अलविदा पुरानी दालमंडी! हकीम मोहम्मद जाफर मार्ग पर शुरू हुआ विकास का नया अध्याय

दालमंडी का बदलेगा नक्शा, हकीम मोहम्मद जाफर मार्ग पर शुरू हुआ विकास का नया अध्याय

अलविदा पुरानी दालमंडी! हकीम मोहम्मद जाफर मार्ग पर शुरू हुआ विकास का नया अध्याय
नई दालमंडी का भूमिपूजन

                         INDIA NEWS REPORT

कुलदीप बरनवाल

वाराणसी 9 अगस्त रविवार -वाराणसी की ऐतिहासिक दालमंडी, जिसे हकीम मोहम्मद जाफर मार्ग के नाम से भी जाना जाता है, अब अपने पुराने स्वरूप को अलविदा कह रही है। पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी माने जाने वाले इस क्षेत्र के कायाकल्प के लिए रविवार को भूमिपूजन के साथ विकास कार्यों का शिलान्यास कर दिया गया।

क्या हुआ शिलान्यास में -

शहर दक्षिणी के विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों की मौजूदगी में विकास योजनाओं का विधिवत शिलान्यास किया। 

योजना के तहत दालमंडी और आसपास के इलाकों में ये काम होंगे:

- सड़कों का चौड़ीकरण: घनी आबादी और भीड़ को देखते हुए मुख्य मार्गों को चौड़ा किया जाएगा

- जल निकासी में सुधार: बरसात में जलभराव की समस्या से निजात के लिए नया ड्रेनेज सिस्टम

- बेहतर प्रकाश व्यवस्था: पूरे क्षेत्र में नई स्ट्रीट लाइटें लगेंगी

- पेयजल आपूर्ति दुरुस्त: पाइपलाइन और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा

विधायक ने क्या कहा

भूमिपूजन के बाद डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि "दालमंडी वाराणसी का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। यहां आने वाले हजारों व्यापारियों और आम जनता की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद लोगों को वर्षों पुरानी समस्याओं से राहत मिलेगी।"

इतिहास पर इतिहास

दालमंडी दशकों से पूर्वांचल के व्यापार की धड़कन रही है। दाल, मसाले और किराना की सबसे बड़ी मंडी के रूप में इसकी पहचान थी। अब आधुनिक सुविधाओं के साथ इस क्षेत्र का नया स्वरूप तैयार किया जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि विकास के बाद यहां व्यापार और भी बढ़ेगा, लेकिन साथ ही पुरानी पहचान के बदलने को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।

प्रशासन का लक्ष्य है कि तय समय में काम पूरा कर दालमंडी को जाम, जलभराव और खराब रोशनी जैसी समस्याओं से मुक्त किया जाए।