रन-फार अम्बेडकर (RUN-FOR AMBEDKAR) कार्यक्रम का वाराणसी में हुआ आयोजन

वाराणसी में आयोजित हुआ रन-फार अम्बेडकर पद यात्रा डॉ० अम्बेडकर स्मारक कचहरी से प्रारम्भ होकर जे०पी० मेहता, भीमनगर, पुरानी चुंगी, गिलट बाजार, अर्दली बाजार, पुलिस लाईन चौराहे से पुनः डॉ० अम्बेडकर स्मारक कचहरी पर समाप्त हुई :जयचन्द

रन-फार अम्बेडकर (RUN-FOR AMBEDKAR) कार्यक्रम का वाराणसी में हुआ आयोजन
वाराणसी रन-फार अम्बेडकर पद यात्रा
रन-फार अम्बेडकर (RUN-FOR AMBEDKAR) कार्यक्रम का वाराणसी में हुआ आयोजन

Jaychand

INDIA NEWS REPORT

11 April 2024,Thursday

Varanasi:विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जयन्ती माह एवं ज्योतिबा फूले जयन्ती के अवसर पर डॉ० अम्बेडकर स्मारक कचहरी, वाराणसी पर रन-फार अम्बेडकर कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति' कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन (ABAJKA) नई दिल्ली इकाई, वाराणसी, बहुजन बोधि समाज संघर्ष समिति (BBS3) वाराणसी एवं आल इण्डिया डॉ० अम्बेडकर स्टूडेन्ट एसोसिएशन (AIDASA) वाराणसी द्वारा प्रातः 10:00 बजे से सायं 08:00 बजे तक किया गया।

 कार्यक्रम की शुरूआत करूणा के सागर तथागत सम्यक सम्बुद्ध के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजली, परमपूज्य बोधि सत्व बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर एवं महामना ज्योतिबा फूले की प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण उपरान्त बुद्ध नमस्कार, त्रिसरण एवं पंचशील के साथ हुआ।

 कार्यक्रम के उद्घाटक लंदन से पधारे बुद्ध रत्न परम आदरणीय एम०एस० बहल, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक (BBS3), ने उद्घाटन भाषण से लोगो को अत्यन्त प्रभावित किया। आपने भारत देश की 18वीं सदी में दूर्दशा का चित्रण करते हुए कहा कि ज्योतिबा फूले से पूर्व बहुजन समाज गुमनामी, गुलामी एवं अंधेरे का जीवन यापन कर रहा था। आपने सामाजिक क्रान्ति एवं शिक्षा की क्रान्ति द्वारा देश में नये युग का प्रारम्भ किया। अगर ज्योतिबा न आते तो सायद बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर इतना बड़ा आन्दोलन चला पाते। आदरणीय बहल सर ने बाबा साहेब के प्रति सच्ची कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि मैं बाबा साहेब के ऋण चुकता करने हेतु वाराणसी एवं भारत में आता रहता हूँ।

 मुख्य अतिथि  सुबचन प्रधान आयकर आयुक्त (से०नि०), में ज्योतिबा फूले को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमें अपनी पीढ़ियों को इतिहास बताना होगा क्योंकि जो समाज अपना इतिहास नही जानता वो अपना भविष्य नही बना सकता। आपने आगे कहा कि बाबा साहेब के मिशन पर काम करने से ही समता, स्वतंत्रता, न्याय एवं बंधुत्व का शासन कायम होगा।

मुख्य वक्ता मिशन नायक  बुद्ध मित्र मुसाफिर-IRS राष्ट्रीय अध्यक्ष (ABAJKA) ने कहा कि ज्योतिबा फूले का समाज में अतुलनीय योगदान है, वे एक महान सामाजिक क्रान्तिकारी थे। बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आपने उनके संघर्षो को याद दिलाया और गोम मेज सम्मेलन 1930, 1931 एवं 1932 लंदन के घटनाक्रम का विस्तार से विवरण किया और बताया कि किस तरह परम पूज्य बोधि सत्व बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर ने ब्रिटिश सत्ता के सामने यह साबित किया कि बहुजन समाज हिन्दू नहीं है और इसी आधार पर प्रतिनिधित्व (आरक्षण) का अधिकार प्राप्त किया और उन्ही अधिकारों के फलस्वरूप बहुजन समाज के लोग चपरासी से लेकर डी.एम. तथा प्रधान से लेकर सी.एम., पी.एम. तक बने।

   विशिष्ट वक्ता के रूप में अशोक कुमार प्रबुद्ध-राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रांतीय अध्यक्ष, उ०प्र० ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए निरन्तर बाबा साहेब के मिशन को आगे बढ़ाने का अह्वाहन किया।

 ABAJKA ने सभी को इतना अच्छा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए साधुवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि निश्चित रूप से बाबा साहेब का कारवां इस देश में परिवर्तन लायेगा।

 कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में प्रमुख रूप से सत्य प्रकाश बौद्ध, मनोज वर्मा-लखनऊ, शिव कुमार प्रियदर्शी, संजय कुमार, अयोध्या खुशदिल इत्यादि मऊ, प्रमोद कुमार, संजय कुमार, इं० शिवमूरत इत्यादि आजमगढ़, धनंजय कुमार, नन्दू प्रसाद, डॉ० प्रभाकर प्रसाद इत्यादि, गाजीपुर शेषमणि गौतम, बांके बौद्ध, सुदर्शन इत्यादि मिर्जापुर, रविकुमार, महेन्द्र कुमार, विनोद कुमार, संजीत कुमार इत्यादि चन्दौली, रहे।

 उपरोक्त अवसर पर रन-फार अम्बेडकर पद यात्रा डॉ० अम्बेडकर स्मारक कचहरी से प्रारम्भ होकर जे०पी० मेहता, भीमनगर, पुरानी चुंगी, गिलट बाजार, अर्दली बाजार, पुलिस लाईन चौराहे से पुनः डॉ० अम्बेडकर स्मारक कचहरी पर समाप्त हुई।

उपरोक्त अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन जैसे-सामान्य ज्ञान, भाषण, गीत-संगीत एवं नृत्य / डांस प्रतियोगिता सम्पन्न हुई और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम की स्वागताध्यक्ष श्रद्धेया उषा शास्त्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष (BBS3) एवं कार्यक्रम प्रभारी श्रद्धेया नीलम बौद्ध-राष्ट्रीय कार्यकारी महासचिव (ABAJKA) रहीं।

 उपरोक्त कार्यक्रम के संयोजक डॉ० प्रेम सागर, सुबाष चन्द्र बोस, विजय कुमार राव, गोपाल प्रबुद्ध, प्रवीण कुमार, प्रसून जोशी, संघ दर्शन, राजेश अनीता, कपिल देव, निर्मला बौद्ध, माला सागर, सीमा बौद्ध, ओमकार नाथ शास्त्री, आशीष कुमार, सम्यक, एकता कश्यप, कुंवरजीत इलाहाबादी, रामचन्दर, विजय बहादुर, विरेन्द्र, दिनेश कुमार, ओम प्रकाश, नन्दलाल, सुनील कुमार इत्यादि रहें।