आखिर ट्रैफिक पुलिस का काम क्या है?? सिर्फ वसूली करना??

मानवता ,इंसानियत खोते आज के लोग य्या पुलिस का भय की अगर हम किसी की सहायता करेंगे तो पुलिस हमे ही ना फंसा दे,भले ही आज की पुलिस व्यवस्था काफी मॉडर्न हो गयी है लेकिन आज भी जनता से दूर है:अनुराग पाण्डेय

आखिर ट्रैफिक पुलिस का काम क्या है?? सिर्फ वसूली करना??
प्रतीकात्मक तस्वीर
आखिर ट्रैफिक पुलिस का काम क्या है?? सिर्फ वसूली करना??

INDIA NEWS REPORT

 -अनुराग पाण्डेय

 वाराणसी:बार बार मन मे एक ही सवाल आता है कि वाराणसी के उन स्थानों जहां जाम नही लगता है ,वहां पर ट्रैफिक पुलिस का कार्य क्या है सिर्फ वसूली करना कल महमूरगंज के पास हम गुजर रहे थे अपराह्न 3 बजे महमूरगंज ओवरब्रिज जो शराबियों का अड्डा बन चुका है वहां हमने देखा कि एक व्यक्ति बेसुध पड़ा है लोगो से जानकारी ली तो पता चला कि 11 बजे से ऐसे ही पड़ा है मैं अपने एक डॉक्टर मित्र हेमंत कुमार (OT assistant) चोलापुर के साथ था व काफी लंबे समय बाद हम लोग मिले थे तो हम उनके ही घर जा रहे थे लेकिन उस बेसुध व्यक्ति को देख रहा ना गया उसकी साँसे चल रही थी लगभग 25-30 बर्ष का था तो हमने चौकी इंचार्ज नगर निगम सौरभ पाण्डेय जी को तत्काल सूचना दी तो उन्होंने उचित राय देते हुये 108 नंबर पर कॉल करने की सलाह दी हमने वैसा ही किया अब वो अनजान व्यक्ति शराब के नशे में था या धूप ,गर्मी के वजह से बेहोश था लेकिन किसी ने उसकी मदद नही की तब तक 108 एम्बुलेंस भी आ गयी तो हमने उस व्यक्ति को एम्बुलेंस से हॉस्पिटल भेजवाया।

 रात्रि करीब 7 बजे अपने डॉक्टर मित्र के सिगरा आवास से लौटते हुये बनारस रेलवे स्टेशन के गेट नंबर एक रानीपुर के पास जहाँ अक्सर ही टोटो, ऑटो वालो की जमकर लड़ाई होती है मेरी बाइक को एक टोटो वाले ने बुरी तरह से टक्कर मार दी भीड़ तो लग गयी लोगो ने बाइक भी उठाई और हमे फुटपाथ पर लेटा दिया लेकिन हम जमीन पर गिरे थे पैर और कमर में चोट के वजह से उठ नही पा रहे थे तभी एक ट्रैफिक सिपाही आया और जबर्दस्ती उठाने लगा गालियां देते हुये किसी तरह हमने ट्रैफिक इंस्पेक्टर आसिफ सिद्दीकी जी को कॉल किया और मोबाइल ट्रैफिक सिपाही को दे दिया तो ट्रैफिक सिपाही ने अपने अधिकारी से मेरे ही ऊपर आरोप लगा दिया कि शराब के नशे में है और फोन काटकर मेरा मोबाइल मेरे पास फेंक दिया जिसमें मेरी मोबाइल टूट गयी और वो वहां से चला गया तब हमने अपने घर एक अनजान व्यक्ति से कॉल करवाया क्योंकि मेरा हाथ चोट के कारण उठ नही रहा था तब ऑटो लेकर मेरी पत्नी आयी और उनके भाई आये हमे घर पहुँचाये दवा लिए क्योंकि अंदरूनी चोट हड्डी पर काफी लगी थी। अभी कुछ दिन पहले ही ठीक उसी जगह ऑटो -टोटो वालो की जमकर हाथापाई हुई थी जिसमे ऑटो संचालक का सर भी फटा था।