असत्य पर सत्य की जीत, वरिष्ठ पत्रकार की रिहाई से वाराणसी के पत्रकारों में खुशी की लहर दौड़ी
वाराणसी के वरिष्ठ पत्रकार को नशीली सिरप माफियाओं ने षणयंत्र रच भेजवाया था जेल ,पत्रकार की रिहाई से माफियाओं के मंसूबो पर चला बुलडोजर पत्रकार हुये आज़ाद बढ़ी अपराधियों में बेचैनी:अनुराग पांडेय
INDIA NEWS REPORT
EDITOR DESK
वाराणसी : पूर्वांचल के वरिष्ठ पत्रकार व कलम के सिपाही को 26 जुलाई 2025 को अपराध, अपराधियो , के विरूद्ध खबर चलाना इतना भारी पड़ गया था कि अपराधियों ने षणयंत्र रच पत्रकार को जी तोड़ मेहनत कर जेल पहुंचा दिया और साज़िश रच एनडीपीएस एक्ट में वाराणसी क्या उत्तर प्रदेश छोड़ मध्य प्रदेश में अपने गुर्गों से पत्रकार का नाम बुलवाकर जी तोड़ मेहनत की सलाखों के पीछे पहुँचाने की मध्यप्रदेश रीवा के मऊगंज थाने की टीम वाराणसी से उन वरिष्ठ पत्रकार को 26 जुलाई को अपने साथ कर ले गयी और 1 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की नतीजा निकला शून्य वरिष्ठ पत्रकार की अर्जी हाई कोर्ट में लगी अंततः कहावत है ना कि साँच को आँच क्या विद्वान विकीलो की बहस में 67 दिनों के लंबे अंतराल के बाद हाई कोर्ट जबलपुर ने जमानत पर रिहा किया और मुख्य आरोपी की जमानत याचिका खारिज़ की ।
आज 67वें दिन पत्रकार तारिक आज़मी जी रिहा हुई ठीक रावण दहन के पूर्व बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य की जीत हुई ।
अपराधियो व सहयोगियों की बढ़ी बेचैनी!!
पत्रकार तारिक़ आज़मी जी को युही नही जाना जाता है शब्दो के प्रहार से अच्छे अच्छे मठाधीशों को इन्होंने चित किया है अपनी बेबाक छवि ,दुसरो के प्रति सहयोग ,सहायता वाली छवि खोजी पत्रकारिता की छवि के कारण तारिक़ आज़मी जी की रिहाई की खबर सुन अपराधियो और उनके संरक्षकों की बेचैनी बढ़ गयी है।


