वाराणसी में फिल्मी स्टाइल में गैंग बनाकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाला दरोगा सूर्य प्रकाश पांडेय सस्पेंड,अन्य दो की तलाश में दी जा रही दबिश

वाराणसी में 22 जून को 5 दोस्तो के साथ मिलकर 42 लाख की लूट को दिया था अंजाम दो अन्य साथियों के साथ हुआ था गिरफ्तार, कोर्ट रूम से हँसते हुये बाहर निकला था दरोगा जिसकी खूब चर्चाये रही :जगदीश शुक्ला

वाराणसी में फिल्मी स्टाइल में गैंग बनाकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाला दरोगा सूर्य प्रकाश पांडेय सस्पेंड,अन्य दो की तलाश में दी जा रही दबिश
वाराणसी में फिल्मी स्टाइल में गैंग बनाकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाला दरोगा सूर्य प्रकाश पांडेय सस्पेंड,अन्य दो की तलाश में दी जा रही दबिश
वाराणसी में फिल्मी स्टाइल में गैंग बनाकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाला दरोगा सूर्य प्रकाश पांडेय सस्पेंड,अन्य दो की तलाश में दी जा रही दबिश
वाराणसी में फिल्मी स्टाइल में गैंग बनाकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाला दरोगा सूर्य प्रकाश पांडेय सस्पेंड,अन्य दो की तलाश में दी जा रही दबिश

INDIA NEWS REPORT

JAGDISH SHUKLA

वाराणसी में वर्दी की आड़ में फिल्मी स्टाइल में लुटेरों का गैंग चलाने वाले दरोगा सूर्य प्रकाश पाण्डेय को शासन ने निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ जांच के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है। 42.50 लाख की लूट साबित होने के बाद अब जांच में नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस को पता चला है कि आरोपी ने पंजाब के एक कारोबारी से हाईवे पर 22 लाख रुपये हड़पे थे।

दरोगा के तीन फरार साथियों की तलाश में पुलिस दबिशें दे रही है, हालांकि अब तक तीनों का सुराग नहीं लग सका है। तीनों के घर पर ताला लगा है और उसके परिजन भी फरार हैं। दरोगा को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है,जिसमें जांच के दौरान मिली सूचनाओं पर उससे पूछताछ की जा सके। वहीं दरोगा के परिजन भी मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।

लुटेरे दरोगा की 'क्राइम कुंडली': 44 सीसी कैमरों की फुटेज, 4500 नंबरों की कॉल डिटेल से हुआ खुलासा।

20 लाख के लिए दरोगा ने साथियों के साथ चौक के सराफा व्यवसायी के दो कर्मचारियों से 42.50 लाख रुपये लूटे थे। 20 लाख रुपये दरोगा ने रखे और बाकी साथियों में बांट दिए। नदेसर चौकी इंचार्ज सूर्यप्रकाश पांडेय समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को रामनगर बंदरगाह के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से लूट के 8.05 लाख रुपये, दो पिस्टल और दो कारतूस, लूट में इस्तेमाल बाइक बरामद हुई।

दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। एसओजी टीम ने 4500 नंबरों की कॉल डिटेल और 45 सीसी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद मामले का खुलासा किया।

डीसीपी काशी जोन गौरव वंशवाल और एडीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि आरोपियों की पहचान नदेसर चौकी इंचार्ज सूर्य प्रकाश पांडेय, चोलापुर थाना क्षेत्र के आयर बाजार के अहिरौली के विकास मिश्रा और आयर बाजार निवासी अजय गुप्ता के रूप में हुई है।

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र के शुक्ला मार्केट सलोरी निवासी सूर्य प्रकाश पांडेय की पहली पोस्टिंग बड़ागांव थाने में हुई थी। यही पर विकास मिश्रा और अजय गुप्ता से उसकी मुलाकात हुई थी। विकास पहले चौक के सुड़िया सराफा मंडी में काम करता था। उसे पता था कि मंडी में हवाला का कारोबार होता है। इसकी जानकारी उसने सूर्य प्रकाश पांडेय, अजय गुप्ता समेत अन्य साथियों को दी थी।

