निजिकरण के विरोध का 320वां दिन: ऊर्जा मंत्री बनारस में लटके तारो,खुले ट्रांसफार्मर की सुरक्षा देखते है लेकिन बिजलीकर्मियों पर कार्यवाही का डर दिखाकर मनोबल गिराने पर लगे है!!
विधुतकर्मियो का निजीकरण के विरुद्ध 320वें दिन जारी रहा आन्दोलन:जयचन्द की रिपोर्ट
INDIA NEWS REPORT
जयचन्द
बनारस के बिजलिकर्मियो ने आज 320वें दिन भी बिजली के निजीकरण का जमकर विरोध करते हुये कहा कि ऊर्जा मंत्री जी बनारस में खुले ट्रांसफार्मर और लटके तारों से जनमानस की सुरक्षा चाहते है किंतु ऊर्जा विभाग लगातर ऊर्जा मंत्री जी की नाराजगी के वावजूद संविदाकर्मियों को हटाने एवं निर्दोष बिजलिकर्मियो पर कार्यवाही का डर दिखाकर मनोबल गिराने में लगा है जिसका संघर्ष समिति कड़ी निंदा करता है।
बनारस के बिजलिकर्मियो ने मेरठ में पूरी तरह से विफल होने के वावजूद लखनऊ और कानपुर जैसे महानगरों में वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग व्यवस्था का प्रबल विरोध किया।
वाराणासी-13अक्टूबर: विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले बनारस के बिजलिकर्मियो ने आज 320वें दिन भी बिजली के निजीकरण का जमकर विरोध करते हुये कहा कि ऊर्जा मंत्री जी बनारस में खुले ट्रांसफार्मर और लटके तारों से जनमानस की सुरक्षा चाहते है किंतु ऊर्जा विभाग लगातर ऊर्जा मंत्री जी की नाराजगी के वावजूद संविदाकर्मियों को हटाने एवं निर्दोष बिजलिकर्मियो पर कार्यवाही का डर दिखाकर मनोबल गिराने में लगा है जिसका संघर्ष समिति कड़ी निंदा करता है ।
वक्ताओ ने कहा कि माननीय ऊर्जा मंत्री श्री ए0के0 शर्मा जी ने वाराणासी के बिजली व्यवस्था को लेकर बैठक करते हुये स्पष्ट निर्देश दिए कि ऊर्जा विभाग और नगर विकास विभाग की एक संयुक्त टीम बनाई जाए, जो शहर में विद्युत सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं का समग्र सर्वेक्षण करे। उन्होंने कहा कि “एक बार में संपूर्ण सुरक्षा और सुधार अभियान चलाते हुए वन टाइम सर्विस ड्राइव” चलाया जाए। इस ड्राइव के तहत खुले ट्रांसफार्मर, झूलते तार, टूटी-फूटी केबल और पुराने विद्युत पोल की पहचान कर उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से ठीक किया जाए और कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य जनसुविधा और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।
बैठक में ऊर्जा मंत्री ने वाराणसी एवं आस पास के जनपदों में चल रही विद्युत आधुनिकीकरण परियोजनाओं, जैसे भूमिगत केबलिंग और सबस्टेशन उन्नयन कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएं जिसके लिये जरूरी है कि मार्च 2023 में मनमाने तरीके से संविदाकर्मियों को निकालकर बिजली व्यवस्था बेपटरी करने का कुछ लोगो ने प्रयास किया उनको बक्सा नही जाएगा और ये भी निर्देश दिया था तत्काल निकाले गए संविदाकर्मियों को काम पर वापस रखा जाए किन्तु ऊर्जा मंत्री जी के निर्देश के वावजूद अधिकारी अभी भी संविदाकर्मियों को काम पर नही रख रहे है जिसकी मांग संघर्ष समिति लगातार कर रहा है ।
वक्ताओ ने बताया कि ऊर्जा मंत्री जी विभाग के बेहतरी के लिए जो प्रयास लगातार कर रहे है उनको जमीन पर उतारने के लिये और प्रदेश के 3करोड़ 50 हजार उपभोक्ताओं को बेहतर विधुत आपूर्ति प्रदान करने हेतु कम से कम 2 लाख योग्य कर्मचारियों की जरूरत है किंतु वर्तमान ऊर्जा प्रबन्धन योग्य कर्मचारियों पर वेवजह के आरोप लगाकर उनको नौकरी से निकालने के अलावा आये दिन निलंबन और अन्य प्रकार की कार्यवाही कर डर का माहौल बना दिया है जिसके कारण बनारस सहित अन्य जिलों में अधिशासी अभियंता से अधीक्षण अभियंता का काम से लेकर 2-3विधुत उपकेंद्रों को एक अवर अभियंता से दिखवाया जा रहा है ।
वक्ताओ ने बताया कि ऊर्जा प्रबन्धन की इन्ही गलत नीतियों के कारण इस वर्ष गर्मी में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी रही किन्तु कोई अधिकारी अपने फिजूल के अहंकार के कारण इस बात को स्वीकार नही करना चाहता है।
बनारस के बिजलिकर्मियो ने लखनऊ में लागू की जा रही वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग की फ्लॉप व्यवस्था का प्रबल विरोध करते कहा कि आज संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने इस संबंध में विधानसभा की प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष और मेरठ के माननीय विधायक श्री अमित अग्रवाल जी से फोन पर बात की। श्री अमित अग्रवाल ने कहा कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के बाद मेरठ की बिजली व्यवस्था पहले से खराब हो गई है। श्री अमित अग्रवाल ने बताया कि 12 सितंबर 2025 को हुई प्राक्कलन समिति की बैठक में भी प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष के पद से उन्होंने वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग का प्रबल विरोध किया था। श्री अमित अग्रवाल ने कहा कि विद्युत वितरण की वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग आम उपभोक्ताओं के हित में नहीं है अतः इसे वापस लिया जाय उसके बाद भी लखनऊ और कानपुर जैसे सेंसटिव महानगर में इसको लागू करना बिजलिकर्मियो के शोषण के अलावा कुछ भी नही है।
सभा को सर्वश्री ई0 मायाशंकर तिवारी,ई0एस0के0सिंह,अंकुर पाण्डेय,धर्मेन्द्र यादव,सरोज भूषण,प्रवीण सिंह,अरविंद कौशनन्दन, अरुण कुमार, रमेश कुमार, अलका कुमारी,पूजा कुमारी,नेहा कुमारी ,पंकज यादव,बृजेश यादव,रमेश यादव, मनोज यादव,ब्रिज सोनकर आदि ने संबोधित किया।


