कानपुर बिकरु कांड से लेकर, फर्रुखाबाद चाइल्ड किडनैपिंग तक, जानें कौन है वाराणसी के नए पुलिस कमिश्नर IPS मोहित अग्रवाल
वाराणसी के तीसरे पुलिस आयुक्त के रूप में गैलेंट्री सम्मान से सम्मानित,मोहित अग्रवाल ने संभाला कार्यभार, मोहित अग्रवाल की निगरानी में कुख्यात विकास दुबे का किला नुमा घर पुलिस ने ढहाने वाले,फर्रुखाबाद अपहरण कांड के बाद आए चर्चा में आये आईपीएस मोहित अग्रवाल:जगदीश शुक्ला
जगदीश शुक्ला
INDIA NEWS REPORT
Varanasi: शासन ने सोमवार को वाराणसी पुलिस आयुक्त एडीजी मुथा अशोक जैन का ट्रांसफर कर दिया है, अब उनकी जगह आईपीएस मोहित अग्रवाल वाराणसी के नए पुलिस कमिश्नर होंगे। अशोक जैन को एडीजी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नत बोर्ड में जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें वाराणसी में नवंबर 2022 में सीपी बनाया गया था। वहीं सीपी अशोक मूथा जैन के तबादले की सूचना मिलने के साथ ही पुलिस महकमे में गहमागहमी शुरू हो गई है।
कौन है? वाराणसी के नए पुलिस कमिश्नर आईपीएस मोहित अग्रवाल
IPS मोहित अग्रवाल वाराणसी के नए पुलिस कमिश्नर का कार्यभार संभाल लिया है।
मोहित अग्रवाल 1997 बैच के आईपीएस ऑफिसर है, जो वर्तमान में एडीजी ATS के पद पर तैनात रहे है। मोहित अग्रवाल की कानपुर रेंज में तैनाती चार जुलाई 2019 को हुई थी। कानपुर में बिकरू कांड के बाद हुए अभियुक्तों के साथ हुई पुलिस की पहली मुठभेड़ में आईजी ने खुद कमान संभाली और दो बदमाशों को ढेर कर दिया।
कानपुर के बिकरू गांव में 2 जुलाई 2020 की रात हुए गोलीकांड को शायद ही कोई भूल पाए। गैंगस्टर विकास दुबे को अरेस्ट करने गई पुलिस टीम पर गोलियों की जोरदार बौछार हुई, इसमें डीएसपी समेत 8 पुलिस कर्मियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। 80 FIR दर्ज हुई थी। मोहित अग्रवाल की निगरानी में कुख्यात विकास दुबे का किला नुमा घर पुलिस ने ढहा दिया था।
इस पूरे प्रकरण में पुलिस पर जब सवाल उठे, तब आइजी ने आगे आकर बचाव किया। नागरिकता संशोधन कानून के दौरान हुए विवाद में भी वह तत्कालीन एडीजी प्रेम प्रकाश के साथ सक्रिय रहे।
फर्रुखाबाद अपहरण कांड के बाद आए चर्चा में
उनके कार्यकाल में दूसरी बड़ी घटना फर्रुखाबाद में हुई जिसके बाद वो काफी चर्चा में आए। जनवरी 2020 में फर्रुखाबाद के काकरथिया गांव में एक सिरफिरे युवक सुभाष बाथम ने अपनी बेटी की जन्मदिन पार्टी के बहाने पत्नी की मदद से गांव के दो दर्जन बच्चों को बंधक बना लिया था। सुभाष ने बच्चों को छोड़ने की एवज में एक करोड़ रुपये की मांग की थी तत्कालीन आईजी कानपुर मोहित अग्रवाल ने बच्चों को छुड़ाने की जिम्मेदारी उठाई। घंटों मशक्कत के बाद मोहित अग्रवाल की टीम ने बहादुरी दिखाते हुए सुभाष बाथम को ढेर कर दिया और सभी 23 बच्चों को सुरक्षित बचा लिया। वहीं सुभाष की पत्नी को गांव वालों ने पीट पीटकर मार डाला था।
दंपती की बेटी की मोहित अग्रवाल अब तक देखभाल कर रहे है।
आपीएस मोहित अग्रवाल के इस पराक्रम के लिए उन्हें गैलेंट्री सम्मान से नवाजा गया था।
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में कमिश्नर के पद पर नियुक्ति के दूसरे दिन कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पत्रकारों से बातचीत किया। उन्होंने अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शासन की मंशा के अनुसार जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखना उनका मूल कर्तव्य है। शांति व्यवस्था में कहीं से भी व्यवधान न होने पाए, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
इसके साथ ही साथ लागू हुए CAA कानून के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि आम जनमानस में कोई भ्रम ना हो और इससे कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न ना हो। इसके लिए पुलिस लगातार मुस्तैद रहेगी। पुलिस की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी के साथ साथ अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी मुकम्मल की जाएंगी।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने अपराधियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी जघन्य अपराध में शामिल अपराधी व हिस्ट्रीशीटर को थाने में जगह नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही किसी अपराधी की आवभगत करते हुए थानेदार नजर आए, तो उन पर कड़ी कार्यवाही होगी
इसके पूर्व सोमवार को वाराणसी के पुलिस कमिश्नर रहे अशोक मुथा जैन का तबादला लखनऊ में पुलिस भर्ती बोर्ड में किया गया था। वाराणसी के नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल मूलतः बरेली के रहने वाले हैं और 1997 बैच के आईपीएस हैं। वाराणसी के तीसरे पुलिस आयुक्त बने मोहित ने इसके पूर्व एडीजी एटीएस रहते हुए कई अंतरराष्ट्रीय गिरोह को नेस्तनाबूद किया।


