काशी हिन्दू विश्विद्यालय के कला संकाय में छात्र प्रेरण कार्यक्रम का हुआ आगाज़
वाराणसी स्तिथ काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ,महामना की बगिया के कला संकाय में 3 दिवसीय छात्र प्रेरण कार्यक्रम की हुई सुरुआत :जगदीश शुक्ला
जगदीश शुक्ला
आज दिनांक 18 अक्टूबर से आने वाले तीन दिनों के लिये क्रमशः 18,19 व 20 अक्टूबर 2023 में कला संकाय के छात्र सलाहकार डॉ बिनायक कुमार दुबे के द्वारा छात्र प्रेरण कार्यक्रम (Student Induction Program) का शुभारम्भ हुआ। ज्ञात हो कि Student Induction Program विश्वविद्यालय अनुदान आयोग/ शिक्षा मंत्रालय के वर्ष 2018 के अंतर्गत अनिवार्य रूप से करवाया जाने वाला कार्यक्रम है जिसके अंतर्गत नवागन्तुक /नवनामांकित छात्रों को विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाली सुविधाओं जैसे- स्वास्थ्य, NCC, NSS, छात्रवृतियाँ, रैंगिंग से सम्बंधित समस्याओं पर छात्रों से सीधे संवाद करके उनकी समस्याओं पर चर्चा की जाती है। इस तरह का कार्यक्रम पहली बार कला संकाय में आयोजित हुआ है। यह आने वाले कार्यक्रमों की कड़ी का पहला चरण है।
विश्वविद्द्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार कला संकाय के प्रेक्षागृह में आयोजित आज के कार्यक्रम में प्रो अनुपम नेमा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, संकाय प्रमुख के प्रतिनिधि डॉ शारतेन्दु त्रिपाठी, डॉ. प्रवीण राणा, डॉ अर्चना शर्मा, डॉ रत्न शंकर मिश्रा, डॉ सचिन कुमार तिवारी, डॉ माधवी लता ,अंग्रेजी विभाग ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय एवं संकाय में उपलब्ध छात्रोपयोगी सुविधाओं पर प्रकाश डाला।
प्रो अनुपम नेमा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की तरफ से दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किये जाने वाले छात्रवृति, पढ़ते-पढ़ते विश्वविद्यालय में काम करते करते सैलरी एवं अनुभव प्राप्त करने का अवसर। छात्रों को लाभान्वित करने हेतु विश्वविद्यालय द्वारा दिया जाने वाले सभी अवसरों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया। डॉ. प्रवीण राणा, पर्यटन विभाग के द्वारा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय एवं प्राचीन काशी नगरी के मध्य अटूट सम्बन्ध पर प्रकाश डालते हुए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का इतिहास बताया। संकाय प्रमुख के प्रतिनिधि डॉ शारतेन्दु त्रिपाठी, संस्कृत विभाग ने महामना मालवीय जी के आदर्शों एवं विश्वविद्यालय के प्रति योजनाओं के साकार करने सम्बन्धी कदमों पर प्रकाश डालते हुए महामना का विद्यार्थियों से अपेक्षा पर ध्यानाकर्षण कराया। डॉ अर्चना शर्मा, प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग ने रैगिंग से सबंधित नियमों एवं समिति की चर्चा। उन्होंने बताया की रैगिंग पीड़ित विद्यार्थी कैसे और किनकों संपर्क करके अपनी समस्या बता सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के विद्यार्थी श्री हिमांशु त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा डॉ बिनायक दुबे एवं संकाय प्रमुख प्रो एस के मिश्र ने किया।


