वाराणसी के एम्बिशन अस्पताल पर अमानवीयता के गंभीर आरोप, मरीज की मौत के बाद 6 घंटे तक शव बंधक रखने का दावा
परिजनों ने लगाया 4 गुना महंगी दवा बेचने और बिना रसीद वेंटिलेटर चार्ज वसूलने का आरोप, अर्दली बाजार चौकी में दी तहरीर - कुलदीप बरनवाल
INDIA NEWS REPORT
कुलदीप बरनवाल
वाराणसी के मकबूल आलम रोड (खजुरी कॉलोनी) स्थित एम्बिशन हॉस्पिटल और उसके संचालक डॉ. राशिद परवेज पर अमानवीयता और लापरवाही के संगीन आरोप लगे हैं। आरोप है कि इलाज के दौरान महिला मरीज बानो बेगम की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने 55 हजार रुपये के बकाया बिल के लिए 6 घंटे तक शव को बंधक बनाकर रखा।
पीड़िता की पत्रकार पुत्री और परिजनों ने अर्दली बाजार चौकी में लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, रामनगर निवासी बानो बेगम को मकबूल आलम रोड स्थित डॉ. राशिद परवेज की ओपीडी के बाद खजुरी स्थित एम्बिशन अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि
- 4 दिन तक मिलने नहीं दिया: पिछले 4 दिनों से डॉक्टरों द्वारा मरीज की हालत में सुधार की बात कही जा रही थी, लेकिन परिजनों को आईसीयू में मिलने नहीं दिया गया।
- महंगी दवाओं का खेल: अस्पताल ने बाहर की दवा लेने से मना कर दिया और अपनी ही फार्मेसी से 4 गुना महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया।
- बिना रसीद वसूली: परिजनों का आरोप है कि शनिवार सुबह मरीज के पति से वेंटिलेटर के नाम पर नकद पैसा लिया गया, रसीद नहीं दी गई और कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। इसके करीब एक घंटे बाद ही मरीज को मृत घोषित कर दिया गया।
मौत के बाद 6 घंटे तक शव के लिए भटकते रहे परिजन
परिजनों के मुताबिक, मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने कहा कि 55,000 रुपये का बकाया बिल जमा होने तक शव नहीं दिया जाएगा। मजबूरी में परिजनों ने शाम करीब 6 बजे तक जैसे-तैसे रकम का इंतजाम कर भुगतान किया, तब जाकर शव सौंपा गया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज से जुड़ी कोई भी मेडिकल रिपोर्ट, जांच रिपोर्ट उन्हें नहीं दी गई।
पत्रकारों से अभद्रता, मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही जब पीड़ित पत्रकार के कुछ साथी अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल संचालक के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। आरोप है कि संचालक ने अभद्रता की और पुलिस को बुला लिया। सूचना पर अर्दली बाजार चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
फिलहाल पुलिस ने तहरीर ले ली है और मामले की जांच की बात कही है।
नोट: यह खबर परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत और उनके आरोपों पर आधारित है।


