एम्बिशन हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही और शव बंधक बनाने का आरोप
पत्रकार महविश कुरैशी की मां की मौत के बाद मामला गरमाया, CMO से की निष्पक्ष जांच की मांग
INDIA NEWS REPORT
रिपोर्टर:-कुलदीप बरनवाल
वाराणसी, 1 सितंबर।
मकबूल आलम रोड, खजूरी स्थित एम्बिशन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अस्पताल संचालक डॉ. राशिद परवेज पर इलाज में लापरवाही और 55 हजार रुपये बिल के लिए शव को 6 घंटे तक बंधक बनाए रखने के गंभीर आरोप लगे हैं।
मृतका की पहचान रामनगर निवासिनी बानो बेगम के रूप में हुई है, जो महिला पत्रकार महविश कुरैशी की मां थीं। परिजनों के अनुसार शनिवार को इलाज के दौरान डॉ. राशिद परवेज और उनके स्टाफ की लापरवाही से उनकी मौत हो गई। आरोप है कि बकाया बिल के नाम पर अस्पताल प्रबंधन ने बिना रसीद दिए पैसे लेकर ही शव परिजनों को सौंपा और तब तक शव को रोके रखा।
मामले की सूचना पर जब अन्य पत्रकार मौके पर जानकारी लेने पहुंचे तो आरोप है कि डॉ. राशिद परवेज ने उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया। वहीं इस पूरे प्रकरण में अर्दली बाजार चौकी इंचार्ज की भूमिका पर भी सवाल खड़े हुए हैं। पत्रकारों का आरोप है कि चौकी इंचार्ज कार्रवाई करने के बजाय अस्पताल संचालक की पैरवी करते नजर आए।
इस संबंध में मृतका की बेटी महविश कुरैशी ने मौके पर ही चौकी इंचार्ज को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर आज पत्रकारों ने कैंट थाना प्रभारी से फोन पर बात की। थाना प्रभारी ने जांच कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इसी क्रम में आज मृतका की बेटी महविश कुरैशी अन्य पत्रकारों के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंचीं और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह को लिखित शिकायती पत्र सौंपा। पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि औपचारिकताएं पूरी कर मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा। बोर्ड द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि इलाज में लापरवाही व शव बंधक बनाने के आरोप सही पाए जाते हैं तो अस्पताल और संबंधित चिकित्सक के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


