भदोही:दहेज के मुकदमे में देवर एवं विवाहित ननद पर चार्जशीट लगाने के मामले में जांच अधिकारी पर विभागीय जांच का आदेश
दहेज के मुकदमे में देवर एवं विवाहित ननद पर चार्जशीट लगाने के मामले में जांच अधिकारी पर विभागीय जांच का आदेश,मामला ज्ञानपुर भदोही का :जगदीश शुक्ला की रिपोर्ट
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जगदीश शुक्ला डेस्क
उच्च न्यायालय इलाहाबाद खबर :दहेज के मुकदमे में देवर एवं विवाहित ननद पर चार्जशीट लगाने के मामले में जांच अधिकारी पर विभागीय जांच का आदेश--- मामला महिला थाना ज्ञानपुर जिला- भदोही का है । दीपा तिवारी पुत्री त्रिभुवन तिवारी निवासी ग्राम-परगासपुर , जिला- भदोही ने पति समेत परिवार के सात सदस्यों पर दहेज उत्पीड़न का केस दिनांक 05/04/24 को दर्ज कराया था। मामले की जांच अधिकारी गीता राय ने जांच के बाद परिवार के आठ समस्त सदस्यों पर चार्ज शीट लगायी थी। जिससे व्यथित होकर याचिकाकर्ता अंकित कुमार दुबे एवं अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दाख़िल की थी। कोर्ट में याचिकाकर्ता के वक़ील जयंत कुमार ने याचीगणों का पक्ष रखा। पूर्व में कोर्ट ने अपने आदेश दिनांक 12/9/24 के द्वारा एसपी भदोही का शपथपत्र मांगा गया था एवं जांच अधिकारी को कोर्ट में तलब किया था। इसके उपरान्त एसपी भदोही के द्वारा कोर्ट में दाखिल शपथपत्र से असंतुष्ट होकर कोर्ट ने एसपी को कोर्ट में तलब किया था। मामले की अगली सुनवाई 23/10/24 को एसपी भदोही ने कोर्ट में उपस्थित होकर पुनः अपना शपथपत्र दाख़िल कर कोर्ट को बताया की उन्होंने ने मामले में अग्रिम विवेचना का आदेश पारित कर जांच अधिकारी के लिये विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।एसपी ने कोर्ट को यह भी भरोसा दिलाया की वह भविष्य में इस बात का ध्यान रखेगीं की अपने जूनियर अधिकारियों की ट्रेनिंग में इस बात को शामिल करेगी कि जांच में उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन हो। इस बात का आश्वासन गवर्मेंट एडवोकेट (G.A.) ए. के. सैंड ने उच्च न्यायालय को दिया है। याचिकाकर्ता ने वक़ील जयंत कुमार के तर्कों से उच्च न्यायालय ने पूर्ण सहमति जताई। माननीय उच्च न्यायालय ने यह भी आदेश पारित किया कि अग्रिम विवेचना के दौरान याचीगणों के खिलाफ कोई उत्पीड़न की कार्यवाही न की जाये।


