मानवीय संवेदनाओं से भरे लोग आज भी जिंदा हैं
सांस्कृतिक नगरी प्रयागराज में लोगों ने दिया अपने जिंदा होने का सबूत, आशा है की मदद को बढ़े हाथो से हुआ होगा अंत्येष्टि में सहयोग :वायरल अपडेट
विशेष संवाददाता शिव विशाल की रिपोर्ट
कुछ दिनों से ऐसी घटनाये सामने आ रही है जिसने साबित किया है कि जिंदा शहर में मुर्दों की बस्ती है।
दिल्ली लोगो के सामने हत्या हो जाती है लोग तमाशबीन बनकर नज़ारा दिखते हुये दिखाई देते है।
ऐसे में प्रयागराज से एक वीडियो सामने आया है जिसने ये साबित किया है कि मानवीयता अभी भी जिंदा है ।
प्रयागराज झूंसी में बांस में लटका कर महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए के लिये जा रहे पिता और पति के मदद के लिए जुटे राहगीर।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बनारस के रहने वाले ये लोग मुसिहारा समाज के है।
झूंसी में नीबी गांव में रहकर पत्तल बेचकर जीवन यापन करते है। महिला के पति नखड़ू ने बताया कि पत्नी कई दिनों से बीमार थी जिसकी मृत्यु आज हो गई थी। पैसा की व्यवस्था नही होने मजबूरी में बांस में बांध कर दारागंज पुल के नीचे बसे रिश्तेदारों के पास ले जाकर अंतिम संस्कार करना चाहते थे। मृतका अनीता 26 वर्ष के पिता मैनेजर ने बताया कि पैसा नही होने के कारण मजबूरी में पैदल बांस में बांधकर ले जाना पड़ रहा था।
दर्जनों लोगों की भीड़ जुट गई थी। आस पास खड़े अन्य लोगों ने रुपयो की मदद कर हांथ आगे बढ़ाया।
प्रयागराज पुलिस ने भी मदद की ।


