रामदास अठावले के बयान से बिहार में गरमाई सियासत, नीतीश को NDA में आने के ऑफर पर बिफरे BJP विधायक; JDU हमलावर

बिहार की सियासत में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने अपने बयान से हलचल पैदा कर दी है। उनके बयान पर भाजपा के दो विधायकों ने निशाना साधा है। वहीं दूसरी ओर जदयू प्रवक्ता ने भी नीतीश की तारीफ पर अठावले को सलाह दे डाली है। अठावले ने कहा है कि 20 साल पहले के और वर्तमान बिहार में अंतर देखने को मिल रहा है।

रामदास अठावले के बयान से बिहार में गरमाई सियासत, नीतीश को NDA में आने के ऑफर पर बिफरे BJP विधायक; JDU हमलावर
रामदास अठावले के बयान से बिहार में गरमाई सियासत, नीतीश को ऑफर पर बिफरे BJP विधायक; JDU हमलावर

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एनडीए में शामिल होने के ऑफर से प्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है।

भाजपा ने रामदास अठावले के बयान को उनके निजी विचार बताया है। वहीं, इस मामले में अब जदयू ने अठावले को ही आमंत्रण दे डाला है।

दरअसल, महागठबंधन का नाम आईएनडीआईए रखे जाने के बाद से देश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी का दौर जारी है।

इसी क्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने शनिवार को एक बयान देकर सबको चौंका दिया।

नीतीश की तारीफ से भाजपा के विधायक खफा

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को एनडीए में शामिल होने का आमंत्रण दिया था। इसके साथ ही अठावले ने नीतीश के काम की तारीफ भी की थी।

अब अठावले के इसी बयान का भाजपा ने विरोध किया है। बिहार में भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने इसे रामदास अठावले की व्यक्तिगत सोच बताया है। उन्‍होंने कहा कि नीतीश के लिए भाजपा के रास्ते बंद हो चुके हैं।

वहीं, भाजपा विधायक नितिन नवीन ने भी रामदास अठावले पर हमलावर रुख अपनाते हुए उनके बयान को पार्टी लाइन से अलग उनके निजी विचार बताया।

उधर, जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने भी रामदास अठावले के नीतीश को आमंत्रण देने वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी है।

झा ने कहा है कि नीतीश कुमार की राजनीति उनकी अपनी सोच पर होती है। नीतीश कुमार के कामों की रामदास अठावले तारीफ कर रहे हैं। वे खुद एनडीए छोड़कर विपक्षी गठबंधन में शामिल हो जाएं।

मुंबई बैठक का बहिष्कार करें नीतीश, एनडीए में होगा स्वागत: अठावले

बिहार की सियासत में गर्मी बढ़ने के इस क्रम में यह जानना भी जरूरी है कि आखिर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने क्या कहा था?

अठावले ने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के अनुकूल है। एनडीए के साथ रहते हुए उन्होंने अपने शासनकाल में बिहार का काफी विकास किया है।

अठावले ने यह भी कहा कि 20 साल पहले के और वर्तमान बिहार में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। उन्हें मुंबई में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक का बहिष्कार कर एनडीए में शामिल होने पर विचार करना चाहिए। हम लोग उनका स्वागत करेंगे।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नीतीश कुमार को महत्व नहीं देती तो कम सीट आने के बाद भी मुख्यमंत्री क्यों बनाती?

नीतीश कुमार से हम लोगों के अच्छे संबंध: रामदास

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने ये बातें शनिवार को राजकीय अतिथिशाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही थीं।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के साथ हम लोगों के अच्छे संबंध हैं। नीतीश बेंगलुरु की बैठक में शामिल विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम ‘आईएनडीआईए’ देने से खुश नहीं हैं। यह नाम राहुल गांधी का दिया हुआ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास प्रधानमंत्री का कोई चेहरा नहीं है।

जाति आधारित गणना में कोई दोष नहीं

रामदास अठावले ने इस दौरान यह भी कहा कि बिहार में पिछड़े और दलित वर्ग के लोगों के साथ हत्या की घटनाएं बढ़ गई हैं। इस पर राज्य सरकार को विचार करना चाहिए। दलितों के लिए और योजनाएं बनाने की जरूरत है।

राज्य में अंतरजातीय विवाह बहुत कम हैं। इस पर बिहार सरकार एक लाख तो केंद्र सरकार 2.5 लाख रुपये देती है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से जाति आधारित गणना की मांग करती रही है।

पिछड़ों के साथ सामान्य जातियों की भी गणना होनी चाहिए। इस बार होने वाली जनगणना में जाति को शामिल करने की मांग केंद्र सरकार से पार्टी ने की है।

उन्होंने कहा कि रोहिणी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर पिछड़े वर्ग को तीन भागों में बांटकर आरक्षण तय किया जाना चाहिए।