वाराणसी के एम्बिशन हॉस्पिटल कांड में NHRC की एंट्री, DM-कमिश्नर को नोटिस, डॉक्टर राशिद परवेज़ पर FIR की तलवार
वाराणसी एम्बिशन हॉस्पिटल कांड में NHRC का बड़ा एक्शन। डॉ. राशिद परवेज़ पर शव बंधक और अभद्रता के आरोप, DM और पुलिस कमिश्नर से जवाब तलब, FIR की तलवार।
INDIA NEWS REPORT
वाराणसी कुलदीप बरनवाल
मरीज की मौत के बाद शव बंधक बनाने और पत्रकार बेटी से अश्लीलता का आरोप, तहरीर के बावजूद कैंट पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR, CMO ने बिठाई मेडिकल बोर्ड जांच
वाराणसी ब्यूरो - वाराणसी के चर्चित एम्बिशन हॉस्पिटल (Ambition Hospital) प्रकरण में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बड़ा एक्शन लिया है। मृतका बानो बेगम की पत्रकार पुत्री की शिकायत पर NHRC ने वाराणसी के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) से पूरे मामले में विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद संचालक डॉ. राशिद परवेज़ पर कानूनी शिकंजा कसता दिख रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मामला 29 अगस्त का है। रामनगर निवासी बानो बेगम को इलाज के लिए अर्दली बाजार स्थित एम्बिशन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉ. राशिद परवेज़ की घोर लापरवाही और गलत इलाज से उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने मानवता की सारी हदें पार करते हुए 55 हजार रुपये के बकाया बिल के नाम पर लगभग 6 घंटे से अधिक समय तक शव को बंधक बनाए रखा और शव देने से इनकार कर दिया।
पत्रकार बेटी से अभद्रता का आरोप, चौकी पुलिस पर सवाल
पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो डॉ. राशिद परवेज़ ने उनके साथ अश्लील अभद्रता और गाली-गलौज की। सूचना पर मौके पर पहुंचे अन्य पत्रकारों पर दबाव बनाने के लिए बाहुबली मुख्तार अंसारी के गुर्गों और अर्दली बाजार चौकी पुलिस का सहारा लिया गया।
सबसे बड़ा सवाल कैंट पुलिस की भूमिका पर है। पीड़िता द्वारा मौके पर ही चौकी इंचार्ज को लिखित तहरीर देने के बावजूद आज तक FIR दर्ज नहीं की गई है। इससे स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
CMO ने बैठाई जांच, NHRC ने लिया संज्ञान
मामला तूल पकड़ने पर मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) वाराणसी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। 5 सितंबर को बोर्ड के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज किए गए हैं और आरोपी डॉक्टर को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
वहीं अब NHRC के हस्तक्षेप के बाद वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस पर वरिष्ठ अधिकारियों की गाज गिरना तय माना जा रहा है। आयोग ने मानवाधिकार उल्लंघन और पुलिस की शिथिलता को गंभीर मानते हुए DM और कमिश्नर से निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।


