बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में 500 करोड़ भ्रष्टाचार पर एक्शन नहीं, तो 7 दिन बाद प्रॉक्टोरियल ऑफिस के बाहर अनशन- अमिताभ ठाकुर

पिछले दिनों बीएचयू परिसर में घटी शर्मनाक घटना के बारे में तथा सर सुंदरलाल के ट्रामा सेंटर में हुये भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर अमिताभ ठाकुर वाराणसी पहुंचे व प्राक्टोरियल बोर्ड के साथ कि बैठक:वाराणसी से जयचन्द की रिपोर्ट

बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में 500 करोड़ भ्रष्टाचार पर एक्शन नहीं, तो 7 दिन बाद प्रॉक्टोरियल ऑफिस के बाहर अनशन- अमिताभ ठाकुर
बीएचयू प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के साथ वार्ता करते अमिताभ ठाकुर

वाराणसी-जयचन्द

बीएचयू परिसर में छात्र के साथ शर्मनाक घटना व बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में 500 करोड़ के भ्रष्टाचार को लेकर अपने पूर्वघोसित कार्यक्रमानुसार आज़ाद अधिकार सेना अध्यक्ष व पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर पहुंचे महामना की बगिया प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के साथ कि बैठक

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने आज बीएचयू में छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों से मुलाकात की। पिछले दिनों घटी घटनाओं और विश्वविद्यालय प्रशासन पर अवांछनीय विवाद पैदा करने के आरोपों पर उन्होंने अपनी बात रखी।

उन्होंने विश्वविद्यालय को आईआईटी बीएचयू छात्रा की घटना में अपनी ओर से भी पुलिस पर अनवरत दबाव बनाकर गिरफ्तारी सुनिश्चित कराए जाने की मांग रखी।

उन्होंने बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल स्थित ट्रॉमा सेंटर में भष्ट्राचार और अनियमितता के आरोपों को लेकर सवाल उठाया और शिकायतें की।

 अमिताभ ठाकुर ने कहा कि अस्पताल के सामान खरीदने के लिए एक ही आईपी एड्रेस से बार-बार टेंडर किए गए। जेम पोर्टल का पहला नियम है कि न्यूनतम दर में खरीदारी हो। विश्वविद्यालय जेम पोर्टल को इस तरह प्रस्तुत कर रहा है कि वे निरीह और बाध्य है कि उन्हें जो सामान मिला वही खरीदना उनके लिए अनिवार्य था। जेम पोर्टल पर प्रावधान है कि यदि उच्च दर के टेंडर मिले हैं तो उनका निश्चित रूप से मार्केट रेट से मिलान करना चाहिए किंतु इस मामले में ऐसा नहीं किया गया और मार्केट रेट से कई गुना रेट पर सामान खरीदे गए।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का अब तक का काम आरोपी को बचाने और शिकायतकर्ता को जलील करने का दिख रहा है।

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि यदि ट्रॉमा सेंटर पर लगे 500 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अगले 7 दिनों में कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वे प्रॉक्टोरियल ऑफिस के बाहर अनशन पर बैठेंगे।