उत्तर प्रदेश-झांसी आईजी आकाश कुलहरी के सख्त तेवर: मऊरानीपुर में मिशन शक्ति प्रभारी, दो आरक्षी व अकाउंटेंट निलंबित
आईजी आकाश कुलहरि ने मऊरानीपुर निरीक्षण में लापरवाही पर मिशन शक्ति प्रभारी, दो महिला आरक्षी व अकाउंटेंट को निलंबित किया, सीओ को चेतावनी दी। डेस्क
INDIA NEWS REPORT
UTTAR PRADESH-DESK
उत्तर प्रदेश -झांसी पुलिस महानिरीक्षक आकाश कुलहरि ने वार्षिक निरीक्षण में अपने तेवर तेज कर दिए हैं। मऊरानीपुर थाना में मिशन शक्ति प्रभारी, दो आरक्षी व एसएसपी कार्यालय के अकाउटेंट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही सीओ मऊरानीपुर को अपने कार्यों में सुधार लाने की चेतावनी दी है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया है। थाने में बैठकर टाइम पास मत करो
आईजी ने मऊरानीपुर थाना की शिवगंज चौकी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सबसे पहले उन्होंने महिला संबंधी अपराधों का देखा। तभी उनकी नजर रजिस्टर में दर्ज एक बलात्कार के मामले पर गई। इस पर उन्होंने वहां मौजूद चौकी प्रभारी, महिला आरक्षियों से उक्त मामले में जानकारी ली मगर संतुष्ट जवाब नहीं दे सकी। आईजी ने कहा पूरी तरह से मजाक बना लिया। टाइम पास ना करो, रेप के केस को कौन देख रहा है। महिला संबंधी अपराध का पर्यवेक्षण कौन देख रहा है। महिला मिलने आती है कि उसको न्याय दिलाना पुलिस का कर्तव्य होता है। पीड़िता को मुआवजा भी नहीं मिला है। यह देख आईजी आग बबूला हो गए और तत्काल प्रभाव से मिशन शक्ति प्रभारी उप निरीक्षक श्रीमती मंजू देवी, महिला आरक्षी जसना चौधरी, रीता बिंद को निलंबित करने का आदेश दिया है।
अब पांच किलोमीटर इनके पास जाओगे
निरीक्षण के दौरान आईजी ने जनसुनवाई के दौरान पीड़ित से वार्तालाप की। वार्तालाप के दौरान पीड़ित ने बताया कि साहब, उसे न्याय नहीं मिला है, वह चार बार थाने पर भी गया मगर वह न्याय के लिए भटक रहा है। यह बात सुनते ही आईजी आग बबूला हो गए। उन्होंने फोन लगाकर ककरबई थानेदार से वार्ता की और कहा कि मैं निलंबित करता हूं, अभी तक पीड़ित को न्याय क्यों नहीं मिला है। कुछ देर बाद थानेदार से पूछा कि ग्राम सिया थाना से कितना दूर है, साहब पांच किलोमीटर। इस पर आईजी ने कहा कि अब तुमको ही पांच किलोमीटर जाना पड़ेगा। उस पीड़ित की समस्या का निदान करना होगा। इसका जवाब परसो तक मिलना चाहिए। इसके बाद आईजी ने फोन रख दिया।
साइबर अपराधों के लिए गांवों में लगाई जाए चौपाल
साइबर क्राइम की घटनाएं रोकने के लिए साइबर जागरूकता अभियान चलाकर - सिम कार्ड के माध्यम से होने वाले फ्रॉड, एटीएम कार्ड बदलकर होने वाले फ्राड, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड के माध्यम से होने वाले फ्राड, बायोमैट्रिक फ्राड, यूपीआई संबंधी फ्राड, फोन कॉल के माध्यम से होने वाले फ्राड की जानकारी, पालिसी, चिट फंड लाटरी का लालच देकर होने वाले फ्राड, ओएलएक्स के माध्यम से सामान खरीदने व बेचने से संबंधित फ्राड आदि साइबर अपराधों के प्रति स्कूल/कॉलेज/गाँव में चौपाल लगाकर प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिये गये।


