निजीकरण का विरोध अनवरत 387वें दिन जारी, बनारस के बिजलकर्मियो ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और निजीकरण को ऊर्जा प्रबन्धन की असफलता बताया

संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरुद्ध आंदोलन के आज 387वें दिन भी बनारस के बिजलकर्मियो ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और निजीकरण को ऊर्जा प्रबन्धन की असफलता बताते हुए बिजलकर्मियो ने कहा कि ऊर्जा निगम में सुधार के अपर संभावनाएं है किन्तु ऊर्जा प्रबन्धन नही चाहती सुधार :जयचन्द की रिपोर्ट

निजीकरण का विरोध अनवरत 387वें दिन जारी, बनारस के बिजलकर्मियो ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और निजीकरण को ऊर्जा प्रबन्धन की असफलता बताया
निजीकरण का विरोध

INDIA NEWS REPORT

जयचन्द

 पॉवर कॉरपोरेशन प्रबन्धन के दमनकारी रवैए से ऊर्जा निगमों में आपातकाल जैसा माहौल : मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील : निजीकरण के विरोध में समस्त जनपदों में प्रदर्शन जारी

 वाराणासी-19दिसम्बर2025 विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0के बैनर तले निजीकरण के विरोध में लगातार चल रहे आंदोलन के 387 वें दिन बनारस के बिजली कर्मियों ने अन्य जनपदो भांति ही जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

वक्ताओ ने कहा कि बिजली विभाग के निजीकरण का प्रयास ये साबित करता है कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारी की बनायी गयी नीतियां सुधार की नही बल्कि घाटे बढ़ाने वाली है ऊर्जा प्रबन्धन की असफलता बताते हुए बिजलकर्मियो ने कहा कि ऊर्जा निगम में सुधार के अपार संभावनाएं है जैसा कि केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक जी द्वारा संसद में कहा गया कि सभी डिस्कॉम में काफी सुधार हुआ है और उ0प्र0 में अकेले 10प्रतिशत की हानिया कम हुई है जो अब केंद्रीय मानक से मात्र 4प्रतिशत ज्यादा है जो यदि कर्मचारियों की भर्ती कर बिजली विभाग इसको भी जल्द सुधार कर कम कर सकता है किन्तु ऊर्जा प्रबन्धन नही चाहती सुधार।

संघर्ष समिति ने कहा कि इस एक साल के दौरान पॉवर कॉरपोरेशन प्रबन्धन बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं का लगातार उत्पीड़न कर रहा है जिससे ऊर्जा निगमों में टकराव का वातावरण बन गया है और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के चलते ऊर्जा निगमों में अघोषित आपातकाल जैसा माहौल बन गया है।

संघर्ष समिति के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी से अपील की है कि वे हस्तक्षेप कर बिजली कर्मियों पर आंदोलन के नाम पर की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस कराने की कृपा करें जिससे उनके कुशल नेतृत्व में लगातार बिजली व्यवस्था के सुधार में लगे हुए बिजली कर्मी पूरे मनोयोग के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान कर सकें।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मियों का माननीय मुख्यमंत्री जी पर पूरा विश्वास है और उनके नेतृत्व में बिजली कर्मियों ने लगातार सुधार किया है और आगे भी सुधार करने हेतु संकल्पबद्ध हैं।

संघर्ष समिति ने कहा कि उन्होंने बिजली कर्मियों का आह्वान किया है कि निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर अटेंड किया जाय और माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा उपभोक्ताओं के हित में लाई गई बिजली बिल राहत योजना 2025 में पूरा सहयोग किया जाय।

सभा को सर्वश्री ई0 एस0के0सिंह,अंकुर पाण्डेय,राजेश सिंह,हेमन्त श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह,अभिषेक शुक्ला,आशुतोष पाण्डेय,गुलशन कुमार, जे0पी0 श्रीवास्तव, आजाद कुमार,आदित्य कुमार,सुबोध श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया।