बिना स्टार, बिना प्रचार के आई 'हनुमान अंश' ने किया चमत्कार, 15वें दिन कमाए 13 करोड़

बिना स्टार के बनी 'हनुमान अंश' ब्लॉकबस्टर बनी। 2 करोड़ की फिल्म ने 15वें दिन 13 करोड़ कमाए। जानें नीम करौली बाबा पर बनी फिल्म की पूरी कहानी।

बिना स्टार, बिना प्रचार के आई 'हनुमान अंश' ने किया चमत्कार, 15वें दिन कमाए 13 करोड़

INDIA NEWS REPORT

 वाराणसी। बॉलीवुड में जहाँ 100 करोड़ की मार्केटिंग के बाद भी फिल्में पिट रही हैं, वहीं एक 2 करोड़ की फिल्म ने बिना किसी चेहरे और शोर के बॉक्स ऑफिस का गणित बदल दिया है। नाम है - *'हनुमान अंश'*।

फिल्म 7 अगस्त 2026 को रिलीज हुई थी। लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी। रिलीज से पहले कोई ट्रेलर ट्रेंड नहीं, कोई प्रमोशन इवेंट नहीं। प्रचार के नाम पर टीम ने सिर्फ कैंची धाम, वृंदावन, अयोध्या में लंगर-भंडारे लगाए और हाथ जोड़कर एक ही अपील की - "एक बार देख आइए, सेवा समझ कर।"

पहले 14 दिन तक फिल्म लगभग खाली हॉल में चली। कुल कलेक्शन 1.48 से 3 करोड़ के बीच। कई जगह शो कैंसिल हो गए।

और फिर 15वें दिन चमत्कार हुआ।

वर्ड ऑफ माउथ और भक्तों की मानें तो 'बाबा का चमत्कार'। परिवार के परिवार, बच्चे, बुजुर्ग थिएटर की तरफ उमड़ पड़े। सिंगल डे में फिल्म ने 13 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर डाला। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक 23 दिन में फिल्म भारत में 27 से 61 करोड़ तक कमा कर ब्लॉकबस्टर बन चुकी है। IMDb पर रेटिंग 9.2 है।

फिल्म है क्या?

'हनुमान अंश' नीम करौली बाबा के जीवन पर बन रही आध्यात्मिक ट्रायोलॉजी का पहला भाग है। ये विशाल चतुर्वेदी की किताब 'डिवाइन डेटूर' से प्रेरित है। कहानी एक टूटे हुए लड़के की है जो अपनी दिवंगत माँ से मिलने के लिए भगवान को खोजता है, और अंत में सेवा, प्रेम और मौन आशीर्वाद के रास्ते पर चलकर खुद 'बाबा' बन जाता है। फिल्म के सभी गीत ब्रज, अवधी और बुंदेली में हैं, जो इसे और जमीन से जोड़ते हैं।

कलाकार:

बाबा के किरदार में FTII ग्रेजुएट शोभिनव सत्या (उनकी डेब्यू फिल्म), उनके 13 साल के बचपन के रोल में 8वीं के छात्र विहान शेडगे, साथ में चंदन आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रस्तोगी और गुलशन पांडे।

कौन हैं नीम करौली बाबा?

भक्त उन्हें हनुमान जी का अंश मानते हैं। उन्होंने 1964 में नैनीताल में कैंची धाम की स्थापना की और 1973 में वृंदावन में महासमाधि ली।

कैंची धाम से Silicon Valley तक कनेक्शन:

1974 में स्टीव जॉब्स बाबा से मिलने भारत आए और 7 महीने आश्रम में रहे। बाद में 2008 में संकट के दौर में जॉब्स ने ही मार्क जुकरबर्ग को कैंची धाम भेजा था। Google.org के फाउंडिंग डायरेक्टर लैरी ब्रिलिएंट, विराट कोहली-अनुष्का शर्मा, जूलिया रॉबर्ट्स तक बाबा के अनुयायी रहे हैं।

फिल्म की टीम का कहना है, "ये सिर्फ फिल्म नहीं, सेवा है।"

ऐसे दौर में जब पर्दे पर गोला-बारूद और हिंसा परोसी जा रही है, जनता ने 'हनुमान अंश' को चुनकर बता दिया है कि दिल आज भी शांति ही खोजता है।