राष्ट्रपति कार्यालय ने अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी के अभ्यावेदन पर लिया संज्ञान, गृह मंत्रालय को भेजा प्रकरण
19 अगस्त को भेजे गए पत्र पर 27 अगस्त को हुई कार्रवाई, Cognitive Warfare और संगठित डिजिटल अभियान की जांच की मांग
वाराणसी। वरिष्ठ अधिवक्ता, दी बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भाजपा विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र के संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा राष्ट्रपति को भेजे गए अभ्यावेदन पर राष्ट्रपति सचिवालय ने बड़ी कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार 19 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति महोदया को भेजे गए अभ्यावेदन को राष्ट्रपति सचिवालय के अवर सचिव कुलचंद्र कुमार ने 27 अगस्त 2026 को गृह सचिव, भारत सरकार को उचित कार्रवाई (appropriate attention) के लिए अग्रेषित कर दिया है। साथ ही पत्र में निर्देश दिया गया है कि की गई कार्रवाई की जानकारी सीधे याचिकाकर्ता को दी जाए।
क्या था अभ्यावेदन में?
शशांक शेखर त्रिपाठी ने अपने अभ्यावेदन में लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करने वाले संभावित संगठित डिजिटल अभियान को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने Cognitive Warfare, Information Warfare, विदेशी संपर्क एवं फंडिंग, डिजिटल नेटवर्क्स और Coordinated Influence Operations की तथ्याधारित और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
साथ ही उन्होंने इस गंभीर विषय पर एक सर्वदलीय और बहुविषयक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का सुझाव भी दिया था।
राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा प्रकरण को गृह मंत्रालय के स्तर पर भेजा जाना इस मामले में सक्षम स्तर पर जांच और आवश्यक कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


