वाराणसी में दोस्ती हुई खूनी: 15 दिन से लापता 19 साल के ईशु की गला रेतकर हत्या, बोरे में भरकर गोबर के ढेर में दबाया शव, 3 दोस्त गिरफ्तार
सिगरा क्षेत्र से 6 अगस्त से लापता था 19 वर्षीय ईशु कन्नौजिया शराब पार्टी के दौरान विवाद में चापड़ से काटा गला सनबीम स्कूल के पास कंपोजिट गोबर के ढेर में छिपाया था शव शिवपुरवा के तीन आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी परिजनों ने सिगरा पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप - कुलदीप बरनवाल
INDIA NEWS REPORT
कुलदीप बरनवाल
वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र के लहरतारा-महमूरगंज मार्ग से 6 अगस्त से लापता 19 वर्षीय युवक ईशु कन्नौजिया की हत्या की गुत्थी पुलिस ने 15 दिन बाद सुलझा ली है। युवक की हत्या उसके ही दोस्तों ने की थी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बोरे में भरकर सनबीम स्कूल के पास नाले किनारे बने कंपोजिट गोबर के ढेर में छिपा दिया था। पुलिस ने शुक्रवार 21 अगस्त 2026 को शव बरामद कर लिया है।
शराब पार्टी के दौरान विवाद में ली जान
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि घटना वाले दिन ईशु अपने परिचितों के साथ शराब पार्टी कर रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर आपस में कहासुनी और विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने चापड़ से ईशु का गला काटकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद घबराए आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के लिए शव को बोरे में भरा और सुनसान जगह देखकर गोबर के ढेर में दबा दिया, ताकि किसी को भनक तक न लगे।
शिवपुरवा के तीन आरोपी अरेस्ट
मामले की जांच में जुटी सिगरा पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर की मदद से शिवपुरवा इलाके में रहने वाले तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और हत्या के पीछे की पूरी वजह को लेकर जांच जारी है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
19 वर्षीय ईशु 6 अगस्त से लापता था। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने सिगरा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन शुरुआती दिनों में पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सक्रियता दिखाई जाती तो शायद ईशु की जान बच सकती थी। पुलिस ने पहले सिर्फ गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की, हत्या का एंगल बाद में सामने आया।
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के इस मामले में तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस सर्विलांस, स्थानीय खुफिया इनपुट और शव मिलने के बाद की गई त्वरित घेराबंदी के आधार पर हुई है।
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की प्रक्रिया इस प्रकार रही:
- शव मिलने के बाद पुलिस एक्शनशुक्रवार (21 अगस्त 2026) को सनबीम स्कूल (लहरतारा) के पास नाले के किनारे कंपोजिट गोबर के ढेर से जब ईशु का शव बरामद हुआ, तब पुलिस ने फौरन डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
- सर्विलांस और आखिरी बार देखे गए लोगों की जांचपुलिस ने ईशु के लापता होने के दिन (6 अगस्त) और उसके बाद की मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स (CDR) और तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया। जांच में सामने आया कि गायब होने से पहले उसका शिवपुरवा निवासी उसके कुछ दोस्तों के साथ उठना-बैठना और शराब पार्टी हुई थी, जहां उनका आपस में विवाद हुआ था।
- घेराबंदी और हिरासत में पूछताछसंदेह के आधार पर सिगरा पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिरों से मिले सटीक इनपुट के जरिए घेराबंदी करके शिवपुरवा निवासी तीनों संदिग्धों को दबोच लिया। पुलिस कस्टडी में जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी वारदात का खुलासा किया।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश दोनों है।


