किसानों के नाम पर उपद्रव करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गालियां दे रहे हैं

किसान आंदोलन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी :खास रिपोर्ट जगदीश शुक्ला

जगदीश शुक्ला- इंडिया न्यूज रिपोर्ट

भूल गए अफगानिस्तान जहां से मोदी जी ने ससम्मान पवित्र गुरु ग्रंथ साहब को भारत लाने की व्यवस्था की थी।

और हजारों सिक्खों अफगानिस्तान से आए सिक्खों को भारत की नागरिकता दी।

70 वर्षों के इतिहास से पहले प्रधानमंत्री है। जिन्होंने सभी सिक्ख गुरुओं का सम्मान किया।

गुरु गोविंद सिंह जी के साहबजादो की शहादत को, वीर बाल दिवस, का नाम दिया है।

और इस दिन सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की। और आज से एहसान फरामोश उन्हें गाली देकर यह अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

पूरे देश को पता है किस देश में कुल फसल कितनी उगती है।

40 लाख करोड़ से ज्यादा की सालाना। जिन 24 फसल पर एमएसपी होती है उसका दाम क्या है। 10 लाख करोड़ से ज्यादा सालाना सरकार इसमें कितना खरीदनी है।

2,5 लाख करोड़ से ज्यादा बाकी कहां बिकता है। ओपन मार्केट में।

इसके अलावा-कर्ज माफी चाहिए कितने की । 24 लाख करोड़ की

अब आप सोचिए की उपाधियों की जो नौटंकी है उसे हिसाब से इतने लाख करोड़ जितना देश का बजट नहीं होता है इतना इन्हें चाहिए।

पहले तो लायेगी कहां से सरकार? दूसरा यदि 10 लाख करोड़ भी को देने को राजी हो जाए तो वह पैसा या तो अन्य काम जैसे रक्षा बजट, सैलरी पेंशन, विकास कार्य रोक कर देना होगा।

या फिर आपके ऊपर जितना टैक्स है उसका तीन गुना कर कर देना होगा क्योंकि हम गरीब 3 लाख करोड़ की इनकम टैक्स देते हैं। इसके अलावा और मांगे जैसा बीमा आदि जो ये मांग रहे हैं उसके पैसे के लिए अन्य आपकी सुविधा छीनी जाएगी और कल को यह कहेंगे कीMsp फला चाहिए तो मानMsp12 ग्राम गोल्ड बराबर 300 किलो गेहूं हो, जैसा टिकट कह रहा है तो इस हिसाब से 1 किलो गेहूं पड़ेगा हमें 240 रुपया का मतलब आता तो मान लो₹300 किलो पर पड़ा करेगा।

तो क्या यह चूइयो जो किसान समर्थक बन रहे हैं यह ₹300 किलो का आटा खरीदने को भी तैयार है। क्यों किसी न सिर्फ आता बल्कि हर चीज फिर इस तरह 10 गुनी महंगी हो जाएगी।

खाने का मतलब जेब से एक्स्ट्रा टैक्स भी दोगे, अपना विकास, सुरक्षा, सैलरी पेंशन भी सरेंडर करोगे और ₹300 किलो के हिसाब से आटा भी खरीदोगे।

जो फिर कैसे खरीदोगे तुम ही जानो!!

इसलिए बोलना आसान होता है कि मेरे अन्नदाता है। मैं समर्थन करता हूं कि क्योंकि तुम्हें मोदी से नफरत है लेकिन प्रैक्टिकलेटी तो मनमोहन भी जानता था इसलिए अपने-अपने समय साफ मना कर दिया था कि कोई एमएसपी गारंटी नहीं दी जाएगी जो है सो है। ऊपर से पंजाब का गेहूं सबसे सदा होता है। खुद पंजाब वाले यूपी,एमपी से धान खरीदते हैं इसलिए इन्हें किसान कानून से दिक्कत थी कि तब एम् एसपी ना बंद हो जाए तो साडा़ धान खरीदेगा कौन जो यह सरकार को बिकवाते हैं। जो फिर ₹2 किलो में मिलता है या दारू आदि बनाने में चला जाता है। इस तरह के ब्लैकमेलर हैं जिनका समर्थन कांग्रेस, आपिये, ली ब्रांड, नक्सली कर रहे हैं। क्योंकि उनके लिए देश बर्बाद हो,शो हो सट्टा मिलनी चाहिए। और इन्होंने पंजाब सरकार या कांग्रेस सरकार से कभी क्यों एम् एसपी नहीं मांगी। सब भाजपा ही देगी क्या इनको?