आईपीएस व पूर्व वाराणसी एसएसपी अमित पाठक को सरकार द्वारा मिली क्लीन चिट पूर्व आईपीएस अमिताभठाकुर ने पक्षपात का एक उदाहरण बताया

रेप पीड़िता द्वारा न्याय न मिलने पर आत्महत्या का मामला: जयचन्द

आईपीएस व पूर्व वाराणसी एसएसपी अमित पाठक को  सरकार द्वारा मिली क्लीन चिट पूर्व आईपीएस अमिताभठाकुर ने पक्षपात का एक उदाहरण बताया
आईपीएस व पूर्व वाराणसी एसएसपी अमित पाठक को सरकार द्वारा मिली क्लीन चिट पूर्व आईपीएस अमिताभठाकुर ने पक्षपात का एक उदाहरण बताया

INDIA NEWS REPORT

जयचन्द

पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने आईपीएस अफसर अमित पाठक को शासन द्वारा विभागीय कार्यवाही में क्लीन चिट दिए जाने को मौजूदा सरकार के दो तरफा नीति का एक और उदाहरण बताया है।

एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उन्होंने कहा कि वाराणसी के रेप कांड की कथित पीड़िता की आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों में न सिर्फ उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया बल्कि उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर सात माह तक जेल में भी रखा गया।इसके विपरीत इसी मामले में लगभग समान आरोपों पर आईपीएस अमित पाठक के खिलाफ सिर्फ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई और उसे भी 3 साल बाद साक्ष्य का अभाव बताते हुए समाप्त कर दिया गया।

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि एक ही प्रकरण में लगभग समान आरोपों में बिल्कुल अलग-अलग कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की निष्पक्षता पर गहरे सवाल खड़े करता है।

बसपा सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने अपने एक साथी के साथ आत्मदाह कर लिया था। इससे ऐन पहले उसने फेसबुक लाइव कर कई पुलिस अफसरों पर परेशान करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया था।

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के बाहर रेप पीड़िता और उसके साथी द्वारा आत्मदाह के मामले में जांच समिति लखनऊ में डिप्टी एसपी अमरेश सिंह बघेल से पूछताछ की सब इंस्पेक्टर संजय राय और उसके पुत्र विवेक से भी पूछताछ हुई।

बता दें मंगलवार 24 अगस्त 2021 को पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर (Former IPS Amitabh Thakur) और आईपीएस अमित पाठक (IPS Amit Pathak) से जांच समिति ने पूछताछ की थी। इस जांच समिति में डीजी आरके विश्वकर्मा और एडीजी मीरा रावत शामिल हैं। बता दें बसपा सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने अपने एक साथी के साथ पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के गेट के बाहर आत्मदाह कर लिया था।आत्मदाह से ऐन पहले उन्होंने फेसबुक लाइव करते हुए यूपी के कई पुलिस अफसरों समेत कुछ अन्य लोगों पर परेशान करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया था।बाद में दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई। दरअसल बलिया की रहने वाली पीड़िता वाराणसी के एक कॉलेज की छात्रा थी. उसने फेसबुक लाइव में वाराणसी के तत्कालीन एसएसपी रहे अमित पाठक, तत्कालीन सीओ भेलुपुर अमरेश सिंह बघेल, दरोगा संजय राय समेत अन्य पर सांसद को बचाने और उसे परेशान करने का आरोप लगाया था।

जानें अब तक कब, क्या हुआ...

1 मई 2019 - बलिया जिले की मूल निवासिनी और वाराणसी के यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा ने लंका थाने में अतुल राय के खिलाफ दुराचार और अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया।

22 जून 2019 - बसपा सांसद अतुल राय ने वाराणसी की अदालत में सरेंडर किया, जेल भेजा गया।

16 अगस्त 2021 - सुप्रीम कोर्ट के सामने पीड़िता और गवाह सत्यम प्रकाश राय फेसबुक पर लाइव हुए और आत्मदाह किया।

16 अगस्त 2021 - वाराणसी के पूर्व एसएसपी और गाजियाबाद के पुलिस कप्तान के पद पर तैनात रहे आईपीएस अमित पाठक को डीजीपी ऑफिस से अटैच किया गया।

17 अगस्त 2021 - इंस्पेक्टर कैंट राकेश कुमार सिंह और दरोगा गिरिजा शंकर यादव को वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ने निलंबित किया। 21 अगस्त 2021 - इलाज के दौरान गवाह सत्यम प्रकाश राय की मौत हो गई।

24 अगस्त 2021 - पीड़िता ने भी दम तोड़ दिया।

27 अगस्त 2021 - पूर्व आइपीएस अमिताभ ठाकुर को सांसद अतुल राय से मिलीभगत और दुराचार पीड़िता व उसके गवाह को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में लखनऊ से गिरफ्तार किया गया।

30 सितंबर 2021 - वाराणसी के एसपी सिटी रहे एडिशनल एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी को प्रदेश सरकार ने निलंबित किया।

30 सितंबर 2021 - निलंबित डिप्टी एसपी अमरेश सिंह बघेल को सांसद अतुल राय से मिलीभगत और दुराचार पीड़िता व उसके गवाह को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में वाराणसी से जेल भेजा गया।