Maharashtra : वडगांव बुद्रुक, Navale ब्रिज ,पुणे की घटना है जहां नवले ब्रिज के नीचे एक ट्रैफिक पुलिस का छोटा सा कमरा है यानी ऑफिस उसी ऑफिस में होता है गजब के कारनामे, मामला यह है कि उस ब्रिज के नीचे ट्रैफिक पुलिसकर्मी खड़े होते हैं और उस रास्ते से गुजरने वाली जो भी गाड़ियां ट्रैफिक रूल्स तोड़ती है उनको यह पुलिसकर्मी पकड़ लेते हैं फिर कुछ बात करते हैं बात करते-करते उस ड्राइवर को ऑफिस में बुलाते हैं फिर शुरू होता है खेल इस खेल में ट्रैफिक पुलिस से मीटिंग होती है और फिर बिना चालान काटे गाड़ी वालों को छोड़ दिया जाता है |अब आप समझ गए होंगे कि उस मीटिंग में क्या डील होता है, आमतौर पर का चालान काटना के लिए ऑफिस में बैठा कर मीटिंग करने की जरूरत तो नहीं होती | ऑनलाइन चालान काटे और बाकी का काम हो जाएगा ऐसा होता है मगर यहां खेल उल्टा है, अगर आपको भी इस बात की सत्यता की जांच करनी हो तो एक -डेढ़ घंटे उस Navale ब्रिज के नीचे खड़े हो जाइए हकीकत आपको पता लग जाएगा,सवाल यह उठता है कि बड़े अधिकारियों को जानकारी नहीं है क्या ? उस जगह पर सीसीटीवी कैमरा नहीं है क्या ? इस जगह पर जो मौजूदा कर्मचारी है उनकी आय की संपत्ति की जांच नहीं होगी क्या? मतलब यह निकल कर सामने आता है की गाड़ी की लाइसेंस हो या ना हो गाड़ी की प्रदूषण हो या ना हो ड्राइविंग लाइसेंस हो या ना हो इन सभी बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता है सिर्फ आप ट्रैफिक पुलिसकर्मी से उनके ऑफिस में मीटिंग करिए और पूरे शहर में मस्त गाड़ी चलाइए| अब देखने वाली बात यह होगी कि पुणे के कैप्टन यानी कि जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक इन घटनाओं को कैसे संज्ञान में लेते हैं |