डूबते हुए राजनितिक दलों के नेता विधर्मियों और अलगाववादियों के साथ मिलकर देश में कुछ भी गड़बड़ करवा सकते हैं:कमलनाथ

मध्य प्रदेश से भी खबरे निकल कर आ रही हैं कि कमलनाथ विवेक तनखा अपने सैकड़ों समर्थकों जिला प्रदेश स्तर के नेताओ के साथ हाथ छोड़ कर कभी भी अपने हाथ में कमल पकड़ सकते हैंI :जगदीश शुक्ला

डूबते हुए राजनितिक दलों के नेता विधर्मियों और अलगाववादियों के साथ मिलकर देश में कुछ भी गड़बड़ करवा सकते हैं:कमलनाथ
कमल नाथ मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री

जगदीश शुक्ला

मध्य प्रदेश:  मराठा नेता मिलिंद देवड़ा कांग्रेस को छोड़ शिंदे जी से और बाबा सिद्दीकी अजित पवार से जा मिले। महाराष्ट्र में कांग्रेस के सबसे बड़े एवं मराठा नेता पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण कांग्रेस की 40 वर्ष सेवा करने के बाद छोड़कर कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। मध्य प्रदेश से भी खबरे निकल कर आ रही हैं कि कमलनाथ विवेक तनखा अपने सैकड़ों समर्थकों जिला प्रदेश स्तर के नेताओ के साथ हाथ छोड़ कर कभी भी अपने हाथ में कमल पकड़ सकते हैंI पंजाब हरियाणा राजस्थान हिमाचल और छत्तीसगढ से खबरे आ रही है कि कांग्रेस के अनेकों बड़े दिग्गज नेता भाजपा के दरवाजे एंट्री करने के लिए खड़े हैं भाजपा के नेताओ से संपर्क साध रहे हैं।

कुछ दिन पहले ही ममता बनर्जी ने कांग्रेस से पूछ लिया था कि 40 सीट भी बचा सकते हो क्या और दूसरी तरफ खड़गे राज्यसभा में बोल गए NDA 400 पार और आज जिस तरह सोनिया गांधी रायबरेली से 5 बार लोकसभा सांसद रह कर रायबरेली छोड़कर राजस्थान से राज्यसभा के लिए नामांकन भर दिया, उसे देख कर साफ़ लगता है कांग्रेस मान चुकी है कि इस बार 40 पार भी नहीं हो सकती हैं।

सुनने में आ रहा है कि लड़की हूं कहने वाली प्रियंका वाड्रा को रायबरेली खड़ा किया जाएगा। सोनिया का खुद रायबरेली को छोड़ना और प्रियंका को सीट देकर कहीं प्रियंका को बलि की बकरी बनाने की साजिश तो नहीं है क्योंकि जब कांग्रेस की सुप्रीमो को डर हैं तो बेटी की क्या औकात जीतने की। आज कांग्रेस को केवल मुस्लिम वोटरों पर पहला भरोसा है।

दूसरा भरोसा है आतंकी धमकी देने वाले जो खुलकर कह रहे हैं कि अबकी मोदी पंजाब आया तो जिंदा वापस नहीं जाएगा।

कांग्रेस और केजरीवाल को ऐसे ही लोगों का सहारा हैI ये धमकी देने वाले पंजाब के हैं। हल्द्वानी में लगी आग एक बहुत बड़ी साजिश हो सकती और ऐसा देश के अन्य हिस्सों में भी हो सकता है।

ज्यों ज्यों लोकसभा चुनाव पास आ रहा हैं कांग्रेस को सदमें मिल रहे हैं जो बर्दाश्त नहीं हो रहे हैं। पहले श्री राममंदिर से परेशानी हुई और फिर उम्मीद से थे कि क़तर वाले 8 फंसे रहेंगे लेकिन वो सभी छूट गए। कल तक सारे कांग्रेसी और उसके समर्थक पत्रकार मोदी को कोस रहे थे लेकिन आज सजा माफ़ी पर ख़ुशी तो जता रहे हैं लेकिन मोदी सरकार को श्रेय नहीं दे रहे हैं और आज UAE में मोदी ने हिन्दू मंदिर का उद्घाटन कर दिया। कल्कि धाम का भी 19 फरवरी को उद्घाटन करना है।

बिहार हाथ से निकल गया है। कांग्रेस में भगदड़ मची हुई है। मेरे जैसे समान्य व्यक्ति के अनुसार तो भारत सरकार के साथ राम भक्त जागरूक प्रबुद्ध नागरिको को सचेत एवं सतर्क रहना बहुत जरूरी हो गया है। मणिपुर हिंसा, हल्द्वानी आग की साजिश के जैसे डूबते हुए राजनितिक दलों के नेता विधर्मियों और अलगाववादियों के साथ मिलकर देश में कुछ भी गड़बड़ करवा सकते हैं। अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहना होगा।