Digital Loan देने वाले फर्जी ऐप्स के खिलाफ बढ़ी शिकायतें, इनके शिकंजे से बचना है तो समझ लें सभी बातें

वित्त वर्ष 2023 में अवैध डिजिटल लोन देने वाले ऐप्स के खिलाफ शिकायतों की संख्या दोगुनी से अधिक 1062 हो गई। वित्त मंत्रालय ने मानसून सीजन के दौरान संसद को ये बताया। केंद्र सरकार और RBI ने हाल के वर्षों में अवैध डिजिटल लोन देने वाले ऐप्स पर कार्रवाई की है लेकिन इसके बाद भी शिकायतों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। पढ़िए क्या है पूरी खबर।

Digital Loan देने वाले फर्जी ऐप्स के खिलाफ बढ़ी शिकायतें, इनके शिकंजे से बचना है तो समझ लें सभी बातें

संसद के मानसून सत्र में वित्त मंत्रालय ने लोक सभा को बताया कि अवैध डिजिटल लोन देने वाले ऐप्स के खिलाफ शिकायतों की संख्या वित्त वर्ष 23 में दोगुनी से अधिक होकर 1,062 हो गई है।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पिछले कुछ साल से अवैध डिजिटल लोन देने वाले ऐप्स पर नकेल कस रही है लेकिन इसके बावजूद शिकायतों की संख्या दोगुनी से अधिक बढ़ी है। नवंबर 2021 तक के उपलब्ध डेटा के मुताबिक शिकायतों की संख्या 263 थी।

क्या कहते हैं आंकड़े?

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के नवीनतम उपलब्ध डेटा के अनुसार, साइबर धोखाधड़ी के मामलों की कुल संख्या, जिसमें ऑनलाइन ऐप्स के माध्यम से की गई धोखाधड़ी भी शामिल है, 2021 में 14,007 थी।

इसके अलावा ऐसी वित्तीय धोखाधड़ी की एक बड़ी संख्या कभी भी पुलिस या आरबीआई के पास पंजीकृत नहीं होती है।

आरबीआई ने शुरू किया है ‘सचेत’ पोर्टल

ऑनलाइन लोन ऐप्स/डिजिटल लोन के संबंध में विनियमित संस्थाओं (आरई) के खिलाफ शिकायतें आरबीआई-एकीकृत लोकपाल योजना, 2021 के अनुसार आरबीआई के पास दर्ज की जा रही हैं।

इसके अलावा, राज्य स्तरीय समन्वय समिति के तहत डिजिटल लोन के संबंध में जनता द्वारा शिकायतें दर्ज करने की व्यवस्था को लेकर 'सचेत' नाम से एक पोर्टल भी स्थापित किया गया है।

कई डिजिटल लोन देने वाले ऐप अवैध

आपको बता दें कि कई डिजिटल लोन देने वाले ऐप अवैध रूप से काम कर रहे है और आरई के साथ किसी भी व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं जिसके कारण आरई के खिलाफ आरबीआई के पास दर्ज शिकायतों का हिस्सा नहीं हैं।

इनमें से कुछ लोन ऐप्स द्वारा लगातार उत्पीड़न के बाद ग्राहकों द्वारा आत्महत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं।

सरकार और नियामक विभिन्न उपायों के माध्यम से ऐसे डिजिटल लोन देने वाले ऐप्स पर नकेल कसते हुए ऐसे लोन ऐप्स को Google और Apple स्टोर से प्रतिबंध से इन ऐप स्टोर से हटाने को कहा है।

लेनदार को धमकी देने का भी दर्ज है मामला

RBI ने Google और Apple से 31 मई, 2023 से डिजिटल लोन देने वाले ऐप्स को ग्राहकों की तस्वीरों के साथ-साथ व्यक्तिगत लोन के संपर्कों तक पहुंचने से रोकने के लिए कहा है।

यह कदम कुछ लोन देने वाले ऐप्स द्वारा ग्राहकों को धमकी देने और उनके कॉन्टैक्ट को कॉल करके शर्मिंदा करने के बाद आया है।

आरबीआई से लेना होता है लाइसेंस

नियमों के मुताबिक ऐप्स को पंजीकृत लोन प्रदाता के रूप में कार्य करने के लिए RBI से ऐप के लाइसेंस जैसे सहायक साक्ष्य प्रदान करने की आवश्यकता होती है।

यदि ऐप केवल एक वितरक है, तो उसे बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) जैसे लोन देने वाले भागीदारों के नामों का भी खुलासा करना होगा।