वाराणसी में 116.86 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, बिहार का मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार, 41 खातों से होता था खेल
वाराणसी में 116.86 करोड़ के साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश, XePay APK से OTP चुराते थे आरोपी
INDIA NEWS REPORT
रिपोर्ट:- कुलदीप बरनवाल
सावधान यूपी 65 जिला बनारस, अपराधियो का प्रवेश वर्जित-साइबर क्राइम सेल और थाना चेतगंज पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने कमीशन का लालच देकर लोगों के नाम पर फर्म खुलवाकर उनके बैंक खातों को साइबर ठगी, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और बेटिंग ऐप में इस्तेमाल करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने इस गैंग के सरगना समेत 4 शातिरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सरगना की पहचान रोहतास, सासाराम, बिहार निवासी नीतीश कुमार पाण्डेय के रूप में हुई है।
143 NCRP शिकायतें और 116.86 करोड़ का फ्रॉड
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों से जुड़े 41 बैंक खातों की जांच में 143 NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) शिकायतें मिली हैं। इन खातों के जरिए अब तक करीब 116.86 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की बात सामने आई है
OTP चोरी का नया तरीका - XePay APK
गिरोह ठगी का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम फर्म रजिस्टर कराते थे और उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद मोबाइल में XePay APK इंस्टॉल कर SMS Forwarding सक्रिय कर देते थे। इससे बैंक खाते का OTP सीधे आरोपियों के पास पहुंच जाता था और वे ठगी की रकम को पलक झपकते ही अलग-अलग खातों में घुमा देते थे।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 19 चेकबुक, 40 डेबिट कार्ड, 48 QR स्कैनर और 2 चार पहिया वाहन बरामद किए हैं।
पुलिस अन्य आरोपियों और इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों की जांच में जुट गई है। इस गिरोह से जुड़े तार कई राज्यों से जुड़े होने की आशंका है।


