संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरोध में चल रहे लगातार आंदोलन के आज 398 वें दिन भी बनारस के बिजली कर्मियों ने जमकर प्रदर्शन किया
रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करने की कार्यवाही के विरोध में बिजली कर्मियों का फूटा गुस्सा, पॉवर कॉरपोरेशन प्रबन्धन पर कार्य का वातावरण बिगड़ने का आरोप:जयचन्द
INDIA NEWS REPORT
जयचन्द
वाराणसी-30 दिसम्बर 2025- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले बिजली के निजीकरण के विरोध में चल रहे लगातार आंदोलन के आज 398 वें दिन भी बनारस के बिजली कर्मियों ने जमकर प्रदर्शन किए।
वक्ताओ ने आरोप लगाया है कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने 25 नवम्बर 2024 को निजीकरण का ऐलान कर बिजली कर्मियों को संघर्ष के पथ पर जाने को मजबूर कर दिया। अब बिजली कर्मियों को विगत 47 साल से मिल रही रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करने हेतु दबाव और प्रतिकूल कार्यवाही की धमकी देकर प्रबंधन ने ऊर्जा निगमों में कार्य का वातावरण पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
संघर्ष समिति के आह्वान पर आज बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और जबरिया स्मार्ट मीटर लगाने के पॉवर कारपोरेशन के 22 दिसम्बर के आदेश की होली जलाई।
संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन निजीकरण के नाम पर लगातार बिजली कर्मियों पर उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां कर रहा है। रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करना एक शुरुआत है। पॉवर कॉरपोरेशन प्रबन्धन बिजली कर्मियों की 24 घंटे की इमरजेंसी ड्यूटी के चलते बिजली कर्मियों का विशेष स्टेटस समाप्त करना चाहता है।
संघर्ष समिति ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार का हर विभाग अपने कर्मचारियों को विभाग की सुविधाएं देता है। इसी के तहत रियायती बिजली की सुविधा मिल रही है जो इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट एक्ट 1999, ट्रांसफर स्कीम 2000 और इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 द्वारा संरक्षित है।
संघर्ष समिति ने कहा कि आज रियायती बिजली की सुविधा छीनी जा रही है। अगला कदम बिजली कर्मियों को मिल रहे टाइम स्केल से छेड़छाड़ करने का और इमरजेंसी ड्यूटी के कारण मिल रहे कई भत्तों को समाप्त करने की पॉवर कॉरपोरेशन की तैयारी है।
सभा को सर्वश्री ई0 मायाशंकर तिवारी, ई0 एस0के0सिंह,जयप्रकाश, रंजीत पटेल,मदन श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह,अरुण कुमार,रमेश कुमार,प्रवीण सिंह,अरविंद कौशनन्दन आदि ने संबोधित किया।


