौट गए। पुलिस ने बालिग युवतियों को उनकी मर्जी पर आगे को छोड़ दिया है।

दो बहनों ने थाने में किया हंगामा

जानकारी देते हुए महिला थाना के एसआई रामानुज ने कहा कि दोनों युवतियां बालिग हैं और थाने में अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने आई थीं। दोनों के परिजनों को जब बुलाया गया तो इन्होंने खुद को बालिग होने का हवाला देकर एक-दूसरे के साथ रहने की बात कही। दोनों ने बताया कि वे परिजनों के साथ नहीं जाना चाहती थीं।

पुलिस को लिखे गए आवेदन में युवतियों ने बताया है कि 31.10.2023 से दोनों अपनी-अपनी मर्जी और बिना किसी के दबाव में एक दूसरे के साथ रह रही हैं। साथ ही दोनों ने आवेदन में लिखा कि यदि उन दोनों के माता-पिता उनके विरुद्ध थाने में फर्जी मुकदमा दर्ज करते हैं तो उसका संज्ञान नहीं लिया जाए। आवेदन में ये भी कहा गया है कि अगर उन दोनों पर किसी प्रकार का कोई हमला होता है या कोई घटना घटती है तो इसके जिम्मेदार उनके माता-पिता होंगे।