ज्ञानवापी मामले की सुनवाई 29 अगस्त तक टली, मस्जिद कमेटी ने प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांग था समय

अनुराग पाण्डेय/नई दिल्ली/ ज्ञानवापी मामले की सुनवाई 29 अगस्त तक टली, मस्जिद कमेटी ने प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांग था समय बनारस में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग के वैज्ञानिक परीक्षण के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने 29 अगस्त तक टाल दी है। मस्जिद कमेटी की ओर से प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए कोर्ट से चार सप्ताह का समय मांगा गया था। जिसे देखते हुए कोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई टाल दी। मंगलवार को यह मामला प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने लगा था। हिन्दू पक्ष के वकील ने सुनवाई स्थगित करने का किया विरोध कोर्ट को बताया गया कि मस्जिद प्रबंधन कमेटी अंजुमन इंतजामिया की ओर से लैटर सर्कुलेट करके प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा गया है, लेकिन हिन्दू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने सुनवाई स्थगित करने का विरोध किया। उन्होंने मुख्य मामले में दलीलें रखते हुए कहा कि एएसआइ ने रिपोर्ट में शिवलिंग को नुकसान पहुंचाए बगैर वैज्ञानिक परीक्षण को संभव बताया था और उसी पर हाई कोर्ट ने वैज्ञानिक जांच का आदेश दिया था। ज्ञानवापी मामले की सुनवाई 29 अगस्त तक टली जैन की दलीलों पर पीठ ने कहा कि मामले में दूसरे पक्ष का प्रति उत्तर आ जाने दीजिए। जैन ने कहा कि रोक लगी है इसलिए दूसरा पक्ष सुनवाई में देरी करना चाहता है, लेकिन कोर्ट ने सुनवाई टालते हुए केस को 29 अगस्त को सुनवाई पर लगाने का आदेश दिया। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वैज्ञानिक परीक्षण का दिया था आदेश इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गत 12 मई को बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ सटी ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग की प्राचीनता का पता लगाने के लिए एएसआई की निगरानी में वैज्ञानिक परीक्षण के आदेश दिये थे। हाई कोर्ट के फैसले को मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने गत 19 मई को मस्जिद कमेटी की विशेष अनुमति याचिका पर हिन्दू पक्ष को नोटिस जारी करते हुए कार्बन डेटिंग और वैज्ञानिक परीक्षण के आदेश को अगले आदेश तक टाल दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था? सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हाई कोर्ट के आदेश के निहितार्थ की बारीकी से जांच की जानी चाहिए इसलिए आदेश का क्रियान्वयन अगली तारीख तक टाला जाता है। मस्जिद कमेटी ने शिवलिंग के वैज्ञानिक परीक्षण के आदेश का विरोध करते हुए याचिका में कहा है कि हाई कोर्ट के आदेश से सुप्रीम कोर्ट का शिवलिंग और उसके आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश का उल्लंघन होता है। साथ ही दलील दी है कि एएसआइ ने 11 मई को हाई कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की थी और हाई कोर्ट ने उन लोगों को रिपोर्ट पर विस्तार से पक्ष रखने का मौका दिये बगैर 12 मई को वैज्ञानिक जांच और कार्बन डेटिंग का आदेश दिया।

ज्ञानवापी मामले की सुनवाई 29 अगस्त तक टली, मस्जिद कमेटी ने प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांग था समय
ज्ञानवापी मामले की सुनवाई 29 अगस्त तक टली, मस्जिद कमेटी ने प्रति उत्तर दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांग था समय