उत्तर प्रदेश के सहारनपुर हत्याकांड: तीन बच्चों की चिता भी ठंडी ना हुई थी माँ ने भी तोड़ दम,17 वर्ष पूर्व योगेश की माँ का श्राप सच साबित हुआ

'तुझे पानी देने वाला कोई न रहेगा' नेहा के मौसा राजपाल ने बताया कि 17 साल पहले जब योगेश के माता-पिता और तीन बहनों की जहरीले पदार्थ से मौत हो गई थी, तब तड़पते हुए योगेश की मां ने कहा था कि इस हवेली में तू अकेला ही रहे, तुझे पानी देने वाला भी कोई न रहेगा। तुझे कहीं भी शांति नहीं मिलेगी। दोनों बहनें मां की इन बातों को याद कर बिलख रहीं थीं: जयचन्द की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर हत्याकांड: तीन बच्चों की चिता भी ठंडी ना हुई थी माँ ने भी तोड़ दम,17 वर्ष पूर्व योगेश की माँ का श्राप सच साबित हुआ
आरोपी कथित भाजपा नेता योगेश जिसने पत्नी सहित तीन मासूमो को दी मौत
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर हत्याकांड: तीन बच्चों की चिता भी ठंडी ना हुई थी माँ ने भी तोड़ दम,17 वर्ष पूर्व योगेश की माँ का श्राप सच साबित हुआ
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर हत्याकांड: तीन बच्चों की चिता भी ठंडी ना हुई थी माँ ने भी तोड़ दम,17 वर्ष पूर्व योगेश की माँ का श्राप सच साबित हुआ

INDIA NEWS REPORT

जयचन्द

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित सांगाठेड़ा गांव में तीन बच्चों की मौत के बाद आखिरकार मां नेहा रोहिला ने भी दम तोड़ दिया। नेहा का चंडीगढ़ के अस्पताल में इलाज चल रहा था। शनिवार दोपहर कथित भाजपा नेता योगेश रोहिला ने शक और गुस्से में अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के सिर में गोलियां दाग दी थीं। उसकी बेटी श्रद्धा (8), बेटे देवांश (7) और शिवांश (4) की मौत हो गई थी, जबकि नेहा को जिला अस्पताल से गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया था। परिजनों ने उसे चंडीगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की। उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था और उसकी हालत स्थिर बनी हुई थी। 51 घंटे तक मौत से जूझने के बाद सोमवार शाम नेहा भी इस दुनिया को अलविदा कह गई।

मां ने दिया था 17 साल पहले श्राप

वारदात के बाद जब रविवार को योगेश की बहनें घर आईं थीं तो बार-बार चिल्लाकर कह रहीं थीं कि 17 साल पहले तड़पती हुई मां ने जो श्राप दिया था वह सच हो गया। मां ने कहा था कि बिल्लू (योगेश के घर का नाम) तुझे कभी शांति और सुख नहीं मिलेगा। 17 साल बाद योगेश के कुंठित दिमाग ने वह सच कर दिया। श्रद्धा, देवांश और शिवांश के शवों को देखकर उनकी बुआ सीमा और गुड्डी बार-बार बेहोश हो रही थीं। वह बार-बार कह रही थीं कि योगेश ने अपने अंहकार व शक में घर के चिरागों को बुझा दिया है।

"तुझे पानी देने वाला कोई न रहेगा"

नेहा के मौसा राजपाल ने बताया कि 17 साल पहले जब योगेश के माता-पिता और तीन बहनों की जहरीले पदार्थ से मौत हो गई थी, तब तड़पते हुए योगेश की मां ने कहा था कि इस हवेली में तू अकेला ही रहे, तुझे पानी देने वाला भी कोई न रहेगा। तुझे कहीं भी शांति नहीं मिलेगी। दोनों बहनें मां की इन बातों को याद कर बिलख रहीं थीं।

कई दिनों से साजिश रच रहा था योगेश

पत्नी और तीन बच्चों को मौत के घाट उतारने वाला आरोपी योगेश पिछले कई दिनों से साजिश रच रहा था। वह खुद को मानसिक रूप से बीमार दिखाने की भी कोशिश कर रहा था। ग्रामीणों को बताया था कि वह सहारनपुर में किसी डॉक्टर के पास भी गया। जब उससे डॉक्टर का नाम पता पूछा गया तो वह इधर-उधर देखने लगा। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस, चार खोखे और एक कारतूस नाल में फंसा हुआ बरामद किया। सवाल यह है कि योगेश के पास लाइसेंसी पिस्टल थी, लेकिन इतनी संख्या में कारतूस क्यों रखे हुए थे। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही उसने कारतूस खरीदे थे।

खुद को दिखाता था मानसिक रूप से बीमार

आसपास के लोगों ने बताया कि वह खुद को इस तरह दर्शाता था जैसे मानसिक रूप से बीमार हो। उसके साथ अन्याय हो रहा हो। ग्रामीणों की मानें तो वह कुछ दिन पहले सहारनपुर में एक मानसिक रोग विशेषज्ञ के पास भी गया था। हालांकि जब उससे पर्चा मांगा गया था तो वह नहीं दिखा सका। यहां तक कि डॉक्टर का नाम और पता भी नहीं बता पाया। इन सभी तथ्यों को जोड़कर देखा जाए तो उसकी साजिश सामने आ रही है।

पत्नी पर शक करता था योगेश

सांगाठेड़ा में योगेश और उसकी पत्नी नेहा के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इसके चलते कई बार झगड़े भी हुए और मायके पक्ष से लेकर योगेश के परिवार के लोगों को बीच में आना पड़ा। करीब 15 दिन पहले योगेश ने नेहा और तीनों बच्चों को घर से निकाल दिया था। सहारनपुर निवासी साढ़ू नवीन राय ने बताया कि योगेश अपनी पत्नी पर शक करता था। इसे लेकर ही विवाद था।

पुल के नीचे फेंक आया था नेहा का सामान

जिस दिन योगेश ने नेहा और बच्चों को घर से निकाला था, उसी दिन उसने नेहा के कपड़े, जेवर और अन्य सामान एक पोटली में बांधा और उसे गंगोह-नानौता मार्ग स्थित काठा पुल से नीचे फेंक दिया। जब ग्रामीणों ने पुल के नीचे पड़ी पोटली देखी, तो उन्होंने इसे किसी तांत्रिक क्रिया से जुड़ा समझकर हंगामा कर दिया। कई लोग वहां इकट्ठा हो गए और तरह-तरह की आशंकाएं जताने लगे, लेकिन जब यह सामने आया कि पोटली में पड़ा सामान योगेश की पत्नी का है तो ग्रामीणों ने उसे बाहर निकालकर धोया और वापस घर भिजवा दिया था।

योगेश बेहद शातिर और दबंग प्रवृत्ति का

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अदालत से उसकी जल्द रिहाई की आशंका सता रही है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सलीम अख्तर सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि योगेश बेहद शातिर और दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उन्होंने खुलासा किया कि योगेश ने गांव के ही मुकेश कुमार, बिल्लू मिस्त्री, शैलेंद्र सिंह, मांगेराम, इकबाल, नीतू, अंकित कुमार, जबर सिंह सहित कई लोगों पर मुकदमे दर्ज कराए हैं।