सूर्य प्रकाश पांडेय के नदेसर चौकी प्रभारी बनने के बाद विकास मिश्रा, अजय गुप्ता ने रकम लूटने की योजना बनाई।

विकास का सराफा मंडी के बड़े फर्म के कर्मचारियों के साथ उठना बैठना शुरू हो गया। पता लगाया कि हवाला की रकम किस फर्म से सबसे अधिक निकलती है। 22 जून को उसे पता चला कि सराफा व्यवसायी जयपाल के दो कर्मचारी अविनाश और धनंजय 93 लाख नकद लेकर भुल्लनपुर से बस से कोलकाता जा रहे हैं। सूचना पर विकास मिश्रा ने अजय को पिस्टल देकर बस में बिठाया। रात 11 बजे रामनगर थाना क्षेत्र के टेंगरा मोड़ के पास पहुंचते विकास ने बस रुकवाई। वर्दी में सूर्यप्रकाश पांडेय, विकास मिश्रा और एक अन्य व्यक्ति बस में सवार हुए और खुद को सैयदराजा थाने की क्राइम ब्रांच का अफसर बताते हुए अविनाश व धनंजय को बस से नीचे उतार लिया।

बैग से रकम बरामद होने पर दोनों को चेकिंग और गिरफ्तारी की धमकी देकर विना नंबर की चार पहिया कार में बिठाया। एक बैग से 42.50 लाख रुपये लेकर 50 लाख 50 हजार छोड़ दिए। इसके बाद दोनों को गुमराह करने के लिए अविनाश को रामनगर के पास चंदरखा और धनंजय को कटरिया बॉर्डर पर छोड़ा।

कोर्ट से मुस्कुराते हुए बाहर निकला दरोगा कमिश्नरेट पुलिस ने आरोपी दरोगा सूर्यप्रकाश पांडेय को कोर्ट में पेश किया। पेशी के बाद कोर्ट रूम से बाहर निकलने पर मुस्कुराते अधिवक्ताओं से मुलाकात की। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसकी चर्चाएं कचहरी और कमिश्नरेट पुलिस में खूब रहीं।

घटना की रात को ही थोड़ी देर बाद अ‌विनाश ने कारोबारी को फोन किया। कहा- पुलिस ने कैश पकड़ लिया है। एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में और 2 सादे कपड़े में थे। उन्होंने खुद को चंदौली के सैयदराजा थाने की क्राइम टीम का हिस्सा बताया और हमें बस से नीचे उतार लिया। इसके बाद बिना नंबर प्लेट की कार में बैठाया।

हमारे मोबाइल बंद करा दिए। हम दोनों से पूछताछ की। डरा-धमका कर 93 लाख में से 42 लाख रुपए ले लिए और फरार हो गए। हमने उन्हें बताया कि लीगल पैसा है, उन्हें डॉक्यूमेंट्स भी दिखाए। लेकिन उन्होंने एक न सुनी और पैसे लेकर चले गए।

42 लाख की लूट में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया, 3 आरोपी फरार हैं। ज्वेलरी कारोबारी से लूट के 3 आरोपियों से 8 लाख 5 हजार रुपए, 2 पिस्टल 32 बोर, जिंदा कारतूस और बाइक बरामद किया गया था। विकास मिश्रा के पास से लूट के 5 लाख 70 हजार रुपए, एक पिस्टल 32 बोर और कारतूस मिला।

उन लोगों के साथ नीलेश यादव, मुकेश दुबे उर्फ हनी और योगेश पाठक उर्फ सोनू पाठक भी शामिल थे, जो गिरफ्तारी के डर से फरार हैं। डीसीपी गौरव बंशवाल के अनुसार दरोगा के निलंबन के साथ ही फरार आरोपियों की तलाश में बदिश दी जा रही है।