उत्तर प्रदेश :भदोही में करोड़ो के काले कोडीन सिरप पर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक करोड़ो के खेल का पर्दाफाश
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में पुलिस ने 3.57 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 2.44 लाख से अधिक कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने फर्जी फर्म बनाकर नशीली दवाओं की हेराफेरी करने वाले वाराणसी के मुख्य तस्कर विजय गुप्ता को चौरी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है:जयचन्द
INDIA NEWS REPORT
जयचन्द
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी स्ट्राइक की है. पुलिस ने करोड़ों रुपये के कोडीन कफ सिरप घोटाले का खुलासा करते हुए वाराणसी के एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है।
यह पूरा खेल फर्जी बिलों और कागजी हेराफेरी के जरिए खेला जा रहा था, जिसमें माल को मेडिकल स्टोर भेजने के बजाय सीधे तस्करी कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में नशीली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में पुलिस ने वाराणसी के रहने वाले विजय गुप्ता को चौरी थाना क्षेत्र के मानिकपुर तिराहे से गिरफ्तार किया. जांच में पता चला कि यह आरोपी एक बड़े अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का हिस्सा है।
औषधि निरीक्षक की रिपोर्ट में हुए चौकाने वाले खुलासे
इस पूरे घोटाले की जड़ें औषधि निरीक्षक, आजमगढ़ की उस रिपोर्ट में हैं, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए थे. जांच में पाया गया कि आजमगढ़ की मेसर्स शिव शक्ति इण्टरप्राईजेज और मेसर्स माँ शारदा फार्मा ने कुल 1,86,000 बोतल फेन्सेडील कफ सिरप की सप्लाई भदोही के नई बाजार स्थित दिलीप मेडिकल स्टोर को दिखाई थी।
इसके अलावा, मेसर्स राजेन्द्र एण्ड संस की प्रोपराईटर अंशिका गुप्ता ने भी एक आपराधिक साजिश के तहत भारी मात्रा में कोडीन युक्त औषधियों का विक्रय दिलीप कुमार उमर की दो फर्मों—मेसर्स दिलीप मेडिकल स्टोर और मेसर्स आयुष इण्टरप्राईजेज को दिखाया था जो कि शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नई बाजार में है।
करोड़ों का माल डंप नहीं, सीधे डाइवर्ट कर बेचा पुलिस के मुताबिक, यह माल भदोही की इन दुकानों से बाईपास किया गया और कुछ तो यहां ऊंचे दामों में बेचे भी गये हैं. आरोपी विजय गुप्ता ने फर्जी विक्रय बीजकों (Invoices) और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से कागजों पर तो क्रय-विक्रय दिखाया, लेकिन भौतिक रूप से भारी मात्रा इसे डायवर्ट कर तस्करी के जरिए खुले बाजार में नशे के लिए बेच दिया।
इस पूरी प्रक्रिया में ₹3,57,43,147 मूल्य की कुल 2,44,000 बोतलें खपा दी गईं. दिलीप कुमार उमर ने भी इन नशीली दवाओं के स्टॉक का कोई सत्यापन नहीं कराया, जो उनकी संलिप्तता की ओर सीधे इशारा करता है।
अपराध का लंबा इतिहास, कई जिलों तक जांच की आंच
गिरफ्तार अभियुक्त विजय गुप्ता का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है. वह सोनभद्र के राबर्ट्सगंज थाने में भी एनडीपीएस और बीएनएस की गंभीर धाराओं में वांछित रहा है. कोडीन कफ़ सिरप के अवैध कारोबार के जांच का दायरा बढ़ा तो राजधानी लखनऊ तक इसके तार जुड़ने की बात सामने आई. वाराणसी के गोला दीनानाथ में भी इस रैकेट का नाम आया तो इसकी जांच शुरू हुई और इसी वजह से अब जगह-जगह एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारियां की जा रही है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दबिश
एएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य आरोपियों और फर्मों के मालिकों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।


