साइबर ठगों ने बीएसएफ जवान के पिता से तीन लाख चालीस हजार ठगा

साइबर ठगों ने बीएसएफ जवान के पिता से तीन लाख चालीस हजार ठगा

जयचन्द वाराणसी

वाराणसी:लोहता थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोरौती के रहने वाले बीएसएफ जवान के पिता को साइबर ठगों ने अपना शिकार बना लिया और महज आठ से नौ घण्टो के भीतर अपने चंगुल में फंसाकर तीन लाख चालीस हजार रुपये की ऑनलाइन वाटशॉप कॉल के जरिये ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक उपरोक्त गाँव निवासी पीड़ित अजय कुमार सिंह का बेटा सन्दीप कुमार सिह 32 वर्ष बीएसएफ में जवान है और उसकी वर्तमान में पीस्टिंग जयपुर राजस्थान में है।मंगलवार को मोबाईल नम्बर 9230828110 से पीड़ित के मोबाईल नम्बर 9838615591 पर दिन को 11 बजे साइबर ठगों ने ऑनलाइन वाटशॉप कॉल किया और साइबर ठगों के वाटशॉप कॉल डीपी पर एक पुलिस अधिकारी की फोटो लगी हुई थी,साइबर ठग/उपरोक्त व्यक्ति ने आनलाईन काल पर बताया कि एक रेप के मामले में तीन चार लड़को की गिरफ्तारी हुई है और एक लड़के में जो रो रहा है वह आपका फोन नम्बर दिया है कि मेरे पापा से बात कर लीजिये,यह बात सुनकर पीड़ित अजय कुमार सिंह घबड़ा गए और उसे छोड़ने की मिन्नते करने लगे उस तथाकथित पुलिस अधिकारी न छोड़ने के नाम पर फिर अन्य अधिकारियों और अधीनस्थ को देने के नाम पर पीड़ित से विभिन्न चरणों में कुल 3,40,000 (तीन लाख चालीस हजार रूपये)की ठगी कर लिया।पुत्र मोह एक ऐसा चीज है कि कोई भी चीज अपने पास रहे या न रहे लेकिन कही न कही से एडजस्ट कर उसको पूरा कर ही देता है का कहावत तब चरितार्थ हुआ जब पीड़ित ने अपने मित्रो शुभचिन्तको से उधार पैसा लेकर उनके माध्यम से आनलाइन पैसा ट्रान्सफर कराया जिन लोगों से पीड़ित ने उधार लेकर पैसा ट्रान्सफर कराया उसमे मुख्य रूप से प्रदीप कुमार कनौजिया,मनीष कुमार प्रजापति,रघु कमल मार्बल एंड टाइल्स,सूर्यमुख्ता उपाध्याय,दिलीप कुमार यादव व सुरेश कुमार यादव रहे।वही पीड़ित ने बताया कि थाना लोहता व साइबर थानों पर प्रार्थना पत्र देकर पैसा वापस कराने की माँग किया हूँ।ज्ञात हो कि पीड़ित का पुत्र संदीप कुमार सिंह बीते 13 वर्षो से बीएसएफ में तैनात है और वर्तमान में वह जयपुर में पोस्टेड है।साइबर ठगों ने पीड़ित से मंगलवार को सुबह 10 बजे से रात के 8 बजे तक के भीतर तीन लाख चालीस हजार रुपये ट्रांसफर करा लिया,पीड़ित ने बताया कि जब साइबर ठग किसी से बात कराये थे वह आवाज सेम मेरे बच्चे जैसा लगा और तो और फोन लगाने पर वह फोन काट दिया जिससे मैं धोखा में हो गया और साइबर ठगों का शिकार बन गया।