निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के आज लगातार 379 वें दिन भी बनारस के बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर के समस्त जनपदों की तरह ही बनारस में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा

पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में बड़े पैमाने पर पद समाप्त किए जाने और हजारों संविदा कर्मियों की छटनी से बिजली कर्मियों का गुस्सा बढ़ा : निजीकरण के विरोध में प्रांतव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी- जयचन्द वाराणसी

निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के आज लगातार 379 वें दिन भी बनारस के  बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर के समस्त जनपदों की तरह ही बनारस में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा
निजीकरण का विरोध
निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के आज लगातार 379 वें दिन भी बनारस के  बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर के समस्त जनपदों की तरह ही बनारस में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा
निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के आज लगातार 379 वें दिन भी बनारस के  बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर के समस्त जनपदों की तरह ही बनारस में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा

INDIA NEWS REPORT

जयचन्द वाराणसी

मानक के विपरीत संविदाकर्मियों की छटनी से कर्मचारियों में गुस्सा,संघर्ष समिति ने कहा तत्काल इनको रोजगार प्रदान करने की प्रबन्धन करे व्यवस्था

निजीकरण हेतु रिस्ट्रक्चरिंग कर पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में बड़े पैमाने पर पद समाप्त किए जाने और हजारों संविदा कर्मियों की छटनी से बिजली कर्मियों का गुस्सा बढ़ा : निजीकरण के विरोध में प्रांतव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी।

वाराणसी-11 दिसम्बर 2025- निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के आज लगातार 379 वें दिन भी बनारस के बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर के समस्त जनपदों की तरह ही बनारस में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

वक्ताओ ने बताया कि मानक के विपरीत ऊर्जा प्रबन्धन द्वारा संविदाकर्मियों की छटनी से बनारस सहित अन्य जिलों के संविदाकर्मियों में काफी रोष व्याप्त हो गया है जहाँ एक ओर माननीय मुख्यमंत्री जी रोजगार मेला लगाकर बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का कार्य कार्य कर रहे है वही दूसरी ओर बनारस का ऊर्जा प्रबन्धन 10हजार की नौकरी जो 10 से 20 वर्षो से बिजली बोर्ड में कर रहे है उनको रिक्त पद के विरुद्ध नियमित करने के स्थान पर मानक के विपरीत जाकर उनको हटाने का कार्य कर रहा है जिससे उनके परिवार में शोक का माहौल बना हुआ है।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि राजधानी लखनऊ के बाद अब पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले शहरों और कस्बों में वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग कर सैकड़ों की संख्या में बिजली कर्मियों के पदों को समाप्त करने का प्लान है। इसके साथ ही मनमाने ढंग से सभी मापदंडों को ताक पर रखकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में हजारों की संख्या में संविदा कर्मचारियों की छटनी की जा रही है जिससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा व्याप्त हो गया है।

बड़े पैमाने पर पदों को समाप्त करने और संविदा कर्मियों की छटनी के विरोध में आज वाराणसी और प्रयागराज में बिजली कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

संघर्ष समिति ने बताया कि यह सब निजीकरण की तैयारी है जिससे निजीकरण के बाद निजी कंपनियों को तत्काल छटनी न करनी पड़े।

इसीलिये बड़े पैमाने पर पदों को समाप्त किया जा रहा है और अत्यन्त अल्प वेतन भोगी संविदा कर्मियों को बिना किसी मापदंड के हटाया जा रहा है।

संघर्ष समिति ने बताया कि पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ आशीष गोयल ने कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पूर्वांचल में भदोही, मिर्जापुर,फतेहपुर, आजमगढ़ और मऊ में रिस्ट्रक्चरिंग करने तथा दक्षिणांचल में मथुरा और वृन्दावन में रिस्ट्रक्चरिंग करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों को हटाया जा रहा है।

संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन निजीकरण हेतु इतना उतावला हो गया है कि बिना सोचे समझे विफल हो चुकी वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग की व्यवस्था को एक एक कर पूरे प्रदेश में थोप रहा है जिसके दुष्परिणाम राजधानी लखनऊ में साफ दिख रहे हैं।

संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर नियमित पदों को समाप्त करने और बिना किसी मापदंड के 48% तक संविदा कर्मियों की छटनी करने की प्रक्रिया वापस न ली गई तो ऊर्जा निगमों में औद्योगिक शांति बिगाड़ने की सारी जिम्मेदारी पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन की होगी।

सभा को सर्वश्री ई0 मायाशंकर तिवारी,आर0के0 वाही, राजेन्द्र सिंह,ओ0पी सिंह,अंकुर पाण्डेय,संदीप कुमार, रंजीत पटेल,राजेश पटेल,राजेश सिंह,मनोज जैसवाल,रविन्द्र कुमार आदि ने संबोधित किया।