दिल्ली कानून-व्यवस्था मामले में वाराणसी के अधिवक्ता की शिकायत पर बड़ा एक्शन, मामला दिल्ली पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा

भाजपा विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी ने गृह मंत्री को लिखा था पत्र, CM ऑफिस से होते हुए CP दिल्ली को फॉरवर्ड हुआ मामला -कुलदीप बरनवाल

दिल्ली कानून-व्यवस्था मामले में वाराणसी के अधिवक्ता की शिकायत पर बड़ा एक्शन, मामला दिल्ली पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा
Varanasi advocate Shashank Shekhar Tripathi complaint reaches Delhi Police Commissioner CP Delhi from Home Ministry via CM Office

INDIA NEWS REPORT

कुलदीप बरनवाल

वाराणसी, 07 सितंबर 2026। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को हुई गंभीर कानून-व्यवस्था की घटना को लेकर वाराणसी के अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी की शिकायत पर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई हुई है।

भाजपा विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र के संयोजक अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने इस घटना को लेकर 05 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच की मांग की थी। पत्र की कॉपी दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी भेजी गई थी।

अपने पत्र में शशांक शेखर त्रिपाठी एडवोकेट ने दिल्ली पुलिस की पूर्व तैयारी, इंटेलिजेंस असेसमेंट, क्राउड कंट्रोल, डिप्लॉयमेंट प्लान और कमांड लेवल की जवाबदेही की विस्तृत समीक्षा की मांग की थी। साथ ही CCTV, बॉडी कैमरा फुटेज, वायरलेस लॉग और डिप्लॉयमेंट रिकॉर्ड की जांच का अनुरोध किया था।

CM ऑफिस से CP तक पहुंचा मामला

इस पत्र पर त्वरित कार्रवाई हुई। 05 सितंबर को ही मुख्यमंत्री कार्यालय, दिल्ली के आधिकारिक ईमेल से प्रकरण को संबंधित मंत्री श्री आशीष सूद के कार्यालय को कार्रवाई के लिए भेजा गया।

इसके बाद मामला Deputy Secretary, LGS तक पहुंचा और आज 07 सितंबर 2026 को दोपहर 12:06 बजे Deputy Secretary, LGS के आधिकारिक ईमेल से सीधे दिल्ली पुलिस आयुक्त (CP Delhi Police) को भेज दिया गया। इस ईमेल में भी शशांक शेखर त्रिपाठी को CC में रखा गया है।

इस प्रकार कार्रवाई का क्रम रहा: 

केंद्रीय गृह मंत्री → मुख्यमंत्री कार्यालय, दिल्ली → मंत्री कार्यालय → Deputy Secretary, LGS → दिल्ली पुलिस आयुक्त।

शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच कराना है। उन्होंने कहा कि अब उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करेगी।