शशांक शेखर त्रिपाठी अधिवक्ता व भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र का संयोजक द्वारा इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया को भेजा गया पत्र

पत्र में शशांक ने भारत निर्वाचन आयोग को संज्ञान में दिलाया है कि -वाराणसी के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में एक अफवाह यह फैलाई जा रही है कि लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव जीतने पर NRC लागू कर दिया जाएगा-जगदीश शुक्ला

शशांक शेखर त्रिपाठी अधिवक्ता व भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र का संयोजक द्वारा इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया को भेजा गया पत्र
शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा भारत निर्वाचन आयोग को भेज गया पत्र

INDIA NEWS REPORT

-जगदीश शुक्ला

शशांक शेखर त्रिपाठी अधिवक्ता व भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र का संयोजक द्वारा इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया को भेजा गया पत्र।

पत्र में शशांक ने लिखा है कि-

सेवा में,

सेवा में मुख्य चुनाव आयुक्त, चुनाव आयोग भारत वास्ते, श्रीमान जिलाधिकारी/ जिला निर्वाचन अधिकारी, वाराणसी महोदय,

 निवेदन है कि प्रार्थी शशांक शेखर त्रिपाठी अधिवक्ताहै व भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र का संयोजक है। आपके संज्ञान में यह महत्वपूर्ण तथ्य लाना आवश्यक है कि वाराणसी के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में एक अफवाह यह फैलाई जा रही है कि लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव जीतने पर NRC लागू कर दिया जाएगा, और हर मुस्लिम परिवार से एक व्यक्ति को जेल भेजा जाएगा महोदय यह अत्यंत चिंता जनक स्थिति है और समाज का सामाजिक सौहार्द बिगड़ने वाली और निर्वाचन को प्रभावित करने वाली है इस हेतु आपसे निवेदन है कि इस विषय का संज्ञान लेकर अल्पसंख्यक बाहुल्य इलाकों में अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल ही रोक लगाई जाए और जरिए सार्वजनिक सूचना तंत्र यह संदेश भी प्रसारित कराया जाए की NRC में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिससे कि किसी भारतीय नागरिक को जेल भेजा जाए।

 एक अन्य महत्वपूर्ण विषय यह संज्ञान में आया है कि अल्पसंख्यक समुदाय की माताएं बहनें बेटियां भारतीय जनता पार्टी व सभा से प्रत्याशी माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की नीतियों से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी को वोट करने का मन बना रही हैं, परंतु कुछ कट्टरपंथी विचारधारा के लोग उन माताओँ बहनों बेटियों को जबरदस्ती वोट करने से रोकना चाहते हैं और इस हेतु वह ऐसा भी प्रयास कर सकते हैं की पर्दे की आड़ में वह किसी अन्य महिला को किसी अन्य महिला के स्थान पर वोटिंग करवा सकते हैं, जैसा कि देश में अन्य जगहों के चुनाव में देखने में भी आया आया है इस हेतु निर्वाचन कार्य में लगे निर्वाचन अधिकारीयों के संज्ञान में यह तथ्य होना चाहिए कि महिला मतदान कर्मियों के माध्यम से वोटर आईडी कार्ड अथवा आधार कार्ड पर लगे फोटो से चेहरे का मिलान करके ही मतदान के लिए जाने दिया जाए, और यदि किसी जगह से यह सूचना मिलती है कि अल्पसंख्यक समुदाय की माताओँ,बहनों,बेटियों को वोटिंग करने के लिए उनके परिवार के जन घर से नहीं निकलने दे रहे हैं तो उन माताओँ बहनों बेटियों के भी मत को पोल कराए जाने की व्यवस्था निर्वाचन आयोग से होनी चाहिए।

 महोदय यह अत्यंत आवश्यक व महत्वपूर्ण विषय है इस पर संज्ञान लेकर तत्काल ही उचित विधिक प्रक्रिया अमल में लाई जानी अत्यंत आवश्यक है तभी निष्पक्ष चुनाव संभव हो पाएगा। भवदीय शशांक शेखर त्रिपाठी अधिवक्ता संयोजक भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र 9580 42 6321