काशी-तमिल संगमम के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बिरहा गायक मन्नू यादव ने रंग जमाया

लोक नृत्य, गायन और वाद्य वादन से गुलजार रहा नमोघाट, नौ प्रस्तुतियां:जगदीश शुक्ला

काशी-तमिल संगमम के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बिरहा गायक मन्नू यादव ने रंग जमाया
वाराणसी:काशी-तमिल संगमम के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बिरहा गायक मन्नू यादव ने रंग जमाया

जगदीश शुक्ला

वाराणसी , 26 दिसंबर . काशी-तमिल संगमम-2 में मंगलवार को नमोघाट पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अंतरराष्ट्रीय बिरहा गायक मन्नू यादव ने रंग जमा दिया। 

हारमोनियम और ढोलक पर देसी अंदाज में मन्नू यादव ने नमामि गंगा से अपने बिरहा की शुरुआत की. जय काशी-तमिल संगमम कोटि-कोटि प्रणाम. 'हमरी धारा बीच नवरिया, पार लगाय दा हो गंगा जी' गाकर तमिल डेलीगेशन को आश्चर्यचकित कर दिया. इस दौरान उन्होंने किसानों और वीर रस के गाने भी गाए. यादव के वीर रस भरे बिरहा पर Tamil Nadu से आए किसान डेलीगेट्स झूमते नजर आए. उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र Prayagrajएवं दक्षिण क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र तंजावूर, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में काशी और Tamil Nadu के कलाकारों की नौ प्रस्तुतियां हुई. दोनों राज्यों के शास्त्रीय और लोक नृत्य, गायन और वाद्य वादन आदि मंच पर प्रस्तुत किए गए. पहली प्रस्तुति ओयलाट्टम, उरुमी, नैयांडिमेलम की रही. दूसरी प्रस्तुति पंबई, काई सिलांबटम, कवाडिअट्टम में तमिल कलाकारों ने कई तरह के हैरतअंगेज करतब भी दिखाए. तीसरी प्रस्तुति Varanasi के कलाकारों नरेंद्र मिश्रा और टीम की वाद्य यंत्रों पर रही. चौथी प्रस्तुति मन्नू यादव का बिरहा और पांचवीं प्रस्तुति डांस मास्टर ए. माधवर्मन की भरतनाट्टयम पर रही. इन्होंने 20 मिनट की प्रस्तुति में हर किसी का मन मोह लिया. छठवीं प्रस्तुति कथक नृत्य की रही. रिचा पांडेय और उनकी टीम ने कथक से हर किसी को हर्षित कर दिया. सातवीं प्रस्तुति एस. जयती और टीम ने थपट्टम, आठवीं प्रस्तुति कालायसुदरमणि सी. मैगमणि कारगम और नैयांडिमेलम और अंतिम नौवीं प्रस्तुति के भारनी के सिवान, पार्वती और सामयट्टम की रही।

 तमिल डेलिगेट्स ने देखी गंगा आरती

 सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद डेलिगेट्स क्रूज पर सवार होगा गंगा आरती में पहुंचा. क्रूज से सभी डेलिगेट्स ने विश्वनाथ मंदिर के गंगा द्वार को देखा और बाबा को प्रणाम का आशीर्वाद मांगा. इसके बाद दल दशाश्वमेध घाट पहुंचा. जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती देखी. गंगा आरती देख सभी डेलिगेट्स अभिभूत नजर आए. हर कोई गंगा आरती की सेल्फी और फोटो लेता दिखाई दिया. क्रूज से ही तमिल डेलिगेट्स को सभी घाटों की भव्यता और दिव्यता को दिखाया गया और वहां की विशेषता के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी गई।