पत्नी व ससुराल वालों के मानसिक प्रताड़ना से तंग सिपाही ने लगाई फांसी

साल 2011 बैच का सिपाही ओंकार पटेल 32 वर्ष ने पत्नी व ससुराल पक्ष के मानसिक प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर अवकाश पर घर आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया सिपाही ओंकार पटेल के पास से सुसाइड नोट भी प्राप्त हुआ है स्थानीय प्रशासन जांच में जुटी:चंदन पाण्डेय की रिपोर्ट

पत्नी व ससुराल वालों के मानसिक प्रताड़ना से तंग सिपाही ने लगाई फांसी
प्रतीकात्मक तस्वीर

INDIA NEWS REPORT

-चंदन पाण्डेय (डेस्क)

 उत्तरप्रदेश भटपुरवा (चोलापुर) निवासी 32 वर्षीय सिपाही ओंकार पटेल का शव सुबह उसके कमरे में फंदे से लटका मिला. वह आजमगढ़ डीआईजी आफिस में तैनात था। 25 को अवकाश लेकर घर आया था।

कमरे से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पत्नी ज्योति पटेल और सास-ससुर पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए जान देने की बात कही है।

साल 2011 बैच का सिपाही ओंकार पटेल बलिया में तैनात था. परिजनों के अनुसार रात खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया. सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने आवाज लगाई. कोई जवाब नहीं मिलने पर खिड़की से झांका तो वह फंदे से लटका मिला. सूचना पर फॉरेंसिक टीम के साथ चोलापुर पुलिस पहुंची. शव फंदे से उतरवाकर कब्जे में ले लिया. कमरे से सुसाइड नोट मिला. चोलापुर थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में पत्नी ज्योति पटेल, सास और ससुर से मानसिक रूप से परेशान होने की बात लिखी है. लिखा है कि पत्नी उसकी कोई बात नहीं मानती है. सास-ससुर उकसाते हैं. इससे वह आजिज आ चुका है. बताया कि पिता रामलखन पटेल की तहरीर पर बड़ालालपुर (चांदमारी) निवासी ज्योति पटेल, सास कुसुम देवी, ससुर जयप्रकाश पटेल पर आत्महत्या के लिए उकसाने करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है. घटना के समय ज्योति पटेल मायके में थी।

कई बार हुआ समझौता, नहीं बदला पत्नी का व्यवहार

सिपाही की शादी दो साल पहले हुई थी. परिजनों के अनुसार उसकी पत्नी ज्योति पटेल ज्यादातर अपने मायके में ही रहती थी. सास-ससुर विदाई नहीं कर रहे थे. सिपाही ने सुसाइड नोट में लिखा है कि कई बार समझौते के बाद भी पत्नी के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ. इससे वह आजिज आ चुका था. चोलापुर थानाप्रभारी ने बताया कि सुसाइड नोट में सिपाही ने यह भी लिखा है कि उसकी मौत के बाद सरकारी सुविधाओं का लाभ उसकी पत्नी को न मिले. न ही उससे कोई शादी करें. ओंकार पटेल का छोटा भाई ओमप्रकाश पटेल भी संत कबीरनगर में आरक्षी है।