निजिकरण के विरोध के 378 वें दिन भी जारी रहा विधुतकर्मियो का प्रदर्शन
इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं श्रम संहिता के विरोध में केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने फरवरी में आम हड़ताल का लिया निर्णय : बिजली के निजीकरण के विरोध में 01 जनवरी से आंदोलन की तैयारी:जयचन्द की रिपोर्ट
INDIA NEWS REPORT
जयचन्द
निजीकरण के विरोध में लगातार चल रहे आंदोलन के आज 378 वें दिन बनारस के बिजली कर्मियों ने प्रदेश के समस्त जनपदों की भांति ही बनारस में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा। संघर्ष समिति ने कहा नियमित बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं के खाते में एक वर्ष के औषत खपत के आधार पर वर्तमान बिल में 25%क्रेडिट जोड़ने की करे व्यवस्था उन्हें भी मूलधन में क्रेडिट पाने का है पूरा अधिकार, ओ0टी0एस0 योजना में कम से कम 4किलो वाट तक उपभोक्ताओं को शामिल करना चाहिए।
वाराणसी-10दिसम्बर 2025- संघर्ष समिति के आह्वान पर निजीकरण के विरोध में आगामी 01 जनवरी से शुरू होने वाले आंदोलन की तैयारी हेतु आज व्यापक जनसंपर्क किया गया। निजीकरण के विरोध में लगातार चल रहे आंदोलन के आज 378 वें दिन बनारस के बिजली कर्मियों ने प्रदेश के समस्त जनपदों की भांति ही बनारस में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
वक्ताओ ने कहा कि संघर्ष समिति का मानना है कि नियमित बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं के खाते में एक वर्ष के औषत खपत के आधार पर उनके वर्तमान बिल में 25%क्रेडिट देने की व्यवस्था करनी चाहिए क्योंकि उन्हें भी मूलधन में क्रेडिट पाने का है पूरा अधिकार साथ ही ओ0टी0एस0 योजना में 2किलो वाट की तक कि व्यवस्था को कम से कम 4किलो वाट तक उपभोक्ताओं को शामिल करना चाहिए क्योंकि बहुत से ऐसे उपभोक्ता है जिनका विभाग ने अपने मन से लोड बढ़ाकर 1-2-3-4किलो वाट कर दिया है जबकि उनके बिलो में भी ब्याज की मात्रा ज्यादा है किंतु वर्तमान ओ0टी0एस0योजना का लाभ उनको नही मिल पा रहा है।
बिजली के निजीकरण हेतु लाए गए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं श्रम संहिता के विरोध में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने फरवरी के महीने में आम हड़ताल करने का निर्णय लिया है। उप्र में बिजली के निजीकरण के विरोध में लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शन के साथ प्रदेश भर में बिजली कर्मियों ने आगामी 01 जनवरी से शुरू होने वाले आंदोलन की तैयारी की और बिजली कर्मियों के बीच व्यापक जनसंपर्क किया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने आज बताया कि दिल्ली में कल हुई मीटिंग में देश की दस प्रमुख केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने श्रम संहिता एवं इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में और किसानों की मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के साथ मिलकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि हड़ताल की तारीख तय करने हेतु आगामी 22 दिसम्बर को केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में एटक, इंटक, सीटू, एच एम एस, ए आई यू टी यू सी, टी यू सी सी, सेवा, ए आई सी सी टी यू, एल पी एफ, यू टी यू सी के पदाधिकारी सम्मिलित थे।
संघर्ष समिति ने बताया की इसी क्रम में 14 दिसंबर को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ बिजली कर्मचारियों की नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की बैठक हो रही है जिसमें उप्र से संघर्ष समिति के संयोजक एवं आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे सम्मिलित होंगे। इस बैठक में श्रम संहिता तथा इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के विरोध के साथ उप्र में बिजली के निजीकरण के विरोध में एक साल से अधिक से चल रहे आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रव्यापी आन्दोलन चलाने पर भी चर्चा होगी।
सभा को सर्वश्री अंकुर पाण्डेय,राजेश सिंह, संदीप कुमार, हेमन्त श्रीवास्तव, अभिषेक शुक्ला,धनपाल सिंह,मनोज यादव,मनोज जैसवाल,उमेश यादव,योगेंद्र कुमार,एस0के0सरोज,आदि ने संबोधित किया।


