काशी विश्वनाथ धाम के विकास को 100 करोड़ का बजट, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

उत्तर प्रदेश सरकार ने बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में भक्तों की सुविधाओं और पर्यटन विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस फंड से घाटों के आसपास बुनियादी सुविधाओं का उन्नयन, यातायात प्रबंधन, साइनेज सिस्टम, पर्यटन सूचना केंद्र, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। पर्यटन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता के अनुसार, इस बजट से वाराणसी और विंध्याचल के बीच धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दोनों शहरों के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। टूर ऑपरेटर सुधांशु सक्सेना ने बताया कि विंध्य कॉरिडोर और श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बीच सीधा जुड़ाव लंबे समय से मांग में था। बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं से होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को लाभ मिलेगा तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे वाराणसी एक व्यवस्थित और आधुनिक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा।

काशी विश्वनाथ धाम के विकास को 100 करोड़ का बजट, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

Varanasi News

UP Budget 2026 in Varanasi 100 crore for tourism for kashi vishwanath Dham
Kashi Vishwanath Dham

विस्तार

बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के दरबार के बीच भक्तों की पहुंच सुगम और सहूलियत, सुविधाएं विकसित करने के लिए यूपी सरकार ने 100-100 करोड़ का बजट आवंटित किया है। इस बूस्टर डोज से पर्यटन सेक्टर को और अधिक उड़ान मिलेगी। इसके साथ ही चित्रकूट, अयोध्या और प्रयागराज का जुड़ाव भी आसान होगा।

टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि पर्यटन पर उत्तर प्रदेश सरकार का विशेष जोर है। वाराणसी को 100 करोड़ के आवंटन से वाराणसी में पर्यटन सुविधाएं और विकसित होंगी। अभी तक काशी आने वाले पर्यटकों में 20 से 30 फीसदी ही पर्यटक विंध्याचल जाते हैं। बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ से विंध्याचल पहुंचने वाले पर्यटकों में 10 प्रतिशत ही काशी आते हैं। बेहतर सुविधाएं, कनेक्टिविटी होने की वजह से दोनों शहरों के बीच धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 
टूर ऑपरेटर सुधांशु सक्सेना ने बताया कि पिछले कई साल से यह मांग में शामिल थी कि विंध्य कॉरिडोर और श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बीच सीधा जुड़ाव हो। बजट आवंटन से निश्चित तौर पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और व्यापार, उद्योग समेत परिवहन सुविधाओं में इजाफा होगा। रोजगार की दृष्टि से भी देखें तो बेहतर है। 

संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार ने बताया कि वाराणसी में प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये की राशि से घाटों के आसपास सुविधाओं का उन्नयन, यातायात प्रबंधन, साइनेज सिस्टम, पर्यटन सूचना केंद्र, स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को बेहतर किया जाएगा। इससे शहर की छवि एक व्यवस्थित और आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगी। होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।